Proxy Browser: Private Browser

3.5 संचार 2 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

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खूबियाँ

  • सरल इंटरफ़ेस के कारण पहली बार उपयोग करने वालों के लिए भी सुविधाजनक।
  • प्रॉक्सी कनेक्शन से कुछ क्षेत्रीय रूप से प्रतिबंधित साइटें खुल सकती हैं।
  • ब्राउज़िंग इतिहास और कुकीज़ हटाने के विकल्प उपलब्ध हैं।
  • कमज़ोर नेटवर्क पर भी पेज लोडिंग अपेक्षाकृत स्थिर रहती है।
  • ऐप का आकार छोटा होने से डिवाइस में कम स्टोरेज खर्च होता है।

कमियाँ

  • मुफ़्त संस्करण में विज्ञापन ब्राउज़िंग अनुभव को बाधित कर सकते हैं।
  • प्रॉक्सी सर्वर के कारण वीडियो और बड़ी फ़ाइलों की गति घट सकती है।
  • सभी वेबसाइटों और स्ट्रीमिंग सेवाओं के साथ यह हमेशा काम नहीं करता।
  • प्रॉक्सी उपयोग करने पर वेबसाइटों को अतिरिक्त CAPTCHA दिख सकते हैं।
  • कनेक्शन की गुणवत्ता सर्वर और आपके स्थान के अनुसार काफी बदल सकती है।
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Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

जब मुझे किसी ऐसी वेबसाइट तक जल्दी पहुँचना हो जहाँ सामान्य कनेक्शन पर अनुभव अस्थिर लगे, तब Proxy Browser: Private Browser का विचार उपयोगी लगता है। मैंने इसे एक संचार श्रेणी के ऐप की तरह देखा, लेकिन इसका असली काम वेब ब्राउज़िंग को प्रॉक्सी-केंद्रित तरीके से आसान बनाना है। यह कोई भारी-भरकम ब्राउज़र नहीं लगता; इसका आकर्षण तेज़ पहुँच, निजी ब्राउज़िंग और सुरक्षित वेब उपयोग के वादे के आसपास है। मेरी नज़र में इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह उन लोगों को ध्यान में रखता है जो फोन पर सीधे, कम झंझट वाला ब्राउज़िंग अनुभव चाहते हैं।

ASTRAL NATION JSC द्वारा बनाया गया यह मुफ्त ऐप Android पर चलता है और 8.0 या उसके बाद के संस्करण वाले फोन के लिए उपलब्ध है। इसे 3+ के लिए रेट किया गया है, इसलिए आयु-उपयुक्तता के स्तर पर यह सामान्य उपयोग के लिए रखा गया है। जुलाई 2026 में जारी होने के बाद इसका मौजूदा संस्करण 1.1.0_20260813 है। स्टोर पर इसे 100K से अधिक इंस्टॉल मिल चुके हैं, जबकि औसत रेटिंग 3.5 है। ये संकेत बताते हैं कि ऐप ने शुरुआती उपयोगकर्ता आधार बनाया है, लेकिन अनुभव हर व्यक्ति के लिए समान रूप से प्रभावशाली हो, ऐसा मान लेना ठीक नहीं होगा।

कनेक्शन पर निर्भर अनुभव को समझना

इस ऐप को इस्तेमाल करते समय सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रॉक्सी ब्राउज़र कोई जादुई रूप से इंटरनेट उपलब्ध कराने वाला साधन नहीं है। इसे वेब पेज खोलने के लिए सक्रिय नेटवर्क चाहिए। अगर मोबाइल डेटा कमजोर है, Wi-Fi बार-बार टूट रहा है या नेटवर्क स्वयं किसी अनुरोध को रोक रहा है, तो ऐप का अनुभव उसी आधारभूत कनेक्शन से प्रभावित होगा। प्रॉक्सी का रास्ता बदलना कुछ परिस्थितियों में मदद कर सकता है, लेकिन खराब सिग्नल को तेज़ नेटवर्क में नहीं बदलता।

