4K मूर्ख मुस्कान वॉलपेपर
4.0मनमुताबिक बनानाअपडेट किया गया 7 अक्टूबर 2026

स्क्रीनशॉट








खूबियाँ
- 4K रिज़ॉल्यूशन में वॉलपेपर बड़ी स्क्रीन पर भी स्पष्ट दिखते हैं।
- मज़ेदार मुस्कान वाली तस्वीरें फ़ोन को चंचल लुक देती हैं।
- अलग-अलग डिज़ाइन के कारण पसंद के मुताबिक वॉलपेपर चुनना आसान है।
- लॉक स्क्रीन और होम स्क्रीन को नया रूप देने के लिए उपयोगी।
- हल्के-फुल्के चित्र मूड को खुशनुमा बनाने में मदद कर सकते हैं।
कमियाँ
- कुछ तस्वीरें हर स्क्रीन के अनुपात में सही तरह फिट नहीं हो सकतीं।
- 4K इमेज डाउनलोड करने पर मोबाइल डेटा अधिक खर्च हो सकता है।
- वॉलपेपर की गुणवत्ता डिवाइस की स्क्रीन और रिज़ॉल्यूशन पर निर्भर करती है।
- ऐप में विज्ञापन हों तो ब्राउज़िंग का अनुभव बाधित हो सकता है।
- मूर्खतापूर्ण मुस्कान वाला सीमित विषय हर उपयोगकर्ता को पसंद नहीं आएगा।
विश्लेषणकर्ता Mobexer
किसी छोटे बदलाव से फोन का रोज़ का मूड बदलना हो, तो इस ऐप को आजमाने का सबसे अच्छा तरीका है इसे पहले सिर्फ लॉक स्क्रीन पर लगाना। मैं शुरुआत में ही होम स्क्रीन बदलने के बजाय कुछ समय वास्तविक इस्तेमाल करके देखूंगा: क्या मुस्कान समय और सूचनाओं के पास साफ दिखती है, और क्या उसे बार-बार देखकर अब भी मजा आता है? यह आसान परीक्षण बताता है कि मजाक आपके लिए रोजमर्रा की सजावट है या बस थोड़ी देर का नया आकर्षण।
अपनी स्क्रीन के हिसाब से चुनें, सिर्फ तस्वीर के हिसाब से नहीं
ऐसे वॉलपेपर में चेहरा अच्छा दिखना काफी नहीं; उसे फोन के लेआउट के साथ भी निभाना चाहिए। अगर लॉक स्क्रीन पर घड़ी ऊपर रहती है, तो आंखें या माथा वहीं ढक सकता है। होम स्क्रीन पर कई आइकन हों तो मुस्कान का अहम हिस्सा उनके नीचे जा सकता है। इसलिए सेट करने के बाद फोन लॉक करके और फिर सामान्य ढंग से अनलॉक करके दोनों दृश्य देखना उपयोगी है। अच्छा चुनाव वही है जो स्क्रीन पर साफ भी रहे और इस्तेमाल के बीच ध्यान न भटकाए।
यह उन लोगों के लिए खास तौर पर ठीक बैठ सकता है जो फोन को अपनी पसंद के मुताबिक सजाते हैं, लेकिन पूरी थीम बदलने का समय नहीं निकालना चाहते। इसके उलट, काम के फोन पर शांत और औपचारिक रूप जरूरी हो, या आप पढ़ने में अधिकतम स्पष्टता चाहते हों, तो निजी फोटो या साधारण बैकग्राउंड बेहतर रहेगा। मजेदार चेहरा तभी सफल है जब वह आपकी परिस्थिति से मेल खाए—सिर्फ इसलिए नहीं कि वह अलग दिखता है।
छोटी आदतें जो बदलाव को सहज बनाती हैं
मैं वॉलपेपर बदलने को रोज की रस्म नहीं बनाऊंगा। जब स्क्रीन सचमुच पुरानी लगे या किसी अनौपचारिक मौके के लिए फोन को नया रूप देना हो, तभी बदलाव करें। पहले तय करें कि तस्वीर किस स्क्रीन पर जाएगी, फिर आइकन और घड़ी की जगह देखें, और आखिर में वास्तविक लॉक स्क्रीन पर परिणाम जांचें। यह दोहराने योग्य क्रम जल्दबाजी में गलत विकल्प लगाने से बचाता है और बेवजह बार-बार बदलने की इच्छा भी कम करता है।
