KidsNanny: Parental Control

3.7 पैरेंटिंग 2 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

KidsNanny: Parental Control icon
विज्ञापन

स्क्रीनशॉट्स

KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot
KidsNanny: Parental Control screenshot

खूबियाँ

  • बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऐप उपयोग पर बेहतर नियंत्रण मिलता है।
  • वेबसाइट और अनुचित सामग्री को फ़िल्टर करने के विकल्प उपयोगी हैं।
  • लोकेशन ट्रैकिंग से बच्चे की सुरक्षा पर नज़र रखी जा सकती है।
  • रिमोट लॉक और शेड्यूलिंग से डिवाइस नियम लागू करना आसान है।
  • माता-पिता के लिए गतिविधि रिपोर्ट समझने में अपेक्षाकृत सरल हैं।

कमियाँ

  • कुछ सुविधाएँ इस्तेमाल करने के लिए प्रीमियम सदस्यता आवश्यक हो सकती है।
  • लगातार निगरानी से बच्चे की निजता और भरोसे को लेकर चिंता हो सकती है।
  • लोकेशन सटीकता इंटरनेट और GPS सिग्नल पर निर्भर करती है।
  • बैकग्राउंड में चलने से फोन की बैटरी जल्दी कम हो सकती है।
  • सेटअप और अनुमतियाँ नए उपयोगकर्ताओं को थोड़ी जटिल लग सकती हैं।
विज्ञापन

Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

बच्चे के फोन या टैबलेट को लेकर मेरी सबसे बड़ी परेशानी यह रही है कि नियम बनाना आसान है, लेकिन उन्हें रोज़ निभाना मुश्किल। कभी बच्चा पढ़ाई के बीच गेम खोल लेता है, कभी रात में वीडियो चलता रहता है, और कभी मुझे यह समझने में समय लग जाता है कि डिवाइस पर वास्तव में हुआ क्या। इसी तरह की स्थिति में मैंने KidsNanny: Parental Control को आज़माया। यह पैरेंटिंग श्रेणी का ऐप है, जिसे Vartit Technology Private Limited ने बनाया है। इसका उद्देश्य बच्चे के डिवाइस इस्तेमाल को देखने और कुछ सीमाएँ तय करने में मदद करना है, न कि केवल स्क्रीन टाइम का एक साधारण काउंटर दिखाना।

मेरे अनुभव में इसकी उपयोगिता इस बात पर निर्भर करती है कि आप इसे “बच्चे पर निगरानी” के बजाय “घर के डिजिटल नियमों को व्यवस्थित करने” के लिए कैसे इस्तेमाल करते हैं। इसमें स्क्रीन टाइम, ऐप यूसेज रिपोर्ट, जियो-फेंस और ऐप या वेबसाइट ब्लॉक करने जैसे नियंत्रण एक ही जगह मिलते हैं। फिर भी यह ऐसा जादुई समाधान नहीं है जो बातचीत, भरोसे और स्पष्ट पारिवारिक नियमों की जगह ले सके। अगर आप इस अंतर को समझकर शुरू करते हैं, तो ऐप कहीं अधिक व्यावहारिक लगता है।

एक सामान्य दिन में KidsNanny का इस्तेमाल कैसे होता है

समस्या पहचानने से शुरुआत

मान लीजिए आपका बच्चा स्कूल से लौटकर फोन लेने के बाद लगातार अलग-अलग ऐप खोलता है। आपको केवल इतना दिखता है कि वह व्यस्त है; यह साफ नहीं होता कि समय पढ़ाई में जा रहा है, मनोरंजन में या किसी ऐसी वेबसाइट पर जिसे आप घर के नियमों के अनुसार सीमित करना चाहते हैं। ऐसे समय में अनुमान लगाने के बजाय उपयोग रिपोर्ट देखना पहला उपयोगी कदम बनता है।

मैंने पाया कि रिपोर्ट का असली फायदा केवल कुल समय जानने में नहीं, बल्कि बातचीत को ठोस बनाने में है। “तुम बहुत फोन चलाते हो” कहने के बजाय आप बच्चे के साथ बैठकर पूछ सकते हैं कि कौन-सा ऐप इतना समय क्यों ले रहा है। यह तरीका टकराव कम कर सकता है, खासकर तब जब बच्चा खुद भी अपने इस्तेमाल का सही अंदाज़ा नहीं लगा पा रहा हो।