यही वजह है कि मैंने इसे “हर स्थिति में तेज़” ब्राउज़र के बजाय एक अतिरिक्त पहुँच-विकल्प की तरह देखा। किसी वेबसाइट को खोलने में सामान्य ब्राउज़र अटकता है, तो प्रॉक्सी-आधारित रास्ता अलग परिणाम दे सकता है। दूसरी ओर, अगर समस्या वेबसाइट के सर्वर, DNS, मोबाइल टावर या आपके Wi-Fi राउटर में है, तो केवल ऐप बदलने से समाधान नहीं मिलेगा। यह अंतर समझना उपयोगकर्ता को गलत उम्मीदों से बचाता है।

दैनिक उपयोग का एक व्यावहारिक उदाहरण लें। मान लीजिए मैं कैफे के Wi-Fi पर किसी सार्वजनिक वेब पेज को देखना चाहता हूँ, लेकिन सामान्य ब्राउज़र में पेज लोड होने में परेशानी आ रही है। ऐसे समय में Proxy Browser को खोलकर वही पता दोबारा आज़माना एक आसान परीक्षण है। अगर पेज खुल जाता है, तो मुझे वैकल्पिक मार्ग मिल गया; अगर नहीं खुलता, तो मैं तुरंत समझ सकता हूँ कि समस्या केवल ब्राउज़र बदलने से हल नहीं होगी। इस तरह ऐप उपयोगी है, लेकिन इसे नेटवर्क समस्या का सार्वभौमिक इलाज नहीं मानना चाहिए।

निजी ब्राउज़िंग का उल्लेख आकर्षक है, फिर भी मैं इसे संवेदनशील कामों के लिए पूर्ण सुरक्षा-कवच नहीं मानूंगा। ब्राउज़र में निजी अनुभव और आपकी पूरी डिजिटल पहचान की सुरक्षा एक ही बात नहीं हैं। लॉगिन, बैंकिंग, निजी संदेश या पहचान से जुड़े काम करते समय वेबसाइट का HTTPS, फोन की सुरक्षा और आपके नेटवर्क पर भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण रहता है। प्रॉक्सी को सुविधा समझें, पूर्ण गुमनामी की गारंटी नहीं।

फोन पर इस्तेमाल में जो बातें मायने रखती हैं

मोबाइल पर ब्राउज़िंग का मतलब अक्सर छोटे समय के सत्र होते हैं: बस में किसी जानकारी की तलाश, दुकान में उत्पाद का विवरण देखना, यात्रा के दौरान टिकट पेज खोलना या किसी लिंक को तुरंत पढ़ना। ऐसे संदर्भ में अलग प्रॉक्सी ब्राउज़र रखना उपयोगी हो सकता है, क्योंकि इसे मुख्य ब्राउज़र की सेटिंग बदले बिना आज़माया जा सकता है। मुझे यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए व्यावहारिक लगता है जो अपने रोज़मर्रा के ब्राउज़र को काम, बैंकिंग और व्यक्तिगत खातों के लिए अलग रखना चाहते हैं।

फिर भी एक अतिरिक्त ब्राउज़र का अपना बोझ होता है। आपको लिंक कॉपी करके इसमें खोलना पड़ सकता है, दो ऐप्स के बीच आना-जाना पड़ सकता है और पासवर्ड या बुकमार्क का अनुभव आपके सामान्य ब्राउज़र जैसा सहज न लगे। अगर आपका अधिकांश काम पहले से Chrome, Safari या किसी अन्य परिचित ब्राउज़र में व्यवस्थित है, तो हर लिंक के लिए नया रास्ता अपनाना झुंझलाहट पैदा कर सकता है। इस ऐप की उपयोगिता तभी बढ़ती है जब आपको वास्तव में प्रॉक्सी-केंद्रित विकल्प की जरूरत हो।

कम स्क्रीन वाले फोन पर पेज का लेआउट भी महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रॉक्सी से पेज तक पहुँच मिल सकती है, लेकिन वेबसाइट स्वयं मोबाइल के लिए अच्छी तरह बनी हो, यह ऐप तय नहीं करता। भारी विज्ञापन, जटिल लॉगिन, पॉप-अप या खराब मोबाइल डिजाइन वाला पेज फिर भी असुविधाजनक रह सकता है। इसलिए मैं इसे वेबसाइट की गुणवत्ता सुधारने वाला उपकरण नहीं, बल्कि वहाँ तक पहुँचने का वैकल्पिक माध्यम मानता हूं।

