Desh
3.2 लाइफ़स्टाइल 2 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया
स्क्रीनशॉट्स
खूबियाँ
- स्थानीय खबरों और घटनाओं की जानकारी जल्दी मिलती है।
- हिंदी सहित क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री आसानी से समझ आती है।
- ऐप का इंटरफ़ेस सरल है और नए उपयोगकर्ता भी सहजता से चला सकते हैं।
- महत्वपूर्ण समाचारों के लिए नोटिफिकेशन उपयोगी रहते हैं।
- कम समय में अलग-अलग विषयों की खबरों का संक्षिप्त अवलोकन मिलता है।
कमियाँ
- कुछ खबरों में विज्ञापन अनुभव को बाधित कर सकते हैं।
- कभी-कभी नोटिफिकेशन जरूरत से ज्यादा आने लगते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में धीमा इंटरनेट होने पर सामग्री लोड होने में समय लगता है।
- सभी खबरों की तथ्य-जांच या स्रोतों की जानकारी समान रूप से स्पष्ट नहीं होती।
- कुछ सुविधाओं का उपयोग करने के लिए लॉगिन या अतिरिक्त अनुमतियां मांगी जा सकती हैं।
विश्लेषणकर्ता Mobexer
अगर आप भारतीय भाषाओं में पत्रिकाएँ पढ़ने के लिए एक सीधा-सादा मोबाइल विकल्प खोज रहे हैं, तो Desh मेरी नज़र में देखने लायक ऐप है। मैंने इसे रोज़मर्रा के पढ़ने के नजरिए से परखा और पाया कि इसका मुख्य आकर्षण किसी जटिल सोशल फीचर में नहीं, बल्कि मोबाइल पर पत्रिका पढ़ने की सुविधा में है। यह Magzter Inc. का लाइफ़स्टाइल ऐप है और इसका नाम भी इसके छोटे, स्पष्ट स्टोर विवरण से मेल खाता है।
ऐप मुफ्त डाउनलोड होता है, इसलिए शुरुआत करना आसान है। स्टोर पर इसे 3+ आयु वर्ग के लिए रेट किया गया है, जिससे यह परिवार के सामान्य उपयोग के लिए सहज महसूस होता है। हालांकि, मुफ्त डाउनलोड और मुफ्त पढ़ने का अनुभव एक ही बात नहीं हैं। ऐप का सारांश सीमित अवधि तक मुफ्त पढ़ने का आनंद लेने की बात करता है, जबकि आगे कुछ सामग्री या सुविधाओं के लिए इन-ऐप खरीदारी दिखाई देती है। इसलिए इसे पूरी तरह मुफ्त डिजिटल पुस्तकालय समझना सही नहीं होगा।
Desh का मौजूदा अनुभव और इसका असली उपयोग
Desh का सबसे उपयोगी पहलू यह है कि यह लंबे लेखों और पत्रिका सामग्री को फोन पर पढ़ने की आदत के लिए बनाया गया लगता है। छोटे स्क्रीन पर पत्रिका पढ़ते समय केवल सामग्री होना पर्याप्त नहीं होता; पन्नों के बीच जाना, पढ़ने की गति बनाए रखना और बाद में वहीं लौट पाना भी महत्वपूर्ण होता है। इस तरह के ऐप का मूल्य तभी समझ आता है जब आप यात्रा, प्रतीक्षा या रात में कुछ मिनट निकालकर पढ़ना चाहते हैं।
मेरे अनुभव में इसका सही उपयोग “हर दिन थोड़ी पढ़ाई” वाला है। उदाहरण के लिए, अगर मैं किसी अपॉइंटमेंट के बाहर बैठा हूं और मेरे पास दस मिनट हैं, तो कागज़ की पत्रिका साथ रखने के बजाय फोन पर पढ़ना अधिक व्यावहारिक लगता है। घर में भी यह उन पाठकों के लिए सुविधाजनक है जो अलमारी में अंक जमा नहीं करना चाहते। स्क्रीन पर पढ़ने की आदत जिन लोगों को पहले से है, उनके लिए प्रवेश बाधा कम रहती है।
