MARKS: IIT JEE & NEET Prep App
4.7 शिक्षा 4 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया
स्क्रीनशॉट्स
खूबियाँ
- अध्यायवार टेस्ट से कमजोर टॉपिक पहचानना आसान होता है।
- ऑफलाइन सामग्री से सीमित इंटरनेट में भी पढ़ाई जारी रहती है।
- प्रगति रिपोर्ट से नियमित तैयारी और प्रदर्शन पर नज़र रहती है।
- IIT और NEET दोनों के लिए अलग-अलग अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
- छोटे क्विज़ से खाली समय में त्वरित अभ्यास किया जा सकता है।
कमियाँ
- कुछ उन्नत सुविधाओं के लिए प्रीमियम सदस्यता लेनी पड़ सकती है।
- सामग्री की अधिकता नए विद्यार्थियों को शुरुआत में उलझा सकती है।
- वीडियो और टेस्ट डाउनलोड करने पर फोन की स्टोरेज भर सकती है।
- व्यक्तिगत शंकाओं के समाधान के विकल्प सीमित हो सकते हैं।
- लगातार अपडेट के बाद कभी-कभी ऐप का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
विश्लेषणकर्ता Mobexer
अगर आप IIT JEE या NEET की तैयारी कर रहे हैं और पढ़ाई को केवल मॉक टेस्ट तक सीमित रखने के बजाय अध्याय के हिसाब से पुराने प्रश्नों से समझना चाहते हैं, तो MARKS: IIT JEE & NEET Prep App मेरे अनुभव में देखने लायक शिक्षा ऐप है। इसका मुख्य आकर्षण यह है कि यह JEE Main, JEE Advanced और NEET के पिछले वर्षों के प्रश्नों को विषय और अध्याय के संदर्भ में अभ्यास करने की दिशा देता है।
मैं इसे किसी पूरी कोचिंग का विकल्प नहीं मानता। यह अधिक उपयोगी तब लगता है जब आपके पास पहले से किताबें, कक्षा-नोट्स या कोई शिक्षक हो और आप यह जाँचना चाहते हों कि किसी अध्याय से परीक्षा में किस तरह के सवाल पूछे गए हैं। यानी इसकी ताकत पढ़ाने से अधिक अभ्यास को व्यवस्थित करने में है।
पुराने प्रश्नों को अध्याय-वार पढ़ने का व्यावहारिक तरीका
ऐसे ऐप का असली लाभ केवल प्रश्नों की संख्या में नहीं, बल्कि उन्हें सही क्रम में हल करने में है। सामान्य प्रश्न-बैंक में विद्यार्थी अक्सर आसान और कठिन सवालों के बीच बिना योजना के घूमता रहता है। अध्याय-वार व्यवस्था से मैं पहले किसी विषय का छोटा हिस्सा चुन सकता हूँ, फिर उसी से जुड़े पुराने प्रश्न हल करके यह देख सकता हूँ कि मेरी समझ परीक्षा के स्तर पर कितनी मजबूत है।
उदाहरण के लिए, भौतिकी का कोई अध्याय पढ़ने के बाद सीधे पूरे विषय का टेस्ट देने के बजाय उसी अध्याय के JEE प्रश्नों से शुरुआत करना अधिक समझदारी भरा है। इससे दो बातें जल्दी सामने आती हैं: कौन-से सूत्र सचमुच उपयोग में आते हैं और किस तरह के सवाल में मेरी गलती होती है। रसायन विज्ञान में यह तरीका विशेष रूप से मदद करता है, क्योंकि याद किए हुए तथ्य और उनके अनुप्रयोग के बीच का अंतर प्रश्न हल करते समय साफ दिखता है। जीवविज्ञान में NEET की तैयारी करने वाला विद्यार्थी अध्याय पूरा करने के बाद पुराने प्रश्नों से अपनी याददाश्त और विकल्पों को पहचानने की क्षमता जाँच सकता है।
मेरे लिए इसका सबसे अच्छा उपयोग तीन चरणों में है। पहले मैं अध्याय के नोट्स पढ़ता हूँ, फिर बिना उत्तर देखे प्रश्न हल करता हूँ और अंत में गलत प्रश्नों को अलग से दोबारा देखता हूँ। केवल सही उत्तर गिनना पर्याप्त नहीं है। अगर उत्तर अनुमान से सही हुआ है, तो उसे भी समीक्षा सूची में रखना चाहिए। इस तरह ऐप अभ्यास को निष्क्रिय पढ़ने के बजाय निर्णय लेने वाली प्रक्रिया बनाता है।