ऐप चुनने से पहले Android संगतता भी देखनी चाहिए। पुराने फोन पर सिस्टम संस्करण न्यूनतम आवश्यकता से नीचे है, तो यह आपके लिए विकल्प नहीं रहेगा। समर्थित फोन होने पर भी खाली स्टोरेज, बैकग्राउंड में चल रहे ऐप और नेटवर्क की स्थिरता मोबाइल अनुभव को प्रभावित करेंगे। केवल ऐप का नया संस्करण होना पर्याप्त नहीं; फोन की वास्तविक स्थिति भी उतनी ही अहम है।

जब कनेक्शन विफल हो जाए

किसी भी प्रॉक्सी ब्राउज़र की असली परीक्षा तब होती है जब पेज तुरंत नहीं खुलता। मेरी सलाह है कि पहले यह जांचें कि दूसरे ऐप में इंटरनेट चल रहा है या नहीं। अगर कोई भी ऐप कनेक्ट नहीं हो रहा, तो मोबाइल डेटा, Wi-Fi या एयरप्लेन मोड की स्थिति देखना अधिक समझदारी है। यदि बाकी ऐप काम कर रहे हैं और केवल एक वेबसाइट नहीं खुलती, तो उसी पते को फिर से खोलना, पेज को ताज़ा करना या कुछ समय बाद प्रयास करना अगला कदम होना चाहिए।

बार-बार असफल प्रयासों के दौरान लगातार रिफ्रेश करना अच्छा तरीका नहीं है। इससे डेटा खर्च बढ़ सकता है और उपयोगकर्ता को यह भ्रम हो सकता है कि ऐप कुछ कर रहा है, जबकि समस्या दूरस्थ सर्वर पर हो सकती है। मैं ऐसे समय में एक सरल सीमा रखूंगा: कुछ नियंत्रित प्रयासों के बाद सामान्य ब्राउज़र या अलग नेटवर्क से तुलना करें। यह छोटा-सा तरीका पता लगाने में मदद करता है कि रुकावट ऐप में है, वेबसाइट में या आपके कनेक्शन में।

अगर कोई पेज आधा खुलता है, तो उसमें मौजूद चित्र, स्क्रिप्ट या लॉगिन तत्व अलग-अलग व्यवहार कर सकते हैं। साधारण सूचना-पृष्ठ शायद पढ़ने योग्य हो जाए, लेकिन इंटरैक्टिव डैशबोर्ड, भुगतान पेज या वीडियो-आधारित सेवा असुविधाजनक हो सकती है। यही वह जगह है जहाँ प्रॉक्सी ब्राउज़र और सामान्य ब्राउज़र के बीच चुनाव करना पड़ता है। पढ़ने के लिए वैकल्पिक पहुँच पर्याप्त हो सकती है; जटिल काम के लिए अधिक स्थिर और परिचित विकल्प बेहतर रहेगा।

कनेक्शन वापस आने पर भी पहले से खुले पेज को अपने-आप भरोसेमंद मानना ठीक नहीं। किसी संवेदनशील फॉर्म को दोबारा भेजने से पहले देखें कि पिछला अनुरोध पूरा हुआ था या नहीं। यह सावधानी खासकर खरीदारी, आवेदन और लॉगिन जैसे कामों में जरूरी है, क्योंकि नेटवर्क विफलता के बाद दोहराया गया टैप कभी-कभी अनचाहा दोहराव पैदा कर सकता है। ऐप को दोष देने के बजाय प्रक्रिया को नियंत्रित रखना अधिक सुरक्षित है।

मोबाइल डेटा बचाने की समझदार आदतें

प्रॉक्सी का अर्थ यह नहीं कि डेटा खपत अपने-आप कम हो जाएगी। वास्तव में, किसी पेज को वैकल्पिक सर्वर के रास्ते खोलने पर भी पेज की सामग्री, चित्र और स्क्रिप्ट आपके कनेक्शन से ही आती हैं। अगर आप सीमित मोबाइल पैक पर हैं, तो भारी पेज, ऑटो-प्ले मीडिया और बार-बार रिफ्रेश से बचना चाहिए। ऐप को “निजी” या “तेज़” कहे जाने के आधार पर कम डेटा खर्च करने वाला मान लेना सही निष्कर्ष नहीं होगा।