यह ऐप उन पाठकों को खास तौर पर पसंद आ सकता है जो पत्रिका पढ़ने को समाचार ऐप की तरह जल्दी-जल्दी स्कैन नहीं करना चाहते। समाचार ऐप में अक्सर शीर्षक, छोटे अपडेट और लगातार बदलती फ़ीड केंद्र में होती है। Desh का आकर्षण इसके विपरीत अधिक शांत, अंक-केंद्रित पढ़ने में है। अगर आपका उद्देश्य केवल ताज़ा सुर्खियाँ देखना है, तो सामान्य न्यूज़ ऐप अधिक तेज़ लगेगा; अगर आप किसी लेख या अंक के साथ समय बिताना चाहते हैं, तो यह अनुभव अधिक उपयुक्त हो सकता है।
फिर भी, मैं इसे हर पाठक के लिए स्वतः सही विकल्प नहीं कहूंगा। जिन लोगों को केवल मुफ्त सामग्री चाहिए, जो सदस्यता या अलग-अलग खरीदारी से बचना चाहते हैं, या जो फोन पर लंबे समय तक पढ़ने से जल्दी थकते हैं, उन्हें पहले मुफ्त उपलब्ध अनुभव आज़माना चाहिए। इसी तरह, जिन पाठकों को बहुत उन्नत नोट्स, शोध-संगठन या ई-बुक जैसी गहरी सुविधाएं चाहिएं, उनके लिए एक समर्पित रीडिंग ऐप बेहतर हो सकता है।
शुरुआत करने से पहले किन बातों पर ध्यान दें
पहली उपयोगी तरकीब यह है कि ऐप डाउनलोड करने के बाद तुरंत भुगतान का निर्णय न लें। पहले उपलब्ध अंक, पढ़ने का तरीका और आपके फोन पर पाठ की पठनीयता जांचना बेहतर है। स्टोर सारांश में सात या तीस दिनों तक मुफ्त पढ़ने का उल्लेख है, इसलिए शुरुआती अवधि को परीक्षण की तरह इस्तेमाल करना समझदारी होगी। इस दौरान यह देखिए कि आप वास्तव में कितनी बार ऐप खोलते हैं, न कि केवल पहले दिन की उत्सुकता पर फैसला कीजिए।
दूसरी बात, फोन की स्क्रीन और पढ़ने की मुद्रा अनुभव पर बहुत असर डालती है। छोटे फोन पर पत्रिका का मूल पृष्ठ दिखाने और आराम से पढ़ने के बीच समझौता करना पड़ सकता है। मैं लंबे लेखों के लिए स्क्रीन को आंखों के करीब लाने के बजाय फ़ॉन्ट या दृश्य विकल्पों को प्राथमिकता देता हूं, यदि ऐप में उपलब्ध हों। इससे लगातार ज़ूम करने की जरूरत कम हो सकती है और पढ़ने का प्रवाह बेहतर रहता है।
तीसरी बात, इसे “एक बार डाउनलोड करके भूल जाने” वाला ऐप न मानें। पत्रिका ऐप का लाभ तभी मिलता है जब आप अपनी पढ़ने की दिनचर्या बनाते हैं। मैं ऐसे ऐप में एक छोटा नियम अपनाता हूं: रोज़ एक लेख या कुछ पन्ने, लेकिन बिना लगातार सूचनाओं और दूसरी ऐप्स के बीच कूदे। इस तरीके से डिजिटल पत्रिका, सोशल मीडिया फ़ीड की तरह बिखरी हुई नहीं लगती।
विकास, संस्करण और पुराने उपयोगकर्ताओं पर असर
Desh का वर्तमान संस्करण 8.22.0 है, जबकि ऐप की शुरुआत 6 अगस्त 2015 को हुई थी। इतने लंबे समय से मौजूद उत्पाद के लिए यह महत्वपूर्ण संकेत है कि ऐप को समय के साथ बनाए रखा गया है। मैं इसे किसी नए प्रयोग की तरह नहीं, बल्कि एक विकसित होते डिजिटल प्रकाशन उत्पाद की तरह देखता हूं। हालांकि केवल संस्करण संख्या से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हर बदलाव उपयोगकर्ता के लिए बड़ा या दिखाई देने वाला होगा।
पुराने उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसे संस्करण बदलावों का सबसे व्यावहारिक असर आम तौर पर स्थिरता, सामग्री तक पहुंच और रोज़मर्रा की नेविगेशन में महसूस होता है। यदि आप पहले से ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो अपडेट के बाद अपने पढ़े हुए अंक, पसंदीदा सामग्री और खरीदारी से जुड़ी स्क्रीन को एक बार जांच लेना अच्छा अभ्यास है। इससे यह स्पष्ट रहता है कि आपका पढ़ने का कार्यप्रवाह पहले जैसा है या आपको कुछ आदतें बदलनी होंगी।