किसी और के लिए फोन सजाते समय भी यही सावधानी काम आती है: पहले पूछें कि उन्हें ऐसा हास्य पसंद है या नहीं। मेज पर रखा फोन दोस्तों के बीच हल्का मजाक बन सकता है, पर सामने वाले को वही चेहरा बचकाना लग सकता है। और यदि लॉक स्क्रीन पर संदेश दिखते हैं, तो याद रखें कि मजेदार वॉलपेपर निजी सूचनाओं की सुरक्षा का विकल्प नहीं है।
अगर आप किसी खास दिन के लिए इसे लगाते हैं, तो पहले से परीक्षण कर लें। उदाहरण के लिए, दोस्तों से मिलने से पहले लॉक स्क्रीन पर चेहरा रखकर देखें कि समय या सूचनाएं उसे ढक तो नहीं रहीं। इससे मौके पर फोन की सेटिंग में उलझना नहीं पड़ेगा। यदि परिणाम पसंद न आए, तो अपने सामान्य बैकग्राउंड पर लौटना भी उतना ही ठीक है—इस तरह ऐप को स्थायी बदलाव की तरह नहीं, जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर आप हर बार फोन खोलते ही किसी गंभीर, साफ-सुथरी तस्वीर के बजाय एक अजीब-सी मुस्कान देखना चाहते हैं, तो 4K मूर्ख मुस्कान वॉलपेपर उसी हल्के-फुल्के मूड के लिए बना है। इसका विचार सीधा है: फोन की स्क्रीन पर मजेदार चेहरे को वॉलपेपर बनाना, खासकर लॉक स्क्रीन पर। मेरी नजर में इसकी खूबी किसी बड़े फीचर-समूह में नहीं, बल्कि छोटे-से निजी मजाक को रोजमर्रा के फोन इस्तेमाल में शामिल करने में है। यह उन लोगों के लिए है जिन्हें फोन की दिखावट बदलना पसंद है और जो वॉलपेपर को गंभीर सजावट की बजाय बातचीत शुरू कराने वाली चीज मानते हैं।
ताज़ा ख़बरें
पहली बार लगाने से लेकर रोज इस्तेमाल तक
वॉलपेपर चुनने का सरल तरीका
ऐसे ऐप का सबसे अच्छा उपयोग तब है जब आप पहले तय कर लें कि तस्वीर किस स्क्रीन पर चाहिए। लॉक स्क्रीन पर कोई मजेदार चेहरा फोन उठाते ही दिखता है, जबकि होम स्क्रीन पर वही चित्र ऐप आइकन और विजेट के पीछे लगातार नजर आता है। मैं पहले लॉक स्क्रीन के लिए इसे आजमाने की सलाह दूंगा: इससे स्क्रीन का मूड बदलता है, लेकिन होम स्क्रीन पर रोज के काम में बाधा पड़ने की संभावना कम रहती है।
वॉलपेपर लगाने से पहले अपने फोन की स्क्रीन पर समय, सूचनाओं और आइकनों की जगह देख लें। किसी चेहरे की आंखें या मुस्कान घड़ी के नीचे दब जाए तो मजाक का असर घट सकता है। यदि ऐप में एक से अधिक रूप या विकल्प दिखें, तो केवल थंबनेल देखकर न चुनें; उपलब्ध प्रीव्यू में यह जांचें कि मुख्य चेहरा स्क्रीन के किस हिस्से में बैठता है। यह छोटा कदम बाद में बार-बार वॉलपेपर बदलने से बचाता है।
नाम में 4K होने से तस्वीर की बारीकी का संकेत मिलता है, लेकिन वास्तविक रूप आपके डिस्प्ले, स्क्रीन के अनुपात और चुनी गई क्रॉपिंग पर भी निर्भर करेगा। इसलिए इसे हर फोन पर एक जैसा दिखने वाला परिणाम न समझें। मेरा व्यावहारिक तरीका है कि सेट करने से पहले फोन की वास्तविक लॉक स्क्रीन पर एक नजर डालूं और फिर जरूरत हो तो तस्वीर की स्थिति बदलूं। अगर चेहरे के आसपास जरूरी खाली जगह नहीं बचती, तो साफ और कम भरी हुई दूसरी छवि बेहतर विकल्प होगी।
लॉक स्क्रीन और होम स्क्रीन के बीच चुनाव