मेरे लिए सबसे उपयोगी कार्यप्रवाह यह होगा कि पहले केवल आवश्यक पेज खोलूं, अनावश्यक टैब बंद रखूं और लंबे लेख या सूची को एक ही सत्र में पढ़ूं। यदि किसी वेबसाइट का हल्का मोबाइल संस्करण उपलब्ध हो, तो वही चुनना बेहतर है। चित्रों और वीडियो से भरे पेज को बार-बार खोलने के बजाय जरूरी जानकारी नोट कर लेना भी डेटा और समय दोनों बचाता है। ये आदतें ऐप की किसी अपुष्ट सुविधा पर निर्भर नहीं करतीं, इसलिए व्यावहारिक हैं।

सार्वजनिक Wi-Fi पर उपयोग करते समय मैं संवेदनशील खातों में लॉगिन करने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतूंगा। प्रॉक्सी ब्राउज़र पहुँच का रास्ता बदल सकता है, लेकिन यह आपके फोन को गलत नेटवर्क, नकली वेबसाइट या कमजोर पासवर्ड से स्वतः सुरक्षित नहीं बनाता। URL ध्यान से देखना, संदिग्ध प्रमाणपत्र चेतावनी को नजरअंदाज न करना और जरूरत न होने पर खाते से साइन आउट करना बेहतर व्यवहार है।

डेटा-सचेत उपयोग का एक और पहलू है बैकग्राउंड गतिविधि। फोन की सिस्टम सेटिंग में ऐप के मोबाइल डेटा व्यवहार को देखना उपयोगी हो सकता है, खासकर तब जब आपका पैक सीमित हो। मैं इसे नियमित स्ट्रीमिंग या बड़े डाउनलोड के लिए नहीं चुनूंगा। इसका मजबूत उपयोग छोटा, उद्देश्यपूर्ण वेब सत्र है—किसी पेज को खोलना, जानकारी पढ़ना और काम पूरा करके ऐप बंद कर देना।

सामान्य ब्राउज़र, VPN और इस विकल्प के बीच चुनाव

सामान्य ब्राउज़र रोज़मर्रा के लिए अक्सर बेहतर रहता है। उसमें पहले से बुकमार्क, पासवर्ड, इतिहास, टैब और वेबसाइट संगतता का परिचित ढांचा होता है। अगर आपका लक्ष्य केवल तेज़ी से समाचार पढ़ना, खरीदारी करना या अपने खातों का प्रबंधन करना है, तो अलग प्रॉक्सी ब्राउज़र जोड़ने का लाभ सीमित हो सकता है। मैं Proxy Browser को मुख्य ब्राउज़र का अनिवार्य प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि विशेष परिस्थिति का सहायक विकल्प मानता हूं।

VPN से तुलना करते समय भी दोनों को समान नहीं समझना चाहिए। VPN आम तौर पर डिवाइस या नेटवर्क के व्यापक ट्रैफिक के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि प्रॉक्सी ब्राउज़र का प्रभाव उसके भीतर किए गए वेब उपयोग तक सीमित समझना अधिक सुरक्षित है। अगर आपको कई ऐप्स के कनेक्शन के लिए एक व्यापक नेटवर्क समाधान चाहिए, तो यह ऐप सही श्रेणी का उपकरण नहीं हो सकता। अगर आपको केवल ब्राउज़र के भीतर वैकल्पिक वेब पहुँच चाहिए, तो इसका सरल स्वरूप अधिक सुविधाजनक लग सकता है।

गोपनीयता के मामले में भी चुनाव लक्ष्य पर निर्भर है। सामान्य ब्राउज़र में निजी मोड सुविधा हो सकती है, लेकिन वह प्रॉक्सी मार्ग नहीं देता। VPN व्यापक नेटवर्क गोपनीयता के लिए अलग जरूरत पूरी कर सकता है, जबकि यह ऐप ब्राउज़िंग-केंद्रित विकल्प के रूप में अधिक सीधा है। मैं किसी भी विकल्प को केवल नाम देखकर नहीं चुनूंगा; पहले यह तय करूंगा कि समस्या वेबसाइट तक पहुँच की है, ट्रैकिंग की है, सार्वजनिक नेटवर्क की है या पूरे फोन के ट्रैफिक की।