नए उपयोगकर्ता के लिए वर्तमान संस्करण का अर्थ यह है कि उसे पुराने इंटरफ़ेस या शुरुआती ऐप अनुभव के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। ऐप का आज का व्यवहार ही महत्वपूर्ण है। मैं किसी भी अपडेट के बाद तीन चीजें देखता हूं: सामग्री ढूंढने में कितना समय लगता है, पढ़ना शुरू करना कितना आसान है, और मुफ्त अनुभव से भुगतान वाले हिस्से तक संक्रमण कितना स्पष्ट है। पत्रिका ऐप में यही तीन बिंदु भरोसे का आधार बनते हैं।
यहां एक व्यावहारिक सावधानी भी है। इन-ऐप खरीदारी की सीमा ₹50 से ₹10,000 प्रति आइटम तक दिखाई देती है। इसका मतलब यह नहीं कि हर उपयोगकर्ता इतना खर्च करेगा, लेकिन भुगतान स्क्रीन को बिना पढ़े आगे बढ़ना ठीक नहीं है। खरीदारी करने से पहले यह समझना चाहिए कि वह किसी अंक, पहुंच अवधि या अन्य सामग्री के लिए है। मैं नए पाठक को पहले कम प्रतिबद्धता वाले विकल्प से शुरुआत करने और फिर उपयोग की नियमितता देखकर आगे बढ़ने की सलाह दूंगा।
किसके लिए यह ऐप अच्छा बैठता है
Desh उन पाठकों के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है जिन्हें फोन पर पत्रिका पढ़ने की सुविधा चाहिए और जो भारतीय प्रकाशन सामग्री को एक ही ऐप में देखना पसंद करते हैं। यह विशेष रूप से उस व्यक्ति के लिए उपयोगी है जो यात्रा में कागज़ी अंक नहीं ले जाना चाहता, घर में कम सामान रखना चाहता है या पढ़ने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों के बजाय एक समर्पित जगह पसंद करता है।
परिवार में साझा फोन इस्तेमाल करने वाले पाठक भी इसकी उम्र रेटिंग के कारण इसे सामान्य, कम जोखिम वाले लाइफ़स्टाइल ऐप की तरह देख सकते हैं। फिर भी, उम्र रेटिंग सामग्री की गहराई या व्यक्तिगत पसंद की गारंटी नहीं देती। किसी बच्चे, किशोर या परिवार के दूसरे सदस्य के लिए यह उपयुक्त है या नहीं, यह उस अंक और विषय पर निर्भर करेगा जिसे वह पढ़ रहा है।
दूसरी ओर, यह उन लोगों के लिए कम उपयोगी हो सकता है जो केवल स्थानीय खबरों की त्वरित झलक, लाइव अपडेट या बहुत छोटे लेख चाहते हैं। उनके लिए न्यूज़ एग्रीगेटर अधिक तेज़ और मुफ्त महसूस हो सकता है। इसी तरह, यदि आप किताबों में हाइलाइट, विस्तृत नोट्स, पढ़ने की प्रगति और क्लाउड लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देते हैं, तो ई-बुक केंद्रित ऐप आपके लिए बेहतर रहेगा। Desh का मूल्य पत्रिका पढ़ने की सुविधा में है, न कि हर प्रकार के डिजिटल पठन को बदलने में।
रोज़मर्रा के इस्तेमाल का एक वास्तविक तरीका
मान लीजिए आप रोज़ सुबह काम पर जाने से पहले दस मिनट निकालते हैं। आप ऐप खोलते हैं, उपलब्ध सामग्री में से एक विषय चुनते हैं और पूरे अंक को खत्म करने का दबाव नहीं रखते। पहले दिन आप केवल एक लेख पढ़ते हैं। अगले दिन उसी अंक पर लौटते हैं और फिर कुछ पन्ने आगे बढ़ते हैं। इस तरह ऐप का उपयोग छोटे समय-खंडों में होता है, जो फोन पर पत्रिका पढ़ने की सबसे व्यावहारिक शैली है।
