वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर
4.1 संगीत और ऑडियो 6 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया
स्क्रीनशॉट्स
खूबियाँ
- सरल इंटरफ़ेस
- इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने वालों के लिए भी आसान है।
- मीडिया
- रिंगटोन और नोटिफिकेशन की आवाज़ अलग-अलग नियंत्रित की जा सकती है।
- हेडफ़ोन और बाहरी स्पीकर के साथ तुरंत प्रभाव महसूस होता है।
- छोटे आकार के कारण फोन की स्टोरेज पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।
- बिना जटिल सेटअप के तेज़ी से वॉल्यूम बढ़ाने का विकल्प देता है।
कमियाँ
- बहुत अधिक बूस्ट करने पर आवाज़ में खरखराहट या विकृति आ सकती है।
- हर डिवाइस और स्पीकर पर परिणाम समान नहीं मिलते।
- कुछ सुविधाएँ विज्ञापनों या प्रीमियम भुगतान के पीछे हो सकती हैं।
- लंबे समय तक तेज़ आवाज़ सुनना कानों और स्पीकर को नुकसान पहुँचा सकता है।
- कुछ फोन में सिस्टम वॉल्यूम सीमा के कारण बूस्ट सीमित रह सकता है।
विश्लेषणकर्ता Mobexer
अगर आपके फ़ोन का संगीत कभी-कभी अपनी सीमा से धीमा लगता है, तो वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर जैसा ऐप पहली नज़र में काफी उपयोगी लग सकता है। मैंने इसे संगीत और ऑडियो श्रेणी के एक सीधे-सादे टूल की तरह देखा, जिसका मुख्य काम सुनाई देने वाले स्तर को बढ़ाने की कोशिश करना है। यह कोई म्यूज़िक स्ट्रीमिंग सेवा या इक्वलाइज़र-केंद्रित एडिटर नहीं है; इसका आकर्षण इसी सरल उद्देश्य में है।
मेरी शुरुआती राय यह है कि यह ऐप उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकता है जिन्हें कभी-कभार अतिरिक्त आवाज़ चाहिए, लेकिन इसे हर स्थिति में सुरक्षित या बेहतर ध्वनि का जादुई समाधान नहीं समझना चाहिए। तेज़ आवाज़ और अच्छी आवाज़ दो अलग बातें हैं। इस अंतर को समझकर इस्तेमाल करने पर अनुभव संतोषजनक रह सकता है, जबकि बिना सावधानी के लंबे समय तक तेज़ ऑडियो सुनना कानों और स्पीकर दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
ऐप का उद्देश्य और भरोसे का पहला संकेत
वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर को Wavez Technology Ltd ने बनाया है। यह मुफ़्त ऐप है और इसे 3+ के लिए रेट किया गया है। ऐप की लोकप्रियता भी कम नहीं है: इसे पाँच मिलियन से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है और इसकी औसत रेटिंग 4.1 है। मेरे लिए ये बातें भरोसे का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, लेकिन यह ज़रूर बताती हैं कि बहुत से लोग इसे आज़मा चुके हैं और ऐप का उपयोग मामला आम फ़ोन उपयोगकर्ताओं के लिए समझने योग्य है।
इसका स्टोर शॉर्ट डिस्क्रिप्शन केवल “वॉल्यूम बूस्टर” है, इसलिए उपयोगकर्ता को इससे किसी विस्तृत ऑडियो स्टूडियो की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका वास्तविक मूल्य उस समय सामने आता है जब फ़ोन का सामान्य वॉल्यूम किसी कमरे, हल्के शोर या कमज़ोर रिकॉर्डिंग के सामने पर्याप्त नहीं लगता। यह उन लोगों के लिए अधिक प्रासंगिक है जो कभी-कभी पॉडकास्ट, वीडियो, गाने या बातचीत सुनते समय अतिरिक्त स्तर चाहते हैं।