यहाँ एक महत्वपूर्ण सावधानी है: रिपोर्ट को अकेले फैसला सुनाने का आधार नहीं बनाना चाहिए। किसी शैक्षिक ऐप में लंबा समय लगना और वीडियो ऐप में लंबा समय लगना एक जैसी बात नहीं है। इसलिए मैं रिपोर्ट को जांच का शुरुआती बिंदु मानता हूँ, अंतिम निष्कर्ष नहीं।

नियमों को रोज़मर्रा की स्थिति से जोड़ना

ऐप में उपलब्ध स्क्रीन टाइम प्रबंधन को मैं अमूर्त सीमा की तरह नहीं, बल्कि दिनचर्या के हिस्से की तरह इस्तेमाल करना पसंद करता हूँ। उदाहरण के लिए, पढ़ाई के समय ध्यान भटकाने वाले ऐप सीमित किए जा सकते हैं और खाली समय में बच्चे को चुने हुए मनोरंजन की अनुमति दी जा सकती है। इससे “फोन बिल्कुल बंद” और “फोन हमेशा खुला” के बीच एक अधिक समझदार रास्ता बनता है।

व्यवहार में सबसे अच्छा परिणाम तब मिलता है जब माता-पिता पहले बच्चे को बताते हैं कि नियम क्यों लगाए जा रहे हैं। यदि बच्चा अचानक ऐप खोलता है और उसे रोक दिया जाता है, तो वह इसे दंड समझ सकता है। यदि पहले से समझाया गया हो कि पढ़ाई या सोने के समय अलग व्यवस्था रहेगी, तो वही नियंत्रण कम अप्रत्याशित लगता है। KidsNanny तकनीकी हिस्सा संभाल सकता है; नियम का अर्थ परिवार को ही तय करना पड़ता है।

ऐप या वेबसाइट रोकने का सही इस्तेमाल

ऐप और वेबसाइट ब्लॉक करने की सुविधा उन स्थितियों में खास तौर पर उपयोगी लगती है जहाँ किसी एक स्रोत से बार-बार ध्यान भटकता है। इसे हर चीज़ पर लागू करने के बजाय मैं पहले उस समस्या को चुनूंगा जो वास्तव में बच्चे की दिनचर्या बिगाड़ रही है। बहुत ज्यादा रोक लगाने से बच्चा वैकल्पिक रास्ते खोजने लगेगा या माता-पिता से खुलकर बात करना बंद कर सकता है।

एक बेहतर तरीका यह है कि पहले रिपोर्ट देखकर पैटर्न समझें, फिर सीमित बदलाव करें और कुछ दिनों बाद देखें कि व्यवहार में क्या बदला। यह क्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना जांच के कई ऐप रोक देने पर आपको यह पता नहीं चलेगा कि कौन-सा बदलाव प्रभावी रहा। यही वह व्यावहारिक workflow है जो इस तरह के नियंत्रण ऐप को केवल “ब्लॉक बटन” से अधिक उपयोगी बनाता है।

जियो-फेंस का उपयोग और उसकी सीमा

जियो-फेंस सुविधा का विचार उन परिवारों के लिए उपयोगी हो सकता है जो चाहते हैं कि किसी खास स्थान से जुड़ी दिनचर्या पर ध्यान दिया जाए। उदाहरण के तौर पर, बच्चे के स्कूल, ट्यूशन या घर आने-जाने से जुड़े नियमों को व्यवस्थित करने में यह मददगार हो सकता है। लेकिन इसे बच्चे की वास्तविक सुरक्षा का पूर्ण विकल्प मानना ठीक नहीं होगा। किसी भी स्थान-आधारित सुविधा पर निर्भर रहने से पहले माता-पिता को अपनी अपेक्षाएँ स्पष्ट रखनी चाहिए।

मेरे लिए इसका बेहतर उपयोग “याद दिलाने और संदर्भ देने” वाला है, न कि हर गतिविधि पर घबराकर प्रतिक्रिया देने वाला। यदि बच्चा किसी तय स्थान पर पहुँचता है, तो उससे जुड़े डिजिटल नियमों की योजना बनाना आसान हो सकता है। लेकिन परिवार के संवाद, स्कूल के संपर्क और आपात स्थिति की तैयारी फिर भी अलग जिम्मेदारियाँ हैं।