दोपहर में अचानक खाली समय मिले तो यही काम दोबारा किया जा सकता है। यहां मेरी सलाह है कि पढ़ने के दौरान दूसरी ऐप्स की सूचनाएं कम रखें, क्योंकि पत्रिका का लेखन लगातार ध्यान मांगता है। यदि आप हर कुछ मिनट में चैट या सोशल फ़ीड पर चले जाते हैं, तो डिजिटल प्रारूप की सुविधा एक बाधा बन जाती है। Desh को बेहतर अनुभव देने के लिए उपयोगकर्ता की अपनी पढ़ने की आदत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना ऐप का इंटरफ़ेस।
सप्ताहांत में आप मुफ्त अवधि की उपयोगिता का बेहतर मूल्यांकन कर सकते हैं। केवल ऐप खोलना पर्याप्त नहीं; यह देखना जरूरी है कि क्या उपलब्ध सामग्री आपकी रुचि से मेल खाती है और क्या आप भुगतान के बाद भी नियमित रूप से पढ़ेंगे। यही छोटा परीक्षण उस आम गलती से बचाता है जिसमें कोई व्यक्ति आकर्षक कवर देखकर खरीद लेता है, लेकिन बाद में ऐप खोलता ही नहीं।
जहां अनुभव में घर्षण महसूस हो सकता है
सबसे बड़ा संभावित घर्षण मुफ्त और भुगतान वाली सामग्री के बीच है। “मुफ्त डाउनलोड” देखकर कुछ लोग पूरे अनुभव को बिना लागत वाला समझ सकते हैं, जबकि ऐप में खरीदारी मौजूद है। इसलिए भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिखने वाली शर्तों और विकल्पों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यह सावधानी Desh की आलोचना से अधिक डिजिटल पत्रिका सेवाओं के इस्तेमाल का जरूरी हिस्सा है।
दूसरी सीमा स्क्रीन पर पढ़ने की है। पत्रिका का पृष्ठ लेआउट फोन पर सुंदर दिख सकता है, लेकिन छोटे अक्षरों या जटिल पृष्ठों में आराम कम हो सकता है। टैबलेट या बड़ी स्क्रीन वाले फोन पर अनुभव बेहतर हो सकता है, जबकि बहुत छोटे डिस्प्ले पर लगातार ज़ूम करना थका सकता है। यदि आप रोज़ लंबे समय तक पढ़ते हैं, तो आंखों का आराम और स्क्रीन का आकार डाउनलोड से पहले ही विचार में रखें।
तीसरी सीमा यह है कि पत्रिका पढ़ने का अनुभव सामान्य वेब लेख से अलग होता है। वेब पर आप तुरंत किसी शब्द को खोज सकते हैं, कई स्रोत खोल सकते हैं और सामग्री को अपनी पसंद के अनुसार छोटा-बड़ा कर सकते हैं। पत्रिका प्रारूप अधिक संपादित और दृश्य-केंद्रित महसूस हो सकता है, लेकिन उतना लचीला नहीं। मुझे यह अंतर तब साफ दिखता है जब मैं किसी विषय पर शोध करना चाहता हूं; शोध के लिए वेब या ई-बुक उपकरण बेहतर हैं, आराम से संपादित सामग्री पढ़ने के लिए Desh अधिक स्वाभाविक है।
विकल्पों से तुलना और सही चुनाव
कागज़ी पत्रिका के मुकाबले इस ऐप की सबसे बड़ी सुविधा साथ ले जाने की है। फोन पहले से जेब में होता है, इसलिए अलग अंक रखने की जरूरत नहीं पड़ती। दूसरी तरफ, कागज़ पर पढ़ने का आराम, पन्ने पलटने का अनुभव और बैटरी से स्वतंत्रता अब भी कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि आप घर में एक ही जगह बैठकर पढ़ते हैं, तो मुद्रित संस्करण आपको अधिक आनंद दे सकता है।