ऐप का रिलीज़ 28 फ़र॰ 2024 को हुआ था और वर्तमान संस्करण 1.8.4 है। न्यूनतम आवश्यकता Android 7.0 है, इसलिए अपेक्षाकृत पुराने Android फ़ोन वाले उपयोगकर्ता भी इसे आज़मा सकते हैं। फिर भी, अलग-अलग फ़ोन निर्माताओं के ऑडियो सिस्टम अलग होते हैं। एक ही बूस्ट सेटिंग किसी डिवाइस पर हल्की मदद कर सकती है और दूसरे पर आवाज़ को कठोर या विकृत बना सकती है।
यहाँ भरोसे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पारदर्शिता है। किसी बूस्टर ऐप को इस्तेमाल करते समय मैं केवल यह नहीं देखता कि आवाज़ कितनी बढ़ती है; मैं यह भी देखता हूँ कि ऐप कौन-सी अनुमति माँगता है, क्या वह खाता बनाने के लिए दबाव डालता है, और क्या भुगतान वाले विकल्प स्पष्ट दिखते हैं। इस ऐप के बारे में उपलब्ध जानकारी में इन बातों को लेकर अनुमान लगाना ठीक नहीं होगा, इसलिए इंस्टॉल करते समय Android की अनुमति स्क्रीन और ऐप के भीतर दिखने वाले विकल्पों को ध्यान से पढ़ना मेरी पहली सलाह है।
पहली बार खोलने पर अपनाने लायक सावधान तरीका
मैं ऐसे ऐप को इंस्टॉल करने के बाद तुरंत अधिकतम स्तर पर नहीं चलाता। पहले फ़ोन का सामान्य मीडिया वॉल्यूम कम रखकर कोई परिचित गाना या छोटा वीडियो चलाना बेहतर है। फिर बूस्ट को धीरे-धीरे बढ़ाकर आवाज़ में तीन चीज़ें सुननी चाहिए: शब्द साफ़ रह रहे हैं या नहीं, बास फट तो नहीं रहा, और ऊँची ध्वनियाँ चुभ तो नहीं रहीं। यदि इनमें से कोई समस्या दिखाई दे, तो अधिक वॉल्यूम वास्तव में सुधार नहीं है।
एक उपयोगी परीक्षण यह है कि पहले उसी सामग्री को बिना बूस्ट के सुनें और फिर थोड़े बढ़े स्तर पर सुनें। इससे पता चलता है कि ऐप सचमुच सुनने की सुविधा बढ़ा रहा है या केवल ध्वनि को ज़ोरदार बनाकर विवरण छिपा रहा है। ख़ासकर कम गुणवत्ता वाली रिकॉर्डिंग में यह अंतर साफ़ समझ आता है। बूस्टर का काम आवाज़ बढ़ाना हो सकता है; वह खराब रिकॉर्डिंग को साफ़ रिकॉर्डिंग में नहीं बदलता।
रोज़मर्रा के उपयोग में इसका वास्तविक फ़ायदा
मान लीजिए मैं रसोई में काम करते हुए कोई बातचीत वाला वीडियो सुन रहा हूँ। पानी, बर्तन और कमरे की दूरी के कारण फ़ोन का सामान्य वॉल्यूम कम महसूस हो सकता है। ऐसे समय थोड़ी अतिरिक्त आवाज़ उपयोगी है, क्योंकि मुझे हर कुछ मिनट में फ़ोन के पास जाकर सुनने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसी तरह शांत कमरे में किसी पुराने वीडियो की धीमी रिकॉर्डिंग सुनते समय भी यह सुविधा काम आ सकती है।
दूसरा व्यावहारिक मामला यात्रा के दौरान है, जब आसपास का हल्का शोर फ़ोन के स्पीकर की आवाज़ को दबा देता है। यहाँ मैं बूस्टर को लगातार चलाने के बजाय केवल उस सामग्री के लिए इस्तेमाल करना पसंद करूँगा जिसकी रिकॉर्डिंग पहले से धीमी है। यह तरीका बैटरी, स्पीकर और कानों पर अनावश्यक दबाव कम कर सकता है।