लॉक स्क्रीन इस ऐप के विचार के साथ सबसे स्वाभाविक मेल खाती है। फोन उठाने पर मजेदार चेहरा तुरंत दिखता है, पर ऐप खोलते समय आइकनों से उसकी टक्कर नहीं होती। होम स्क्रीन पर इसे लगाने का फैसला आपके लेआउट पर निर्भर करता है: कम आइकन और साधारण विजेट हों तो चेहरा साफ दिख सकता है; बहुत सारे आइकन हों तो वही चित्र बिखरा हुआ लगेगा। पहले एक स्क्रीन पर आजमाना, फिर दूसरी पर लगाना सबसे कम झंझट वाला क्रम है।
अगर आप दोनों स्क्रीन पर एक ही तस्वीर लगाते हैं, तो एक बार पूरा फोन इस्तेमाल करके देखें—सिर्फ सेटिंग स्क्रीन पर देखकर निर्णय न करें। ऐप खोलने, सूचनाएं पढ़ने और फोन अनलॉक करने के दौरान पता चलता है कि चित्र आकर्षक है या ध्यान खींचकर परेशान करता है। कुछ लोगों को लगातार वही चेहरा पसंद आएगा; जिन्हें जल्दी ऊब होती है, वे इसे कभी-कभार बदलने वाला निजी स्पर्श मानें, रोज का स्थायी रूप नहीं।
रोजमर्रा में इसका असली उपयोग
एक साधारण उदाहरण लें: आप किसी दोस्त के साथ बैठकर फोन मेज पर रखते हैं और लॉक स्क्रीन पर बड़ी-सी मूर्खतापूर्ण मुस्कान दिखाई देती है। यह छोटा दृश्य बातचीत में हल्का मजाक जोड़ सकता है। इसी तरह, काम या पढ़ाई के लंबे दिन में फोन उठाते ही गंभीर तस्वीर की जगह हास्यपूर्ण चेहरा दिखना मन को थोड़ा हल्का कर सकता है। मैं इसे उत्पादकता बढ़ाने वाला औजार नहीं कहूंगा; इसका लाभ निजी माहौल और मनोरंजन में है।
यह किसी अवसर के लिए भी उपयोगी हो सकता है—जैसे दोस्तों के साथ मिलने, छुट्टी के दौरान या फोन को कुछ समय के लिए अलग अंदाज देने के लिए। ऐसे मौकों पर पहले से चुनी हुई तस्वीर रखना बेहतर है, बजाय हर बार फोन खोलकर नया विकल्प तलाशने के। लेकिन अगर आप फोन का इस्तेमाल प्रस्तुति, ग्राहक-सामना या औपचारिक काम में करते हैं, तो लॉक स्क्रीन पर ऐसा चेहरा आपकी पसंद से अधिक चुटीला लग सकता है। उस स्थिति में साधारण फोटो या शांत बैकग्राउंड ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
सेटिंग, आदतें और सही अपेक्षाएं
लगाने से पहले किन बातों पर नजर रखें
ऐप को इस्तेमाल करते समय सबसे पहले देखें कि आपके फोन में वॉलपेपर लगाने का अंतिम चरण कैसा दिखता है। कई बार चुनाव ऐप के भीतर होता है, लेकिन स्क्रीन पर उसका स्थान या क्रॉप फोन की अपनी सेटिंग में तय होता है। किसी खास बटन या विकल्प को मानकर चलने के बजाय, जो निर्देश सचमुच स्क्रीन पर दिखें उन्हीं के अनुसार आगे बढ़ें। इस तरह आप अनजाने में गलत स्क्रीन पर तस्वीर लगाने या पसंदीदा बैकग्राउंड बदल देने से बच सकते हैं।
दूसरी उपयोगी जांच यह है कि चयनित चेहरे के पीछे आपके आइकन और सूचनाएं कितनी स्पष्ट रहती हैं। मजेदार डिजाइन का उद्देश्य स्क्रीन को सजाना है, पढ़ना मुश्किल करना नहीं। यदि किसी हिस्से में कॉन्ट्रास्ट कम हो या चेहरा समय के पीछे चला जाए, तो तस्वीर को स्क्रीन पर दूसरी जगह रखने की कोशिश करें। जो व्यक्ति होम स्क्रीन पर बहुत सारे शॉर्टकट रखता है, उसके लिए कम व्यस्त पृष्ठ चुनना अक्सर नया वॉलपेपर खोजने से बेहतर समाधान होता है।