रिपोर्ट से बातचीत तक का handoff

इस ऐप का सबसे महत्वपूर्ण handoff तकनीक से परिवार के संवाद तक होता है। माता-पिता रिपोर्ट देखते हैं, फिर बच्चे से बात करते हैं, फिर नियम बदलते हैं। यदि यह तीसरा कदम बिना समझाए किया जाए, तो नियंत्रण काम तो कर सकता है, लेकिन भरोसा कमजोर हो सकता है। मैंने ऐसे ऐप्स में यही सबसे सामान्य friction देखा है: अभिभावक को जानकारी मिल जाती है, पर उस जानकारी को शांत बातचीत में बदलना कठिन रहता है।

मैं बच्चे को नियमों में शामिल करने की सलाह दूंगा। कौन-से ऐप पढ़ाई के लिए आवश्यक हैं, कौन-सी वेबसाइट मनोरंजन के लिए है, और किस समय फोन अलग रखा जाएगा—इन बातों पर पहले सहमति बनाना बेहतर है। इससे KidsNanny का इस्तेमाल छिपी निगरानी जैसा कम और साझा पारिवारिक व्यवस्था जैसा अधिक महसूस होता है।

एक वास्तविक घरेलू परिदृश्य

एक सामान्य शाम की कल्पना कीजिए। बच्चा होमवर्क के लिए टैबलेट खोलता है, लेकिन कुछ ही देर बाद मनोरंजन वाले ऐप पर चला जाता है। माता-पिता पहले उपयोग रिपोर्ट देखते हैं और पाते हैं कि समस्या केवल एक दिन की नहीं है। वे बच्चे से बात करके तय करते हैं कि होमवर्क के समय उस ऐप या संबंधित वेबसाइट को सीमित रखा जाएगा। फिर कुछ दिनों बाद रिपोर्ट दोबारा देखकर यह जांचते हैं कि बच्चा पढ़ाई पर लौट रहा है या किसी दूसरे ऐप की ओर जा रहा है।

इस प्रक्रिया में ऐप केवल नियंत्रण लागू करने का साधन नहीं रहता; वह निर्णय लेने का क्रम बनाता है। पहले अवलोकन, फिर बातचीत, उसके बाद सीमित बदलाव और अंत में समीक्षा—मेरे विचार से यही इसका सबसे मजबूत उपयोग है। अगर माता-पिता हर रिपोर्ट पर तुरंत कठोर प्रतिक्रिया देंगे, तो वही सुविधा तनाव का कारण बन सकती है।

बच्चे और दूसरे अभिभावक के बीच जिम्मेदारी बाँटना

परिवारों में अक्सर एक व्यक्ति डिवाइस नियम बनाता है और दूसरा उन्हें रोज़ लागू करता है। इस handoff में असंगति हो तो बच्चा जल्दी समझ जाता है कि किससे अनुमति मिल सकती है। इसलिए ऐप का इस्तेमाल करने से पहले घर में यह तय करना उपयोगी है कि रिपोर्ट कौन देखेगा, बदलाव कौन करेगा और बच्चे को समझाएगा कौन।

यदि माता-पिता अलग-अलग शहरों में रहते हैं या बच्चे की देखभाल में दादा-दादी भी शामिल हैं, तो नियमों की भाषा सरल और एक जैसी होनी चाहिए। KidsNanny तकनीकी नियंत्रण को एक जगह रखने में मदद कर सकता है, लेकिन परिवार के सदस्यों के बीच जिम्मेदारी अपने आप स्पष्ट नहीं करता। यह संगठनात्मक काम आपको खुद करना होगा।

सेटअप और रोज़मर्रा की friction

किसी भी parental control ऐप की तरह, इसका लाभ तभी मिलेगा जब माता-पिता इसे सही तरह से सेट करें और बच्चे के डिवाइस पर लागू नियमों को नियमित रूप से जांचें। केवल ऐप इंस्टॉल कर देना पर्याप्त नहीं है। आपको यह समझना होगा कि कौन-सा नियंत्रण किस समस्या के लिए है, किसे सीमित करना है और कौन-सी गतिविधि बच्चे के लिए आवश्यक है।