एक सामान्य दिन का उदाहरण लें। मान लीजिए आपके पास शाम को केवल पैंतालीस मिनट हैं। उस समय पूरे मॉक टेस्ट में बैठना मुश्किल हो सकता है, लेकिन एक अध्याय के सीमित प्रश्न हल किए जा सकते हैं। पहले कुछ मिनट में आप पिछली गलतियों को देखते हैं, फिर चुने हुए प्रश्न हल करते हैं और आखिर में दो या तीन कठिन सवालों की वजह लिखते हैं। यह छोटी दिनचर्या लंबे समय में अधिक टिकाऊ हो सकती है, खासकर उन विद्यार्थियों के लिए जो बड़े अध्ययन सत्र नियमित रूप से नहीं कर पाते।
अभ्यास को केवल स्कोर तक सीमित न रखें
ऐप से बेहतर परिणाम पाने के लिए मैं हर प्रश्न के साथ तीन छोटी टिप्पणियाँ रखने की सलाह दूँगा: गलती अवधारणा की थी, गणना की थी या जल्दबाजी की; प्रश्न किस उप-विषय से जुड़ा था; और अगली बार इसे पहचानने का संकेत क्या होगा। यह काम ऐप के बाहर कॉपी में किया जा सकता है। इससे पुराने प्रश्न केवल हल किए हुए सवाल नहीं रहते, बल्कि व्यक्तिगत गलती-पुस्तिका बन जाते हैं।
एक उपयोगी तरीका यह भी है कि पहले प्रश्नों को समय की चिंता किए बिना हल करें। जब अवधारणा स्पष्ट हो जाए, तब उसी अध्याय के प्रश्नों को समय सीमा के साथ दोबारा करें। इससे आप ज्ञान और गति को अलग-अलग माप पाते हैं। कई विद्यार्थी धीमे हल करने को तुरंत कमजोर तैयारी समझ लेते हैं, जबकि समस्या कभी-कभी केवल गणना की आदत में होती है। इस अंतर को पहचानना तैयारी की दिशा बदल सकता है।
JEE Main और JEE Advanced के प्रश्नों को एक ही तरह से देखना भी सही नहीं होगा। Main स्तर के प्रश्नों से बुनियादी पकड़ और सामान्य परीक्षा-शैली समझने में मदद मिलती है, जबकि Advanced के प्रश्नों में शर्तों, संयोजन और बहु-चरणीय सोच पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है। इसलिए मैं दोनों को मिलाकर एक ही स्कोर बनाने के बजाय अलग-अलग अभ्यास सत्रों में रखूँगा। NEET की तैयारी में भी यही बात लागू होती है: जीवविज्ञान के लिए सटीक स्मरण और विकल्पों की सूक्ष्म तुलना पर ध्यान देना होगा, जबकि भौतिकी और रसायन में प्रश्न हल करने की प्रक्रिया अलग हो सकती है।
किस तरह का मूल्य वास्तव में मिलता है
यह ऐप मुफ्त है, इसलिए इसका मूल्य समझने के लिए सबसे पहले खर्च और उपयोगिता को अलग-अलग देखना चाहिए। यहाँ किसी खरीदारी या सदस्यता के आधार पर मूल्यांकन करने की जरूरत नहीं पड़ती; विद्यार्थी इसे बिना कीमत चुकाए अपने अभ्यास-संसाधनों में जोड़ सकता है। इसका अर्थ यह नहीं कि आपकी पूरी तैयारी का समय भी मुफ्त में मिल जाएगा। प्रश्नों को सही ढंग से हल करना, गलतियों की समीक्षा करना और दोहराव की योजना बनाना अब भी आपकी मेहनत पर निर्भर है।
मुफ्त उपलब्धता का सबसे बड़ा फायदा उन विद्यार्थियों को मिलता है जो महंगे कोचिंग संसाधनों के साथ अतिरिक्त अभ्यास चाहते हैं, या जिनके पास सीमित बजट है। यह उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकता है जो किसी नए अध्याय को पहले पुराने प्रश्नों से परखना चाहते हैं और उसके बाद तय करना चाहते हैं कि उन्हें विस्तृत मार्गदर्शन की जरूरत है या नहीं। इस तरह ऐप को मुख्य पाठ्यक्रम के ऊपर एक अभ्यास परत की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