इस ऐप की एक गैर-स्पष्ट उपयोगिता परीक्षण के रूप में है। यदि कोई साइट सामान्य ब्राउज़र में नहीं खुलती, तो बिना मुख्य ब्राउज़र की सेटिंग बदले तुलना की जा सकती है। इससे पता चलता है कि समस्या ब्राउज़र-विशिष्ट है या नेटवर्क-व्यापी। यह छोटा-सा निदान-कार्य उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी है जो तकनीकी सेटिंग्स में गहराई से नहीं जाना चाहते।

किसके लिए यह अच्छा चुनाव है

मैं इसे उन Android उपयोगकर्ताओं को सुझाऊंगा जिन्हें कभी-कभी वैकल्पिक वेब पहुँच चाहिए और जो इसके लिए अलग, हल्का ब्राउज़र रखना चाहते हैं। यात्रियों, सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करने वालों, अलग-अलग नेटवर्क पर वेबसाइट व्यवहार की तुलना करने वालों और मुख्य ब्राउज़र से काम अलग रखने वालों को इसमें व्यावहारिक मूल्य मिल सकता है। मुफ्त उपलब्धता भी शुरुआती परीक्षण को आसान बनाती है, क्योंकि इसे आज़माने के लिए भुगतान बाधा नहीं है।

यह उन लोगों के लिए भी ठीक हो सकता है जो ब्राउज़र सेटिंग्स में बार-बार बदलाव नहीं करना चाहते। मुख्य ब्राउज़र की प्रोफाइल, कुकी या नेटवर्क सेटिंग छेड़ने के बजाय अलग ऐप खोलना कई बार सरल लगता है। लेकिन सरलता का अर्थ यह नहीं कि हर वेबसाइट समान रूप से चलेगी। उपयोगकर्ता को अपने महत्वपूर्ण कामों के लिए एक बैकअप ब्राउज़र या सामान्य कनेक्शन का विकल्प रखना चाहिए।

दूसरी ओर, अगर आपको पासवर्ड सिंक, गहरे एक्सटेंशन समर्थन, बहुत परिष्कृत टैब प्रबंधन या व्यापक डिवाइस-स्तरीय गोपनीयता चाहिए, तो किसी स्थापित ब्राउज़र या VPN-केंद्रित समाधान की जरूरत पड़ सकती है। इसी तरह, सीमित डेटा वाले उपयोगकर्ता इसे लगातार खुले रखने के बजाय छोटे सत्रों में इस्तेमाल करें। जो व्यक्ति केवल एक ही ब्राउज़र में अपना पूरा डिजिटल जीवन व्यवस्थित रखना चाहता है, उसके लिए यह अतिरिक्त ऐप अनावश्यक लग सकता है।

मेरी कनेक्टिविटी-केंद्रित राय

Proxy Browser: Private Browser का मूल्य इसकी भूमिका को सही तरह समझने पर सामने आता है। यह उन क्षणों के लिए उपयोगी वैकल्पिक दरवाज़ा है जब वेब पहुँच सामान्य रास्ते से सहज नहीं लगती। यह सक्रिय इंटरनेट के बिना काम करने वाला उपकरण नहीं है, न ही यह कमजोर सिग्नल, बंद सर्वर या हर सुरक्षा जोखिम को अपने-आप ठीक करता है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी समस्या वास्तव में ब्राउज़र या पहुँच-पथ से जुड़ी है या नहीं।

मेरे अनुभव-आधारित आकलन में 3.5 का औसत संकेत देता है कि ऐप आकर्षक विचार और वास्तविक उपयोगिता के बीच संतुलन खोज रहा है। 107 रेटिंग और एक समीक्षा के स्तर पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया अभी बहुत व्यापक तस्वीर नहीं बनाती, इसलिए मैं इसे पहले छोटे, गैर-संवेदनशील कामों से परखने की सलाह दूंगा। ऐप मुफ्त है, Android 8.0 या उसके बाद के फोन पर चलता है और सामान्य आयु-रेटिंग के साथ आता है, इसलिए शुरुआती परीक्षण अपेक्षाकृत आसान है।

अंततः, मैं इसे अपने मुख्य ब्राउज़र का पूर्ण विकल्प नहीं बनाऊंगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर रखने योग्य सहायक मानूंगा। इसका सबसे अच्छा उपयोग है: नेटवर्क बदलने पर किसी वेब पेज की पहुँच जांचना, छोटे मोबाइल सत्र पूरे करना और मुख्य ब्राउज़र की सेटिंग बदले बिना वैकल्पिक रास्ता आज़माना। अगर आपकी प्राथमिकता सरल, उद्देश्यपूर्ण और प्रॉक्सी-आधारित वेब पहुँच है, तो यह ऐप आज़माने लायक है; अगर आपको व्यापक सुरक्षा या पूर्ण ब्राउज़र सुविधाएं चाहिएं, तो दूसरा विकल्प बेहतर रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Proxy Browser: Private Browser क्या है और यह कैसे काम करता है?