यहीं पर कम तकनीकी अनुभव वाले उपयोगकर्ताओं को कुछ घर्षण महसूस हो सकता है। रिपोर्ट देखना आसान लग सकता है, लेकिन रिपोर्ट के आधार पर उचित सीमा तय करना अधिक सोच मांगता है। बहुत कड़े नियम जल्दी असुविधाजनक बनते हैं, जबकि बहुत ढीले नियम समस्या को बदलते नहीं। इसलिए शुरुआत छोटे बदलाव से करना मेरी नजर में बेहतर है।

एक और व्यावहारिक बात यह है कि बच्चे की उम्र और जिम्मेदारी के अनुसार नियम बदलने चाहिए। छोटे बच्चे के लिए अधिक स्पष्ट सीमाएँ उचित हो सकती हैं, जबकि बड़े बच्चे को अपने समय की योजना बनाने में शामिल करना जरूरी है। ऐप की उम्र रेटिंग 3+ के लिए है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर उम्र के बच्चे के लिए एक ही नियंत्रण शैली सही होगी।

वर्जन, लागत और उपलब्धता

यह ऐप मुफ्त में उपलब्ध है, इसलिए शुरुआत करने में सदस्यता शुल्क की बाधा नहीं आती। साथ ही इसमें इन-ऐप खरीदारी भी हैं, जिनकी कीमतें प्रति आइटम लगभग ₹440 से ₹3,100 तक जाती हैं। इस वजह से मैं भुगतान से पहले यह देखूंगा कि मुफ्त हिस्से में आपकी वास्तविक जरूरत पूरी हो रही है या नहीं और अतिरिक्त सुविधा आपके परिवार के लिए सचमुच जरूरी है या नहीं।

वर्तमान संस्करण 1.0.82 है और यह Android 7.0 या उसके बाद के संस्करण पर चलता है। पुराने Android फोन वाले परिवारों के लिए यह जांचना जरूरी है कि बच्चे का डिवाइस इस आवश्यकता को पूरा करता है। ऐप का उपयोग करने से पहले डिवाइस की संगतता देख लेना उस निराशा से बचाता है जिसमें माता-पिता योजना बना लेते हैं लेकिन ऐप चल ही नहीं पाता।

दूसरे विकल्पों की तुलना में इसका स्थान

सिर्फ स्क्रीन टाइम देखने के लिए फोन में मौजूद सामान्य डिजिटल वेलबीइंग या अभिभावकीय नियंत्रण पर्याप्त हो सकते हैं। वे अक्सर उसी ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ सहजता से जुड़े होते हैं और अलग ऐप सीखने की जरूरत कम पड़ती है। यदि आपकी जरूरत केवल दैनिक समय सीमा या कुछ ऐप रोकने तक सीमित है, तो KidsNanny जोड़ना आवश्यक नहीं भी हो सकता है।

दूसरी ओर, जिन माता-पिता को ऐप इस्तेमाल रिपोर्ट, वेबसाइट नियंत्रण और जियो-फेंस जैसे अलग-अलग पहलुओं को एक ही parental control अनुभव में देखना है, उनके लिए यह अधिक केंद्रित विकल्प बन सकता है। इसकी खासियत फीचर की सूची से ज्यादा workflow में है: उपयोग देखना, समस्या पहचानना, सीमा लगाना और फिर परिणाम पर लौटना। हालांकि, जो लोग बहुत विस्तृत पारिवारिक प्रोफाइल, अत्यधिक स्वचालन या बेहद परिपक्व रिपोर्टिंग चाहते हैं, वे किसी अधिक उन्नत विकल्प को बेहतर पा सकते हैं।

किसके लिए यह अच्छा चुनाव है

मेरे हिसाब से यह उन माता-पिता के लिए अच्छा है जो बच्चे के डिवाइस इस्तेमाल को लेकर अनुमान के बजाय कुछ व्यवस्थित जानकारी चाहते हैं। यदि आपके घर में अलग-अलग ऐप और वेबसाइटों के कारण ध्यान भटकता है, या आप यह समझना चाहते हैं कि स्क्रीन टाइम वास्तव में कहाँ जा रहा है, तो इसका उपयोग सार्थक हो सकता है। यह खासकर उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो नियमों को धीरे-धीरे सुधारना चाहते हैं, एक ही बार में सब कुछ बंद नहीं करना चाहते।