हालाँकि, अगर आपका मुख्य उद्देश्य संगीत की गुणवत्ता सुधारना है, तो केवल वॉल्यूम बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। सामान्य म्यूज़िक प्लेयर में बेहतर स्रोत गुणवत्ता, इक्वलाइज़र या हेडफ़ोन की सही ट्यूनिंग अधिक प्रभावी हो सकती है। इसी तरह, अगर समस्या फ़ोन के स्पीकर में धूल, हार्डवेयर खराबी या ब्लूटूथ कनेक्शन की है, तो बूस्टर ऐप मूल कारण ठीक नहीं करेगा।
आवाज़ बढ़ाने और आवाज़ बिगाड़ने के बीच की सीमा
इस तरह के ऐप का सबसे बड़ा समझौता यही है कि ज़ोरदार आउटपुट हमेशा बेहतर आउटपुट नहीं होता। जब किसी ट्रैक में पहले से तेज़ बास या तीखी आवाज़ हो, तब अतिरिक्त बूस्ट से विकृति बढ़ सकती है। मुझे विशेष रूप से वोकल वाले गानों में यह देखना महत्वपूर्ण लगता है, क्योंकि शब्दों की स्पष्टता खोने पर सुनने का अनुभव उल्टा खराब हो जाता है।
स्पीकर पर भी सावधानी ज़रूरी है। फ़ोन का छोटा स्पीकर सीमित हार्डवेयर पर काम करता है। ऐप से अधिक आउटपुट माँगने पर आवाज़ फट सकती है या कंपन अप्राकृतिक लग सकता है। यदि फ़ोन गर्म होने लगे, ध्वनि अचानक अस्थिर हो, या स्पीकर से खरखराहट आए, तो बूस्ट बंद करके सामान्य स्तर पर लौटना बेहतर है। यह ऐप की विफलता कहने से अधिक हार्डवेयर की सीमा समझने का मामला है।
हेडफ़ोन के साथ जोखिम अलग तरह का है। बाहर का शोर सुनाई न देने के कारण उपयोगकर्ता अनजाने में वॉल्यूम और बढ़ा सकता है। इसलिए मैं सड़क पार करते समय, साइकिल चलाते हुए या लंबे समय तक हेडफ़ोन लगाए रहने पर अतिरिक्त बूस्ट से बचूँगा। ऐप उपयोगी हो सकता है, लेकिन सुनने की सुरक्षित आदत का विकल्प नहीं है।
नियंत्रण, अनुमतियाँ और डेटा-संवेदनशील क्षण
किसी ऑडियो टूल को भरोसे से इस्तेमाल करने के लिए मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि वह स्पष्ट नियंत्रण दे। इंस्टॉल के समय दिखाई देने वाली अनुमतियों को बिना पढ़े स्वीकार नहीं करना चाहिए। यदि कोई अनुमति ऐप के मुख्य काम से असंबंधित लगे, तो उसे समझना या अस्वीकार करना उचित है। Android की सिस्टम सेटिंग्स में बाद में अनुमति प्रबंधन की समीक्षा करना भी एक अच्छा कदम है।
मैं ऐप में खाता बनाने, ईमेल देने या किसी बाहरी सेवा से साइन इन करने की आवश्यकता को भी ध्यान से देखूँगा। वॉल्यूम समायोजन जैसे स्थानीय काम के लिए उपयोगकर्ता को अपनी पहचान साझा करने की इच्छा न हो सकती है। यदि ऐप बिना खाते के काम करता है, तो यह सुविधा और गोपनीयता दोनों के लिहाज़ से सहज अनुभव देगी; यदि कोई खाता या अतिरिक्त स्क्रीन दिखाई दे, तो आगे बढ़ने से पहले उसका उद्देश्य पढ़ना चाहिए।
डेटा-संवेदनशील क्षण केवल इंस्टॉल के समय नहीं आते। भुगतान स्क्रीन, वैकल्पिक ऑफ़र, नोटिफिकेशन अनुमति और किसी अन्य ऐप के ऊपर दिखने वाली अनुमति जैसी चीज़ें भी ध्यान देने योग्य हैं। उपलब्ध जानकारी में इन नियंत्रणों के बारे में कोई अनुमान लगाना उचित नहीं है, इसलिए मेरा व्यावहारिक सुझाव है कि हर स्क्रीन पर मुख्य बटन और छोटे अक्षरों में लिखे विकल्प दोनों पढ़ें। जो सुविधा आवश्यक न लगे, उसे सक्रिय न करें।