MARKS App द्वारा विकसित इस ऐप को शिक्षा श्रेणी में रखा गया है। इसे 3+ के लिए रेट किया गया है, लेकिन वास्तविक उपयोगकर्ता स्वाभाविक रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी होंगे। ऐप का आकार और उद्देश्य देखकर इसे छोटे बच्चों के लिए सामान्य सीखने वाला ऐप समझना ठीक नहीं होगा; आयु-रेटिंग केवल सामग्री की स्वीकार्यता बताती है, परीक्षा-स्तर नहीं।
इसकी लोकप्रियता भी कम नहीं है। इसे दस लाख से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है, इसे 4.7 का औसत मिला है और लगभग तिहत्तर हजार रेटिंग दर्ज हैं। ये संकेत बताते हैं कि बहुत-से विद्यार्थियों ने इसे अपने अभ्यास में आजमाया है, लेकिन मैं फिर भी केवल औसत रेटिंग देखकर अपनी पूरी तैयारी किसी एक ऐप पर निर्भर नहीं करूँगा। लोकप्रियता उपयोगी संकेत है, व्यक्तिगत उपयुक्तता का प्रमाण नहीं।
जहाँ यह सामान्य विकल्पों से बेहतर लगता है
कोचिंग की मोटी पुस्तकों में पुराने प्रश्न अक्सर अध्यायों के साथ दिए जाते हैं, लेकिन वहाँ विद्यार्थी को सही सेट चुनने और अपनी प्रगति दर्ज करने का काम खुद करना पड़ता है। मोबाइल ऐप का लाभ यह है कि छोटे अंतराल में भी अभ्यास शुरू किया जा सकता है। बस में यात्रा करते समय, कक्षा के बीच खाली समय में या रात को पुनरावृत्ति के दौरान अध्याय खोलना किताबों की तुलना में सरल लग सकता है।
सिर्फ वीडियो लेक्चर देखने की आदत के मुकाबले यह ऐप एक जरूरी बदलाव लाता है। वीडियो से अवधारणा समझ में आ सकती है, लेकिन प्रश्न हल किए बिना यह पता नहीं चलता कि परीक्षा में उसे लागू कर पाएँगे या नहीं। दूसरी ओर, केवल इस ऐप पर निर्भर रहने से सिद्धांत की कमी रह सकती है। इसलिए मेरे हिसाब से इसका सही स्थान वीडियो, किताब या शिक्षक के बाद आता है, उनके स्थान पर नहीं।
मॉक टेस्ट ऐप की तुलना में इसका अध्याय-आधारित उपयोग अधिक लचीला हो सकता है। पूरे सिलेबस का टेस्ट तब उपयोगी होता है जब आप परीक्षा-जैसी स्थिति का अभ्यास कर रहे हों, लेकिन शुरुआती और मध्य चरण में वह यह नहीं बताता कि कमजोरी किस अध्याय में है। यहाँ छोटे हिस्से पर लौटना आसान हो सकता है। फिर भी अंतिम तैयारी में केवल अध्याय-वार प्रश्न पर्याप्त नहीं होंगे, क्योंकि वास्तविक परीक्षा में विषय बदलते रहते हैं और मानसिक गति भी जाँची जाती है।
कुछ सीमाएँ जिन्हें पहले समझना चाहिए
सबसे पहली सीमा यह है कि पिछले वर्षों के प्रश्न भविष्य के प्रश्नपत्र की गारंटी नहीं देते। वे परीक्षा की भाषा, कठिनाई और बार-बार आने वाली अवधारणाओं को समझने में मदद कर सकते हैं, लेकिन उनसे वही सवाल दोहराया जाएगा, यह मानना गलत रणनीति होगी। मैं पुराने प्रश्नों को पैटर्न समझने का माध्यम मानूँगा, भविष्यवाणी करने का साधन नहीं।