यह उन लोगों के लिए भी ठीक बैठता है जो स्थान-आधारित संदर्भ को अपनी डिजिटल दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं। जियो-फेंस का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाए तो घर, स्कूल और बाहर की गतिविधियों के बीच अलग नियमों पर विचार करना आसान हो सकता है। फिर भी मैं इसे सुरक्षा व्यवस्था का अकेला आधार नहीं बनाऊंगा।

किसे दूसरा रास्ता चुनना चाहिए

यदि आपका बच्चा पहले से अपने स्क्रीन टाइम का जिम्मेदार प्रबंधन करता है और घर में केवल हल्की निगरानी चाहिए, तो यह ऐप जरूरत से अधिक लग सकता है। इसी तरह, यदि परिवार में बच्चे के साथ डिजिटल नियमों पर कोई बातचीत नहीं होती, तो ऐप की रिपोर्ट और ब्लॉकिंग सुविधाएँ लगातार विवाद पैदा कर सकती हैं। तकनीक उस रिश्ते की कमी को भर नहीं सकती।

जो माता-पिता केवल एक सरल टाइमर चाहते हैं, उनके लिए फोन का अंतर्निहित नियंत्रण कम जटिल विकल्प हो सकता है। और जो लोग अत्यधिक विस्तृत निगरानी की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें खरीदारी करने से पहले अपनी जरूरत और उपलब्ध सुविधाओं का मिलान करना चाहिए। मुफ्त डाउनलोड को देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर उन्नत जरूरत बिना अतिरिक्त लागत के पूरी हो जाएगी।

मेरी अंतिम राय

KidsNanny: Parental Control मुझे एक ऐसा उपकरण लगा जो सही workflow के साथ उपयोग करने पर परिवार के डिजिटल नियमों को अधिक स्पष्ट बना सकता है। इसकी ताकत स्क्रीन टाइम, उपयोग रिपोर्ट, जियो-फेंस और ऐप या वेबसाइट नियंत्रण को एक ही parenting संदर्भ में जोड़ने में है। सबसे अच्छा परिणाम तब मिलता है जब माता-पिता पहले जानकारी देखते हैं, फिर बच्चे से बात करते हैं, उसके बाद सीमित बदलाव करते हैं और अंत में देखते हैं कि बदलाव सचमुच काम कर रहा है या नहीं।

मेरी सलाह है कि इसे शुरुआत में छोटे दायरे में आज़माएँ। पहले एक स्पष्ट समस्या चुनें, जैसे पढ़ाई के समय ध्यान भटकना, और उसी के आसपास नियम बनाएं। बच्चे को कारण बताएं, दूसरे देखभाल करने वालों के साथ जिम्मेदारी तय करें और कुछ समय बाद परिणाम की समीक्षा करें। यह ऐप नियंत्रण देने से अधिक, नियंत्रण को समझदारी से इस्तेमाल करने में मदद करता है—लेकिन अंतिम सफलता परिवार के नियमों और बातचीत पर निर्भर रहती है।

3.7 की औसत रेटिंग और 50K से अधिक इंस्टॉल के साथ यह पूरी तरह अनजान विकल्प नहीं है, हालांकि मैं इसे हर परिवार के लिए स्वतः सही नहीं कहूंगा। अगर आपको एक केंद्रित parental control ऐप चाहिए और आप रिपोर्ट को संवाद का आधार बना सकते हैं, तो इसे आज़माना उचित है। अगर आपकी जरूरत बहुत साधारण है या आप बिना बातचीत के कठोर निगरानी चाहते हैं, तो कोई सरल या अलग तरह का विकल्प आपके लिए बेहतर रह सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

KidsNanny: Parental Control क्या है और यह किस काम आता है?