न्यूज़ ऐप की तुलना में Desh अधिक केंद्रित पढ़ने का अनुभव दे सकता है, लेकिन ताज़गी और गति के मामले में न्यूज़ ऐप आगे रहेंगे। सोशल मीडिया पर मिलने वाली सामग्री के मुकाबले यहां पढ़ने का उद्देश्य अधिक स्पष्ट हो सकता है, क्योंकि आप केवल अंतहीन स्क्रॉल नहीं कर रहे होते। फिर भी, सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर साझा चर्चा और तुरंत प्रतिक्रिया चाहिए तो यह ऐप उसका विकल्प नहीं है।
ई-बुक ऐप से तुलना करते समय भी अंतर साफ है। ई-बुक ऐप आम तौर पर किताबों की लंबी, लगातार पढ़ाई के लिए बेहतर होते हैं; Desh पत्रिका-आधारित पढ़ने के लिए अधिक उपयुक्त है। मैं इसे किताबों की लाइब्रेरी के बदले नहीं चुनूंगा, लेकिन पत्रिका पढ़ने के लिए अलग-अलग स्रोतों को संभालने की परेशानी कम करने वाला विकल्प मानूंगा।
आगे उपयोग करते समय क्या देखना चाहिए
भविष्य के अपडेट में मैं सबसे पहले पढ़ने की सुविधा, सामग्री की खोज और भुगतान की स्पष्टता पर ध्यान दूंगा। किसी पत्रिका ऐप की सफलता केवल नए अंक जोड़ने से नहीं मापी जाती; पाठक को पुराने पढ़ने के स्थान पर लौटना, अपनी पसंद की सामग्री ढूंढना और खरीदारी समझना भी आसान होना चाहिए। अगर इन हिस्सों में सुधार होता है, तो पुराने उपयोगकर्ताओं को रोज़मर्रा में वास्तविक लाभ मिलेगा।
मैं यह भी देखूंगा कि वर्तमान संस्करण के बाद ऐप अलग-अलग स्क्रीन आकारों पर कितना सहज रहता है। फोन बदलने पर पढ़ने का अनुभव बिगड़ना नहीं चाहिए। जो व्यक्ति छोटे फोन पर पढ़ता है और जो बड़ी स्क्रीन पर पढ़ता है, दोनों के लिए सामग्री स्पष्ट रहना महत्वपूर्ण है। यह खास तौर पर उन पाठकों के लिए निर्णायक होगा जो ऐप को कभी-कभार नहीं, बल्कि अपनी नियमित पढ़ने की आदत का हिस्सा बनाना चाहते हैं।
पाठकों को अपनी ओर से भी एक बात पर नजर रखनी चाहिए: मुफ्त पढ़ने की अवधि खत्म होने के बाद उनका वास्तविक उपयोग कैसा रहता है। शुरुआत में उपलब्ध सामग्री आकर्षक लग सकती है, लेकिन मूल्य तभी बनता है जब आप नियमित रूप से पढ़ते हैं। अगर आप महीने में कभी-कभार ही पत्रिका खोलते हैं, तो खरीदारी की तुलना में मुफ्त विकल्प या कागज़ी अंक अधिक समझदार हो सकता है।
कुल मिलाकर, Desh एक उपयोगी, लेकिन स्पष्ट उद्देश्य वाला लाइफ़स्टाइल ऐप है। Magzter Inc. ने इसे लंबे समय से चलने वाले डिजिटल पत्रिका अनुभव के रूप में बनाए रखा है, और वर्तमान संस्करण 8.22.0 तक पहुंचना इसके निरंतर विकास का संकेत देता है। इसे चुनने का कारण होना चाहिए: फोन पर पत्रिका पढ़ना, छोटे समय में लेखों तक लौटना और भौतिक अंकों से बचना।
मेरी अंतिम राय में, इसे पहले मुफ्त अनुभव के साथ आज़माना सबसे सही तरीका है। अगर आपको पढ़ने का प्रारूप आरामदायक लगता है, उपलब्ध सामग्री आपकी रुचि से मेल खाती है और आप नियमित पाठक हैं, तो खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। लेकिन केवल मुफ्त डाउनलोड देखकर भुगतान न करें, और इसे न्यूज़ ऐप, ई-बुक रीडर या कागज़ी पत्रिका का पूर्ण विकल्प न समझें। यह उन पाठकों के लिए सबसे अच्छा है जो डिजिटल सुविधा और पत्रिका-शैली के पढ़ने के बीच संतुलन चाहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Desh ऐप क्या है और इसका उपयोग किस काम के लिए किया जाता है?