दूसरी सीमा अध्ययन की गहराई से जुड़ी है। अगर किसी प्रश्न का उत्तर गलत हुआ और विद्यार्थी केवल सही विकल्प देखकर आगे बढ़ गया, तो ऐप का लाभ बहुत कम हो जाएगा। कठिन सवालों के पीछे की अवधारणा समझने के लिए पाठ्यपुस्तक, विस्तृत समाधान या शिक्षक की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए यह उन विद्यार्थियों के लिए कम उपयुक्त है जिन्हें हर प्रश्न का चरण-दर-चरण पाठ चाहिए और जो स्वतंत्र समीक्षा नहीं करना चाहते।
तीसरी बात यह है कि अध्याय-वार अभ्यास कभी-कभी झूठा आत्मविश्वास दे सकता है। जब आप लगातार एक ही अध्याय के प्रश्न करते हैं, तो आपको पहले से पता रहता है कि किस अवधारणा का उपयोग करना है। असली परीक्षा में ऐसा संकेत नहीं मिलता। इसलिए मैं हर कुछ अध्ययन सत्र के बाद मिश्रित प्रश्नों का अभ्यास जरूर करूँगा, चाहे वह किसी अन्य साधन से करना पड़े।
मोबाइल पर पढ़ने की सुविधा के साथ ध्यान भटकने का जोखिम भी रहता है। नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और छोटे स्क्रीन पर लंबे समय तक पढ़ना एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है। अगर आप प्रश्नों को गंभीरता से हल करना चाहते हैं, तो फोन का ध्यान भटकाने वाला हिस्सा बंद करके एक निश्चित समय तय करना बेहतर होगा। यह ऐप की सामग्री की कमी नहीं, बल्कि मोबाइल-आधारित पढ़ाई का व्यावहारिक समझौता है।
किस विद्यार्थी को इससे सबसे अधिक लाभ मिलेगा
यह ऐप उस विद्यार्थी के लिए अच्छा मेल है जो अपने अध्ययन को अध्यायों में बाँटकर चलना चाहता है और नियमित रूप से पुराने प्रश्न हल करने को तैयार है। JEE की तैयारी में इसका उपयोग भौतिकी, रसायन और गणित के अध्यायों को पढ़ने के बाद परीक्षा-शैली की जाँच के लिए किया जा सकता है। NEET विद्यार्थी इसे विशेष रूप से जीवविज्ञान के अध्यायों की पुनरावृत्ति और भौतिकी-रसायन के प्रश्न-अभ्यास के बीच संतुलन बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
यह उन विद्यार्थियों के लिए भी अच्छा है जो कोचिंग में पढ़ रहे हैं, लेकिन कक्षा में समझे हुए विषय का स्वतंत्र परीक्षण नहीं कर पाते। शिक्षक द्वारा दिए गए गृहकार्य के बाद पुराने प्रश्नों का अलग सेट हल करना आपको यह बताता है कि आपकी तैयारी केवल कक्षा की याद पर टिकी है या सच में प्रश्न हल करने तक पहुँची है।
स्व-अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को इससे सबसे अधिक अनुशासन बनाना होगा। ऐप प्रश्न उपलब्ध करा सकता है, लेकिन यह तय नहीं करेगा कि आज कौन-सा अध्याय पढ़ना है, कितने प्रश्न करने हैं या गलती दोहराने से कैसे बचना है। अगर आप एक सरल योजना बना सकते हैं—जैसे सप्ताह में कुछ दिन अध्याय-वार अभ्यास और एक दिन मिश्रित समीक्षा—तो मुफ्त संसाधन का मूल्य काफी बढ़ जाता है।
इसके विपरीत, वह विद्यार्थी इसे प्राथमिक साधन न बनाए जिसे अभी तक बुनियादी सिद्धांत समझ में नहीं आए हैं। ऐसे मामले में पहले पाठ्यपुस्तक, शिक्षक या विस्तृत पाठ की जरूरत होगी। इसी तरह, अगर आपकी तैयारी परीक्षा के अंतिम चरण में है और आपको लगातार पूर्ण लंबाई वाले मॉक टेस्ट, समय प्रबंधन और परीक्षा-कक्ष जैसी स्थितियों का अभ्यास चाहिए, तो केवल अध्याय-वार प्रश्नों पर टिके रहना पर्याप्त नहीं होगा।
संस्करण, पहुँच और रोजमर्रा का उपयोग