तीसरी बात, फोन में ऊर्जा-बचत या डिस्प्ले संबंधी विकल्प पहले से इस्तेमाल करते हों तो नया वॉलपेपर लगाने के बाद अपने सामान्य इस्तेमाल पर ध्यान दें। मैं यह दावा नहीं करूंगा कि हर उपकरण पर इसका बैटरी या प्रदर्शन पर एक जैसा असर होगा; तस्वीर और फोन की सेटिंग के अनुसार अनुभव बदल सकता है। अगर आपका फोन पहले ही सीमित संसाधनों में चल रहा है, तो स्थिर वॉलपेपर को प्राथमिकता देना समझदारी है और किसी अतिरिक्त प्रभाव को तभी अपनाएं जब वह वास्तव में उपलब्ध हो और आपको जरूरी लगे।
तेज और दोहराने योग्य तरीका
बार-बार रूप बदलने वाले उपयोगकर्ता के लिए एक छोटी आदत काम आती है: पहले तय करें कि अगला वॉलपेपर किस स्क्रीन के लिए है, फिर चेहरे की स्थिति और आइकन-पढ़ने की सुविधा जांचें, और अंत में फोन को लॉक करके वास्तविक परिणाम देखें। यह क्रम आपको हर बार पूरी प्रक्रिया पर दोबारा सोचने से बचाता है। अगर वर्तमान तस्वीर ठीक बैठ रही है, तो उसे केवल नया विकल्प देखने के लिए बदलना जरूरी नहीं। फोन की निजी सजावट में स्थिर पसंद भी उतनी ही उपयोगी है जितनी लगातार बदलाव की आदत।
ऐप का उपयोग किसी दोस्त या परिवार के सदस्य के लिए फोन सजाने में भी किया जा सकता है, पर उनकी पसंद पहले पूछना बेहतर है। मूर्खतापूर्ण मुस्कान किसी को प्यारी लगेगी, किसी को बचकानी। सामने वाले के फोन पर वॉलपेपर लगाने से पहले यह भी जांचें कि लॉक स्क्रीन पर संदेश या निजी सूचनाएं दिखाई देती हैं या नहीं; मजाकिया तस्वीर उन जानकारियों को छिपाने का विकल्प नहीं है। यह छोटी सावधानी सजावट और गोपनीयता के बीच फर्क साफ रखती है।
अगर आप अक्सर फोन बदलते या रीसेट करते हैं, तो अपनी पसंद का वॉलपेपर दोबारा खोजने में लगने वाले समय को ध्यान में रखें। ऐप को खोलकर चयन करना एक छोटा काम है, लेकिन उसे रोज की आदत बनाने की जरूरत नहीं। बेहतर तरीका है कि किसी बदलाव के समय इसे आजमाएं और फिर तब तक रहने दें जब तक स्क्रीन सचमुच उबाऊ न लगे। इस ऐप का हास्यपूर्ण स्वभाव अचानक बदलाव में असरदार है; लगातार बदलते रहने पर वही मजाक जल्दी साधारण हो सकता है।
अनुभवी उपयोगकर्ता के लिए सीमाएं
यह एक मनमुताबिक फोन सजाने वाला ऐप है, इसलिए इसे व्यापक थीम-प्रबंधन या पूरे इंटरफेस को बदलने वाले टूल का विकल्प न समझें। यदि आपकी प्राथमिकता आइकन पैक, विजेट, रंग-योजना और स्क्रीन लेआउट को एक साथ नियंत्रित करना है, तो अलग तरह का कस्टमाइजेशन ऐप अधिक काम का होगा। यहां आकर्षण खास तौर पर मुस्कान वाले वॉलपेपर के विचार में है। जो लोग केवल एक साफ, तटस्थ बैकग्राउंड चाहते हैं, उन्हें साधारण फोटो लाइब्रेरी या फोन में मौजूद वॉलपेपर विकल्प पर्याप्त लग सकते हैं।
इसी तरह, अगर आप बार-बार बदलती एनिमेटेड स्क्रीन की तलाश में हैं, तो इस ऐप के नाम से ऐसे व्यवहार की उम्मीद न करें। उपलब्ध जानकारी इसके हास्यपूर्ण वॉलपेपर अनुभव पर केंद्रित है; इसलिए खरीद या इंस्टॉल का फैसला किसी ऐसे प्रभाव के भरोसे न करें जिसे आपने खुद ऐप में देखा न हो। मेरा सुझाव है कि पहले इसे उसी सीमित उद्देश्य से परखें—क्या इसका चेहरा आपके डिस्प्ले पर अच्छा बैठता है और क्या आपको उसे रोज देखना पसंद है? जवाब हां हो तो इसका काम पूरा है।