मुफ़्त होने के बावजूद इसमें इन-ऐप खरीदारी है, जिनकी कीमत प्रति आइटम ₹220 से ₹2,300 तक हो सकती है। यह अपने-आप में समस्या नहीं है, लेकिन भुगतान करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि खरीदारी किस सुविधा को खोलती है और क्या वह एक बार का विकल्प है या उपयोग की अलग शर्तें हैं। मैं किसी भी ऑडियो बूस्टर में पहले मुफ़्त अनुभव को कुछ दिनों तक परखने के बाद ही भुगतान पर विचार करूँगा।
उपयोगकर्ता की पसंद को केंद्र में रखने का तरीका
इस ऐप का अच्छा उपयोग वही है जिसमें नियंत्रण आपके हाथ में रहे। मैं इसे खोलने से पहले यह तय करूँगा कि मुझे किस सामग्री के लिए अतिरिक्त आवाज़ चाहिए, कितनी देर तक सुनना है और किस बिंदु पर सामान्य स्तर पर लौटना है। इस छोटे से अनुशासन से ऐप एक अस्थायी सहायक बना रहता है, न कि हर समय चालू रहने वाला समाधान।
एक और उपयोगी आदत अलग-अलग ऑडियो स्रोतों के लिए अलग अपेक्षा रखना है। किसी भाषण या समाचार में स्पष्टता प्राथमिकता होनी चाहिए, जबकि संगीत में संतुलन और बास का व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण है। यदि बूस्ट से भाषण सुनाई तो ज़ोर से दे लेकिन शब्द अस्पष्ट कर दे, तो वह सेटिंग आपके लिए सही नहीं है। इसी तरह, संगीत में केवल लाउडनेस के पीछे जाने से वाद्ययंत्रों की परतें दब सकती हैं।
यदि ऐप की कोई सेटिंग सिस्टम वॉल्यूम से जुड़ी हुई दिखे, तो बदलाव के बाद यह जाँच लें कि दूसरे ऐप्स पर भी उसका असर तो नहीं पड़ रहा। यही वह छोटा लेकिन महत्वपूर्ण बिंदु है जिसे नए उपयोगकर्ता अक्सर नज़रअंदाज़ करते हैं। बाद में फ़ोन कॉल, अलार्म या वीडियो चलाते समय अचानक बहुत तेज़ आवाज़ आना असहज हो सकता है। इसलिए उपयोग के बाद सामान्य वॉल्यूम स्तर बहाल करना समझदारी है।
बच्चों के लिए 3+ रेटिंग देखकर इसे बिना निगरानी के तेज़ आवाज़ में चलने देना उचित नहीं होगा। उम्र रेटिंग सामग्री के बारे में संकेत देती है, लेकिन सुनने की अवधि और वॉल्यूम की सुरक्षा अलग विषय हैं। परिवार में साझा फ़ोन हो तो मैं बच्चों को बूस्ट का अधिकतम स्तर इस्तेमाल करने से रोकूँगा और हेडफ़ोन के साथ विशेष सावधानी रखूँगा।
सामान्य विकल्पों से तुलना करते समय क्या समझें
फ़ोन का अपना वॉल्यूम नियंत्रण सबसे सरल और कम जटिल विकल्प है। यदि सामान्य स्तर ही पर्याप्त है, तो अलग ऐप की ज़रूरत नहीं। म्यूज़िक प्लेयर का इक्वलाइज़र उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जिन्हें बास, मिड या ट्रेबल को संतुलित करना है। वह हमेशा कुल आवाज़ नहीं बढ़ाएगा, लेकिन सुनने के चरित्र पर अधिक सूक्ष्म नियंत्रण दे सकता है।
एक अच्छा बाहरी स्पीकर या बेहतर हेडफ़ोन भी कई बार अधिक साफ़ परिणाम देता है। यह खर्चीला रास्ता हो सकता है, पर समस्या अगर फ़ोन के छोटे स्पीकर की क्षमता है, तो सॉफ़्टवेयर बूस्ट से हार्डवेयर की सीमा पूरी तरह दूर नहीं होगी। इसी तरह, किसी सामग्री का आधिकारिक उच्च-गुणवत्ता संस्करण ढूँढना कम विकृति वाला समाधान हो सकता है।
वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर का लाभ सुविधा है: आपको तुरंत एक अतिरिक्त सॉफ़्टवेयर परत मिलती है और कभी-कभार की समस्या के लिए नया हार्डवेयर खरीदना नहीं पड़ता। इसकी कीमत नियंत्रण और गुणवत्ता के बीच समझौते के रूप में चुकानी पड़ती है। यदि आप केवल कभी-कभी धीमी रिकॉर्डिंग सुनते हैं, तो यह उचित प्रयोग है; यदि आप रोज़ संगीत की बारीकियों पर ध्यान देते हैं, तो समर्पित ऑडियो उपकरण बेहतर चुनाव हो सकते हैं।
किसके लिए सही, और किसे इससे बचना चाहिए
यह ऐप उन उपयोगकर्ताओं को पसंद आ सकता है जिन्हें फ़ोन के सामान्य वॉल्यूम में थोड़ी कमी महसूस होती है, जो पुराने Android डिवाइस पर सरल समाधान चाहते हैं, या जो अलग-अलग वीडियो और ऑडियो स्रोतों के बीच आवाज़ के अंतर को अस्थायी रूप से संभालना चाहते हैं। इसकी मुफ़्त उपलब्धता शुरुआती परीक्षण को आसान बनाती है, और पाँच मिलियन से अधिक इंस्टॉल यह दिखाते हैं कि उपयोग मामला व्यापक है।
दूसरी ओर, जिन लोगों को पेशेवर ऑडियो नियंत्रण, विस्तृत इक्वलाइज़र, रिकॉर्डिंग एडिटिंग या लगातार उच्च गुणवत्ता वाला संगीत अनुभव चाहिए, उनके लिए यह पर्याप्त नहीं हो सकता। जिनके फ़ोन में स्पीकर पहले से खराब है, उन्हें भी इससे स्थायी समाधान नहीं मिलेगा। और यदि आप हेडफ़ोन पर लंबे समय तक बहुत तेज़ आवाज़ सुनते हैं, तो यह ऐप आपकी आदत को और जोखिमपूर्ण बना सकता है।
भुगतान वाले विकल्पों को लेकर भी मेरी सलाह संयमित है। पहले यह देखें कि मुफ़्त अनुभव आपकी वास्तविक समस्या हल करता है या नहीं। यदि केवल अधिकतम आवाज़ चाहिए और उससे ध्वनि फटने लगती है, तो खरीदारी उस मूल सीमा को नहीं बदल पाएगी। पैसे खर्च करने से पहले यह भी जाँचें कि ऐप आपके फ़ोन और उन ऑडियो ऐप्स के साथ वैसा व्यवहार कर रहा है जैसा आप चाहते हैं।
मेरा सावधान अंतिम फैसला
मेरे अनुभव में वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर एक सीमित लेकिन उपयोगी उद्देश्य वाला ऐप है। यह धीमी रिकॉर्डिंग या शोर वाले वातावरण में थोड़ी अतिरिक्त आवाज़ की ज़रूरत पूरी कर सकता है, खासकर तब जब आप तुरंत और मुफ़्त समाधान आज़माना चाहते हों। इसका मूल्य इसकी सादगी में है, न कि किसी विस्तृत स्टूडियो-जैसे नियंत्रण में।
फिर भी, मैं इसे हर समय चालू रखने या अधिकतम स्तर पर चलाने की सलाह नहीं दूँगा। ध्वनि में विकृति, स्पीकर पर दबाव, हेडफ़ोन के साथ सुनने का जोखिम और संभावित भुगतान स्क्रीन—इन सभी पर उपयोगकर्ता को खुद ध्यान देना होगा। अनुमति और डेटा-संबंधी विकल्पों को पढ़े बिना आगे न बढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मेरा निष्कर्ष: कभी-कभार की वॉल्यूम समस्या के लिए इसे सावधानी से आज़माया जा सकता है, लेकिन बेहतर ध्वनि, सुरक्षित सुनने और स्पष्ट डेटा नियंत्रण के लिए अपनी ज़रूरत के अनुसार विकल्प चुनना अधिक समझदार होगा। अगर आप इसे छोटे बूस्ट, सीमित समय और ध्यानपूर्वक जाँची गई सेटिंग्स के साथ इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके फ़ोन के ऑडियो अनुभव में व्यावहारिक सुधार ला सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर ऐप क्या करता है?
वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर आपके फोन के सामान्य ऑडियो आउटपुट को सॉफ्टवेयर के माध्यम से बढ़ाने का प्रयास करता है। यह संगीत, वीडियो, गेम और नोटिफिकेशन की आवाज़ को अधिक तेज़ महसूस करा सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव फोन के मॉडल, स्पीकर की गुणवत्ता और उपयोग किए जा रहे मीडिया ऐप पर निर्भर करता है। यह किसी खराब या सीमित हार्डवेयर को पूरी तरह बदल नहीं सकता।
क्या वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर सभी Android डिवाइस पर काम करता है?
ऐप अधिकांश Android डिवाइस पर चल सकता है, लेकिन हर फोन पर परिणाम एक जैसे नहीं मिलते। कुछ निर्माता सिस्टम-स्तर पर अधिकतम वॉल्यूम सीमित रखते हैं, इसलिए ऐप केवल सीमित सुधार कर पाएगा। पुराने फोन, कमजोर स्पीकर या अलग-अलग Android वर्जन में ध्वनि की गुणवत्ता और बूस्ट का स्तर बदल सकता है। डाउनलोड से पहले अपने डिवाइस की संगतता अवश्य जांचें।
क्या इस ऐप का इस्तेमाल करने से फोन के स्पीकर को नुकसान हो सकता है?
बहुत अधिक वॉल्यूम पर लंबे समय तक ऑडियो चलाने से फोन के स्पीकर में खड़खड़ाहट, विकृति या समय के साथ नुकसान हो सकता है। कानों के लिए भी तेज़ आवाज़ असुविधाजनक और हानिकारक हो सकती है। इसलिए बूस्ट को धीरे-धीरे बढ़ाएं, आवाज़ में विकृति आने पर स्तर कम करें और लंबे समय तक अधिकतम वॉल्यूम पर उपयोग करने से बचें।
क्या वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर हेडफोन तथा Bluetooth स्पीकर के साथ काम करता है?
ऐप का प्रदर्शन हेडफोन या Bluetooth स्पीकर के प्रकार, फोन के ऑडियो सिस्टम और कनेक्शन पर निर्भर करता है। कुछ डिवाइस पर आवाज़ में स्पष्ट बढ़ोतरी महसूस हो सकती है, जबकि कुछ में सिस्टम की अधिकतम सीमा के कारण अंतर बहुत कम रहेगा। Bluetooth उपकरणों में कभी-कभी देरी, ध्वनि विकृति या असमान वॉल्यूम भी दिखाई दे सकता है।
क्या वॉल्यूम बूस्टर और ध्वनि बूस्टर मुफ्त है और क्या इसमें विज्ञापन होते हैं?
ऐप का मूल संस्करण मुफ्त उपलब्ध हो सकता है, लेकिन इसमें विज्ञापन, अतिरिक्त अनुमतियां या प्रीमियम सुविधाओं के लिए भुगतान विकल्प शामिल हो सकते हैं। डाउनलोड करने से पहले ऐप स्टोर के विवरण में इन-ऐप खरीदारी, सदस्यता और डेटा-संग्रह संबंधी जानकारी पढ़ना उचित है। यदि ऐप अनावश्यक अनुमति मांगे, तो इंस्टॉल करने से पहले उसकी आवश्यकता पर विचार करें।