ऐप का वर्तमान संस्करण 2.0.7.1 है और यह Android 5.0 या उसके बाद के संस्करण पर चलने के लिए बनाया गया है। इसका मतलब यह है कि बहुत पुराने Android फोन वाले विद्यार्थियों को पहले अपने डिवाइस की संगतता देखनी चाहिए। जिनके पास समर्थित फोन है, वे इसे अलग अध्ययन-संसाधन के रूप में रख सकते हैं, लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए फोन की उपलब्धता और बैटरी पर निर्भरता को भी अपनी दिनचर्या में ध्यान में रखना होगा।
मैं इसे पढ़ाई के समय खोलकर बिना लक्ष्य के स्क्रॉल नहीं करूँगा। बेहतर तरीका यह है कि पहले कॉपी में आज का अध्याय और प्रश्नों का लक्ष्य लिखें, फिर ऐप में उसी हिस्से पर जाएँ। सत्र के अंत में केवल स्कोर नहीं, बल्कि गलतियों के प्रकार दर्ज करें। सप्ताह के अंत में जिन अध्यायों में बार-बार एक जैसी गलती हुई हो, उन्हें अगली योजना में प्राथमिकता दें। यह प्रक्रिया ऐप को साधारण प्रश्न-संग्रह से व्यक्तिगत तैयारी उपकरण में बदल देती है।
एक और उपयोगी समझौता यह है कि हर प्रश्न को तुरंत दोबारा हल करने के बजाय गलत प्रश्नों के लिए अंतराल रखें। उसी दिन समाधान समझें, अगले पुनरावृत्ति सत्र में बिना देखे प्रयास करें और कुछ समय बाद मिश्रित सूची में फिर जाँचें। इस तरीके से याददाश्त के साथ-साथ समस्या पहचानने की क्षमता भी विकसित होती है।
मेरा खरीदें या छोड़ें वाला फैसला
क्योंकि ऐप मुफ्त है, यहाँ “खरीदें” का सवाल वास्तव में यह है कि क्या इसे अपनी तैयारी में शामिल करना आपके समय के लायक है। मेरे विचार से JEE या NEET के उम्मीदवारों के लिए इसे आजमाने का जोखिम कम है, खासकर तब जब उन्हें अध्याय-वार पुराने प्रश्नों का नियमित अभ्यास चाहिए। कीमत न होने का लाभ तभी वास्तविक बनेगा जब आप इसे योजना के साथ उपयोग करें, न कि केवल इंस्टॉल करके छोड़ दें।
मेरी सिफारिश यह होगी कि पहले एक कमजोर अध्याय चुनें और कुछ अध्ययन सत्रों तक इसका उपयोग करें। देखें कि प्रश्नों की व्यवस्था आपकी पढ़ाई के अनुकूल है या नहीं, गलतियों की समीक्षा आप नियमित रूप से कर पा रहे हैं या नहीं और क्या इससे आपकी तैयारी में कोई स्पष्ट दिशा बनती है। अगर आपको हर उत्तर के लिए बहुत विस्तृत शिक्षण चाहिए, तो इसे किसी किताब, शिक्षक या व्याख्यात्मक संसाधन के साथ जोड़ना बेहतर रहेगा।
अंतिम राय में, यह ऐप सबसे मजबूत तब है जब आप इसे अध्याय पढ़ने और पूर्ण मॉक टेस्ट के बीच की कड़ी बनाते हैं। यह सिद्धांत सिखाने वाली संपूर्ण कोचिंग नहीं है, न ही परीक्षा की हर जरूरत अकेले पूरी करता है। लेकिन मुफ्त, केंद्रित और पुराने JEE तथा NEET प्रश्नों पर आधारित अभ्यास-साधन के रूप में यह गंभीर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी जगह बना सकता है। अगर आप प्रश्न हल करने के बाद अपनी गलतियों पर लौटने का अनुशासन रखते हैं, तो इसे अपनी तैयारी में शामिल करना समझदारी होगी; अगर आप केवल उत्तर देखकर आगे बढ़ते हैं, तो इसका लाभ काफी सीमित रह जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MARKS: IIT JEE & NEET Prep App क्या है और यह किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?