यह जानना भी उपयोगी है कि ऐप मुफ्त है, लेकिन इसमें ₹100 से ₹4,250 प्रति आइटम तक की इन-ऐप खरीदारी मौजूद है। इसलिए मुफ्त डाउनलोड को हर विकल्प के बिना शर्त मुफ्त होने के बराबर न मानें। किसी भुगतान वाले विकल्प पर जाने से पहले स्क्रीन पर दिखाई गई कीमत और खरीद की पुष्टि ध्यान से पढ़ें। यदि आपका लक्ष्य सिर्फ एक मजेदार लॉक स्क्रीन आजमाना है, तो पहले देखें कि मुफ्त हिस्से में आपकी जरूरत पूरी होती है या नहीं; खर्च तभी करें जब आपको दिख रहा विकल्प वास्तव में जरूरी लगे।
किसके लिए सही, और किसे दूसरा रास्ता चुनना चाहिए
यह उन लोगों के लिए अच्छा मेल है जिन्हें बोल्ड, थोड़ा बेहूदा हास्य पसंद है और जो अपने फोन को गंभीर दिखाने की चिंता नहीं करते। Daily Tool Labs का यह ऐप मनमुताबिक सजावट की श्रेणी में आता है; इसे चार में से औसत रेटिंग मिली है और इसे पाँच मिलियन से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है। इसकी सामग्री तीन वर्ष और उससे अधिक उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए रेट की गई है। ये बातें लोकप्रियता और उपयुक्तता का संदर्भ देती हैं, पर यह तय नहीं करतीं कि किसी खास उपयोगकर्ता को डिजाइन पसंद आएगा—उसका फैसला स्क्रीन पर देखकर ही करें।
दूसरी ओर, साफ-सुथरे पेशेवर रूप को प्राथमिकता देने वाले, कम दृश्य शोर चाहने वाले या स्क्रीन पर बहुत सारे आइकन रखने वाले लोग इसे मुख्य होम स्क्रीन पर लगाने से पहले सोचें। यदि आपका पसंदीदा रूप प्रकृति की तस्वीर, निजी फोटो या रंगों से मेल खाती पूरी थीम है, तो सामान्य वॉलपेपर संग्रह बेहतर बैठ सकता है। इस ऐप का खास अंदाज हर अवसर पर फिट नहीं होता; इसका उपयोग तभी सफल है जब आप चाहते हों कि फोन की स्क्रीन खुद एक छोटा मजाक बने।
अंतिम फैसला: छोटा मजाक, सही जगह पर
वर्तमान संस्करण 1.7.13 है और इसे इस्तेमाल करने के लिए Android 8.0 या उससे नया सिस्टम चाहिए। ऐप की मूल बात समझना आसान है: एक हास्यपूर्ण चेहरा चुनें, स्क्रीन पर उसका स्थान जांचें और उसे वहीं रखें जहां वह रोज आपको सचमुच अच्छा लगे। मेरी सलाह है कि शुरुआत लॉक स्क्रीन से करें, फिर कुछ दिन सामान्य इस्तेमाल के बाद तय करें कि होम स्क्रीन पर भी वही लुक चाहिए या नहीं। यह छोटा परीक्षण बिना जल्दबाजी के बताता है कि मजाक ताजा लगता है या जल्दी थकाने वाला।
मेरे हिसाब से इसकी सफलता किसी जटिल सेटिंग में नहीं, बल्कि चुनाव और संयम में है। चेहरा आइकनों से न ढके, सूचनाएं पढ़ने लायक रहें और स्क्रीन का लुक आपकी परिस्थिति के अनुकूल हो—इन तीन बातों का ध्यान रखें तो इसका विचार असरदार रहता है। यदि आप हर स्क्रीन पर एक जैसी साफ व्यवस्था चाहते हैं या गंभीर बैकग्राउंड पसंद करते हैं, तो इसे छोड़ना बिल्कुल ठीक है। लेकिन फोन को थोड़ा बेवकूफ, थोड़ा यादगार रूप देने का मन हो, तो 4K मूर्ख मुस्कान वॉलपेपर आजमाने लायक एक हल्का विकल्प है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
4K मूर्ख मुस्कान वॉलपेपर ऐप में किस तरह की तस्वीरें मिलती हैं?