Desh एक ऐसा ऐप है जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को देश से जुड़ी जानकारी, समाचार, सेवाओं या डिजिटल सामग्री तक आसान पहुँच प्रदान करना हो सकता है। ऐप का वास्तविक उपयोग उसके संस्करण और डेवलपर द्वारा दी गई सुविधाओं पर निर्भर करता है। डाउनलोड करने से पहले ऐप का आधिकारिक विवरण, स्क्रीनशॉट, समर्थित क्षेत्र और हालिया अपडेट अवश्य जाँचें, क्योंकि समान नाम वाले कई ऐप उपलब्ध हो सकते हैं।
क्या Desh ऐप Android और iOS दोनों डिवाइस पर उपलब्ध है?
Desh की उपलब्धता आपके डिवाइस, ऑपरेटिंग सिस्टम और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। Android उपयोगकर्ताओं को Google Play Store और iPhone उपयोगकर्ताओं को Apple App Store पर डेवलपर का नाम, लोगो और ऐप विवरण मिलाकर देखना चाहिए। यदि ऐप किसी बाहरी वेबसाइट से APK या प्रोफ़ाइल के रूप में डाउनलोड करने को कहता है, तो सावधानी बरतें और केवल विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत का उपयोग करें।
क्या Desh ऐप इस्तेमाल करने के लिए अकाउंट बनाना आवश्यक है?
कुछ सुविधाएँ बिना लॉगिन के उपलब्ध हो सकती हैं, जबकि व्यक्तिगत सामग्री, सेवाओं, बुकमार्क, नोटिफिकेशन या अन्य इंटरैक्टिव विकल्पों के लिए अकाउंट बनाना पड़ सकता है। पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर, ईमेल या अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। साइन अप करने से पहले इसकी गोपनीयता नीति पढ़ें और यह समझें कि आपका डेटा किस उद्देश्य से एकत्र, संग्रहीत और साझा किया जाता है।
क्या Desh ऐप सुरक्षित है और यह कौन-सी अनुमतियाँ मांगता है?
ऐप की सुरक्षा का आकलन करने के लिए डाउनलोड से पहले डेवलपर की पहचान, उपयोगकर्ता समीक्षाएँ, अपडेट की नियमितता और स्टोर पर दी गई डेटा-सुरक्षा जानकारी देखें। यदि Desh कैमरा, माइक्रोफ़ोन, संपर्क, स्थान या स्टोरेज जैसी अनुमतियाँ मांगता है, तो जाँचें कि वे सुविधाओं के लिए वास्तव में आवश्यक हैं या नहीं। अनावश्यक अनुमति को अस्वीकार करना आपकी गोपनीयता सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
क्या Desh ऐप मुफ़्त है या इसमें विज्ञापन और इन-ऐप खरीदारी शामिल हैं?
Desh को डाउनलोड करना मुफ़्त हो सकता है, लेकिन कुछ सामग्री या सुविधाओं के लिए सदस्यता, भुगतान या इन-ऐप खरीदारी उपलब्ध हो सकती है। ऐप स्टोर के विवरण में विज्ञापनों, प्रीमियम प्लान और ऑटो-रिन्यूअल की जानकारी ध्यान से पढ़ें। यदि निःशुल्क परीक्षण दिया गया हो, तो उसकी अवधि और समाप्ति के बाद लगने वाले शुल्क को समझकर ही भुगतान संबंधी विकल्प सक्रिय करें।