Proxy Browser: Private Browser एक ऐसा मोबाइल ब्राउज़र है जो आपकी वेबसाइट ब्राउज़िंग को प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से रूट करने का दावा करता है। इसका उद्देश्य आपके वास्तविक IP पते को छिपाना और कुछ नेटवर्क प्रतिबंधों के बीच वेबसाइटों तक पहुँच आसान बनाना है। ऐप का उपयोग सामान्य ब्राउज़िंग की तरह किया जा सकता है, लेकिन कनेक्शन की गति और उपलब्ध सर्वर आपके नेटवर्क तथा चुने गए स्थान पर निर्भर कर सकते हैं।

क्या Proxy Browser: Private Browser वास्तव में पूरी तरह निजी और सुरक्षित है?

यह ऐप आपकी ऑनलाइन पहचान को कुछ हद तक छिपाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे पूर्ण सुरक्षा या गुमनामी का विकल्प नहीं समझना चाहिए। प्रॉक्सी आपके IP पते को बदल सकता है, परंतु वेबसाइटें कुकीज़, ब्राउज़र फिंगरप्रिंट या लॉगिन जानकारी से आपको पहचान सकती हैं। संवेदनशील बैंकिंग, पासवर्ड या निजी दस्तावेज़ों के लिए ऐप की गोपनीयता नीति पढ़ना और HTTPS वेबसाइटों का ही उपयोग करना बेहतर है।

क्या इस ब्राउज़र से सभी वेबसाइटें और स्ट्रीमिंग सेवाएँ खुल जाती हैं?

Proxy Browser: Private Browser कुछ वेबसाइटों या क्षेत्रीय प्रतिबंधों को पार करने में उपयोगी हो सकता है, लेकिन यह हर साइट और सेवा के साथ काम करेगा, इसकी गारंटी नहीं है। कई स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म प्रॉक्सी ट्रैफ़िक को पहचानकर रोकते हैं। कभी-कभी पेज धीरे लोड हो सकते हैं, वीडियो की गुणवत्ता कम हो सकती है या कनेक्शन बार-बार बदलना पड़ सकता है। परिणाम सर्वर और आपके इंटरनेट नेटवर्क पर निर्भर रहता है।

क्या Proxy Browser: Private Browser निःशुल्क है या इसमें विज्ञापन और इन-ऐप खरीदारी शामिल हैं?

ऐप डाउनलोड करने से पहले इसके स्टोर पेज पर मूल्य, विज्ञापन और इन-ऐप खरीदारी की जानकारी अवश्य जाँचें, क्योंकि सुविधाएँ संस्करण और प्लेटफ़ॉर्म के अनुसार बदल सकती हैं। निःशुल्क संस्करण में विज्ञापन, सीमित प्रॉक्सी स्थान या गति संबंधी प्रतिबंध हो सकते हैं, जबकि प्रीमियम विकल्प अतिरिक्त सर्वर या अधिक निजी ब्राउज़िंग सुविधाएँ दे सकता है। भुगतान से पहले सदस्यता की अवधि और स्वतः नवीनीकरण समझना जरूरी है।

क्या Proxy Browser: Private Browser का उपयोग Android और iPhone दोनों पर किया जा सकता है?

Proxy Browser: Private Browser की उपलब्धता Android और iOS पर अलग-अलग हो सकती है, इसलिए डाउनलोड करने से पहले अपने डिवाइस के आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store में ऐप का नाम और डेवलपर अवश्य मिलाएँ। इंस्टॉल करने के लिए आपके फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम समर्थित संस्करण पर होना चाहिए। ऐप इंस्टॉल करने के बाद मांगी गई अनुमतियों को ध्यान से पढ़ें और अनावश्यक अनुमति मिलने पर उसे अस्वीकार करने पर विचार करें।

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