इस ऐप का मुख्य आकर्षण मूर्खतापूर्ण, मज़ेदार और शरारती मुस्कानों वाले वॉलपेपर हैं, जिन्हें फोन की स्क्रीन पर हल्का-फुल्का अंदाज़ देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नाम में 4K होने का अर्थ उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों से है, लेकिन वास्तविक गुणवत्ता हर छवि और आपके डिवाइस की स्क्रीन पर निर्भर कर सकती है। डाउनलोड करने से पहले ऐप के स्क्रीनशॉट और विवरण देखकर यह जाँच लें कि इसमें आपकी पसंद की शैली उपलब्ध है या नहीं।
क्या इन वॉलपेपर को लॉक स्क्रीन और होम स्क्रीन, दोनों पर लगाया जा सकता है?
आमतौर पर वॉलपेपर ऐप में चुनी गई तस्वीर को होम स्क्रीन, लॉक स्क्रीन या दोनों जगह लगाने का विकल्प मिलता है। हालांकि, उपलब्ध विकल्प आपके Android या iOS संस्करण और डिवाइस की सेटिंग्स के अनुसार बदल सकते हैं। तस्वीर लगाने से पहले उसका प्रीव्यू देखना उपयोगी है, क्योंकि लॉक स्क्रीन पर घड़ी या सूचनाएँ चित्र के किसी हिस्से को ढक सकती हैं। यदि ऐप में सीधे सेट करने का विकल्प न हो, तो तस्वीर सहेजकर डिवाइस की वॉलपेपर सेटिंग से लगाई जा सकती है।
क्या 4K मूर्ख मुस्कान वॉलपेपर मुफ्त है, और क्या इसमें विज्ञापन या इन-ऐप खरीदारी हो सकती है?
ऐप का मुफ्त डाउनलोड उपलब्ध होना यह ज़रूरी नहीं बनाता कि उसका हर हिस्सा विज्ञापन-मुक्त या पूरी तरह मुफ्त हो। वॉलपेपर ब्राउज़ करते समय विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं, और कुछ ऐप अतिरिक्त सामग्री या सुविधाओं के लिए इन-ऐप खरीदारी भी देते हैं। उपलब्धता और शुल्क देश, ऐप स्टोर तथा ऐप के वर्तमान संस्करण के अनुसार बदल सकते हैं। इंस्टॉल करने से पहले Google Play या App Store पर मूल्य, विज्ञापन और इन-ऐप खरीदारी से जुड़ी जानकारी जाँचें।
क्या वॉलपेपर डाउनलोड करने के लिए इंटरनेट चाहिए, और क्या तस्वीरें डिवाइस में सहेजी जा सकती हैं?
ऐप खोलने, तस्वीरों की सूची लोड करने या नए वॉलपेपर देखने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता पड़ सकती है। कुछ ऐप तस्वीरें डाउनलोड या सहेजने का विकल्प देते हैं, जिससे बाद में उन्हें ऑफलाइन देखा जा सकता है; लेकिन यह सुविधा हर ऐप या हर छवि में उपलब्ध हो, इसकी गारंटी नहीं है। डाउनलोड बटन और ऐप की जानकारी देखकर पुष्टि करें। यदि तस्वीरें सहेजते हैं, तो डिवाइस में पर्याप्त खाली जगह रखें और ऐप द्वारा माँगी गई स्टोरेज अनुमति को समझकर ही स्वीकार करें।
ऐप इंस्टॉल करने से पहले गोपनीयता और अनुमतियों के बारे में क्या जाँचना चाहिए?
सिर्फ वॉलपेपर दिखाने वाले ऐप को सामान्यतः आपकी तस्वीरों, संपर्कों या लोकेशन तक पहुँच की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, हालांकि तस्वीरें सहेजने जैसी सुविधाओं के लिए स्टोरेज अनुमति माँगी जा सकती है। इंस्टॉल करने से पहले ऐप स्टोर में दी गई गोपनीयता नीति, डेटा-संग्रह विवरण और डेवलपर की जानकारी पढ़ें। यदि कोई अनुमति ऐप के काम से असंबंधित लगे, तो उसे देने से पहले सावधानी बरतें। ध्यान रखें कि अनुमतियाँ और डेटा प्रथाएँ ऐप के संस्करण तथा प्लेटफ़ॉर्म के अनुसार बदल सकती हैं।

