KidsNanny: Parental Control एक अभिभावकीय नियंत्रण ऐप है, जिसकी मदद से माता-पिता बच्चों के मोबाइल या टैबलेट इस्तेमाल पर निगरानी रख सकते हैं। इसके माध्यम से स्क्रीन टाइम सीमित करना, ऐप्स और वेबसाइटों को नियंत्रित करना, उपयोग की गतिविधि देखना तथा पढ़ाई या सोने के समय डिवाइस को रोकना संभव हो सकता है। फीचर्स डिवाइस और ऐप के संस्करण के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

क्या KidsNanny: Parental Control बच्चों के डिवाइस और माता-पिता के फोन दोनों पर इंस्टॉल करना जरूरी है?

अधिकांश पैरेंटल-कंट्रोल सेवाओं की तरह KidsNanny का सही उपयोग करने के लिए आम तौर पर अभिभावक और बच्चे के डिवाइस पर अलग-अलग घटक या संबंधित ऐप सेट करना पड़ सकता है। इंस्टॉलेशन के बाद दोनों डिवाइस को एक ही खाते या परिवार प्रोफ़ाइल से जोड़ना होता है। डाउनलोड करने से पहले ऐप के निर्देश, समर्थित ऑपरेटिंग सिस्टम और आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य करें।

क्या यह ऐप बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को पूरी तरह सुरक्षित कर देता है?

नहीं, KidsNanny: Parental Control सुरक्षा में सहायता कर सकता है, लेकिन यह बच्चों को ऑनलाइन खतरों से पूरी तरह सुरक्षित करने की गारंटी नहीं देता। फ़िल्टर कभी-कभी अनुचित सामग्री को पहचानने में चूक सकते हैं, जबकि कुछ सुरक्षित सामग्री गलती से ब्लॉक हो सकती है। माता-पिता को नियमित रूप से रिपोर्ट देखनी चाहिए और बच्चों से गोपनीयता, साइबरबुलिंग तथा अजनबियों से बातचीत के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए।

KidsNanny में कौन-कौन सी अनुमतियां मांगी जा सकती हैं और क्या वे सुरक्षित हैं?

ऐप की सुविधाओं के आधार पर KidsNanny उपयोग, स्क्रीन टाइम, नोटिफिकेशन, एक्सेसिबिलिटी, लोकेशन या डिवाइस एडमिन जैसी संवेदनशील अनुमतियां मांग सकता है। ये अनुमतियां निगरानी और प्रतिबंध लागू करने के लिए आवश्यक हो सकती हैं, लेकिन इन्हें देने से पहले गोपनीयता नीति ध्यान से पढ़ें। केवल आधिकारिक स्टोर से ऐप इंस्टॉल करें और अनावश्यक अनुमति मिलने पर उसे अस्वीकार करने पर विचार करें।

क्या KidsNanny: Parental Control मुफ्त है या इसमें सब्सक्रिप्शन और अतिरिक्त शुल्क लगते हैं?

ऐप का डाउनलोड मुफ्त हो सकता है, लेकिन उन्नत सुविधाओं के लिए इन-ऐप खरीदारी या मासिक अथवा वार्षिक सब्सक्रिप्शन आवश्यक हो सकता है। भुगतान योजना के अनुसार डिवाइस की संख्या, विस्तृत रिपोर्ट, लोकेशन निगरानी, ऐप ब्लॉकिंग या अतिरिक्त फ़िल्टर उपलब्ध हो सकते हैं। इंस्टॉल करने से पहले कीमत, निःशुल्क परीक्षण की अवधि, ऑटो-रिन्यूअल और रद्द करने की शर्तें अवश्य जांच लें।

विज्ञापन

डाउनलोड करें

Google Play से डाउनलोड करें App Store से डाउनलोड करें

संबंधित ऐप्स

Family Space

पैरेंटिंग3.9प्राप्त करें

Family Space icon

यह साइट तृतीय-पक्ष ऐप्स और गेम्स के बारे में स्वतंत्र जानकारी प्रदान करती है। हमारा इनके स्वामित्व, विकास, प्रकाशन या वितरण से कोई संबंध नहीं है। सभी नाम, लोगो और ट्रेडमार्क उनके संबंधित स्वामियों के हैं। डेवलपर की जानकारी केवल संदर्भ के लिए दी गई है। अधिक जानकारी के लिए [email protected] पर डेवलपर से संपर्क करें, https://kidsnanny.ca पर जाएँ या https://kidsnanny.ca/privacy-policy पर उनकी गोपनीयता नीति देखें।