MARKS एक परीक्षा-तैयारी ऐप है, जिसे मुख्य रूप से JEE और NEET जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। इसमें विषयवार प्रश्न, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, अभ्यास सामग्री और प्रदर्शन समझने में मदद करने वाले फीचर्स मिल सकते हैं। यह ऐप उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो नियमित अभ्यास करना चाहते हैं, अपनी कमजोरियों को पहचानना चाहते हैं और परीक्षा के पैटर्न से परिचित होना चाहते हैं।
क्या MARKS ऐप में JEE और NEET के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र उपलब्ध हैं?
हाँ, MARKS ऐप की प्रमुख उपयोगिताओं में JEE और NEET के पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास शामिल है। विद्यार्थी आमतौर पर प्रश्नों को विषय, अध्याय या परीक्षा के आधार पर देख सकते हैं और उन्हें हल करके अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं। पिछले प्रश्नपत्रों का अभ्यास परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्तर, दोहराए जाने वाले टॉपिक्स और समय प्रबंधन को समझने में काफी मदद करता है।
क्या MARKS ऐप का उपयोग बिना इंटरनेट के किया जा सकता है?
ऐप के कुछ फीचर्स इंटरनेट कनेक्शन के बिना उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन यह सुविधा सामग्री और ऐप के वर्तमान संस्करण पर निर्भर करती है। प्रश्नों, समाधान, टेस्ट या अध्ययन सामग्री को पहले से डाउनलोड करने का विकल्प मिलने पर विद्यार्थी उन्हें ऑफलाइन देख सकते हैं। हालांकि, नए कंटेंट, सिंक्रोनाइज़ेशन, रैंकिंग, अपडेट और कुछ ऑनलाइन टेस्ट फीचर्स के लिए इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक हो सकता है।
क्या MARKS: IIT JEE & NEET Prep App निःशुल्क है?
MARKS ऐप को डाउनलोड करके इसकी कई बुनियादी सुविधाओं का उपयोग निःशुल्क किया जा सकता है, लेकिन कुछ उन्नत सामग्री या अतिरिक्त फीचर्स के लिए इन-ऐप खरीदारी या प्रीमियम सदस्यता उपलब्ध हो सकती है। डाउनलोड करने से पहले ऐप स्टोर पर दिए गए मूल्य, सदस्यता की अवधि और ऑटो-रिन्यूअल शर्तों को ध्यान से पढ़ना बेहतर है, ताकि बाद में किसी प्रकार का अनपेक्षित शुल्क न लगे।
क्या यह ऐप JEE या NEET की पूरी तैयारी के लिए पर्याप्त है?
MARKS अभ्यास, प्रश्न-समाधान और पिछले वर्षों के पेपर के लिए उपयोगी सहायक ऐप हो सकता है, लेकिन केवल इसी पर निर्भर रहना पूरी परीक्षा-तैयारी के लिए पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। अच्छे परिणाम के लिए NCERT और मानक पुस्तकों का अध्ययन, अवधारणाओं की स्पष्ट समझ, नियमित मॉक टेस्ट, समय-सारणी और गलतियों का विश्लेषण भी जरूरी है। ऐप को अपनी मौजूदा तैयारी के साथ एक प्रभावी अभ्यास उपकरण की तरह इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।











