ControlHub: Themes & Widgets
4.5 मनमुताबिक बनाना 4 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया
स्क्रीनशॉट्स
खूबियाँ
- होम स्क्रीन को थीम और विजेट से आसानी से व्यक्तिगत बना सकते हैं।
- विजेट्स में मौसम
- घड़ी और बैटरी जैसी उपयोगी जानकारी मिलती है।
- संगत आइकन पैक के साथ स्क्रीन का लुक अधिक एकसार दिखता है।
- सेटअप प्रक्रिया नए उपयोगकर्ताओं के लिए अपेक्षाकृत सरल है।
- नियमित अपडेट से नए डिज़ाइन और अनुकूलन विकल्प मिल सकते हैं।
कमियाँ
- कुछ थीम और विजेट इस्तेमाल करने के लिए भुगतान आवश्यक हो सकता है।
- अधिक विजेट लगाने से बैटरी और सिस्टम संसाधनों की खपत बढ़ सकती है।
- हर एंड्रॉइड लॉन्चर या डिवाइस के साथ पूर्ण संगतता नहीं मिलती।
- विजेट का आकार और लेआउट सीमित होने से अनुकूलन कम लग सकता है।
- कुछ सुविधाओं के लिए अतिरिक्त अनुमतियां या लगातार इंटरनेट कनेक्शन चाहिए।
विश्लेषणकर्ता Mobexer
पहली नज़र में ControlHub: Themes & Widgets ऐसा ऐप लगता है जो फोन के सामान्य इंटरफेस में छोटे-छोटे बदलाव करके उसे अधिक व्यक्तिगत बनाने पर ध्यान देता है। मैंने इसे इसी उम्मीद से देखा कि क्या यह केवल शुरुआती सजावट का मज़ा देता है, या फिर कुछ हफ्तों बाद भी रोज़मर्रा के इस्तेमाल में उपयोगी बना रहता है। कस्टम थीम, विजेट, बैटरी आइकन, स्टेटस बार और जेस्चर कंट्रोल को एक ही जगह लाने का विचार सुविधाजनक है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें फोन का डिफॉल्ट रूप जल्दी उबाऊ लगने लगता है।
यह NATION CROSS LIMITED का मुफ्त कस्टमाइज़ेशन ऐप है और इसे 3+ के लिए रेट किया गया है। इसका औसत स्कोर 4.5 है, जिसे लगभग 2.2 हज़ार रेटिंग से समर्थन मिला है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि इसे 500 हज़ार से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है, इसलिए यह केवल बहुत छोटे प्रयोगात्मक दर्शक तक सीमित नहीं है। मेरे लिए असली सवाल डाउनलोड की लोकप्रियता नहीं, बल्कि यह है कि क्या ControlHub फोन को हर दिन बेहतर बनाता है या बस पहले सप्ताह में आकर्षक लगता है।
पहले सप्ताह में मिलने वाला आकर्षण
शुरुआती अनुभव में ControlHub का सबसे मजबूत पक्ष इसकी दिशा की स्पष्टता है। यह कोई सामान्य वॉलपेपर ऐप नहीं है, बल्कि फोन के उन हिस्सों पर ध्यान देता है जिन्हें हम दिन भर बार-बार देखते हैं। थीम बदलने से पूरा दृश्य माहौल बदल सकता है, जबकि विजेट होम स्क्रीन पर उपयोगी जानकारी या शॉर्टकट को अधिक व्यक्तिगत रूप दे सकते हैं। बैटरी आइकन और स्टेटस बार जैसे छोटे तत्व भी लगातार दिखाई देते हैं, इसलिए इनका बदलाव केवल सजावटी नहीं लगता।
मुझे ऐसे ऐप में सबसे अधिक आनंद तब आता है जब बदलाव बड़ा दिखे, लेकिन उसे लागू करने में बहुत अधिक मेहनत न लगे। ControlHub का विचार इसी संतुलन पर टिका है। कोई व्यक्ति अपने फोन को शांत, साफ और कम ध्यान भटकाने वाला बना सकता है, जबकि दूसरा अधिक रंगीन या अभिव्यक्तिपूर्ण रूप चुन सकता है। जेस्चर कंट्रोल इस अनुभव को दृश्य बदलाव से आगे ले जाते हैं, क्योंकि वे फोन से बातचीत करने के तरीके को भी प्रभावित कर सकते हैं।
पहले सप्ताह में एक व्यावहारिक तरीका यह है कि मैं एक साथ हर विकल्प बदलने के बजाय पहले केवल एक थीम और एक विजेट आज़माऊं। फिर कुछ घंटे फोन का सामान्य इस्तेमाल करके देखूं कि नया रूप पढ़ने, संदेश देखने और ऐप खोलने में सचमुच सहज है या नहीं। यह छोटा कदम जरूरी है, क्योंकि जो डिजाइन स्क्रीनशॉट में सुंदर लगता है, वह तेज़ रोशनी, छोटे आइकन या व्यस्त होम स्क्रीन में उतना उपयोगी नहीं भी हो सकता।
बैटरी आइकन जैसी चीज़ का चुनाव भी केवल रंग पसंद करने का मामला नहीं है। इसे ऐसा होना चाहिए कि कम बैटरी और पर्याप्त बैटरी के बीच फर्क तुरंत समझ आए। अगर सजावटी शैली संकेत को अस्पष्ट कर देती है, तो सुंदरता सुविधा पर भारी पड़ती है। मेरी सलाह है कि पहले ऐसे विकल्प चुनें जिनमें जानकारी एक नज़र में स्पष्ट रहे, फिर धीरे-धीरे अधिक प्रयोगात्मक रूप आज़माएं। यही ControlHub के साथ अच्छा आरंभ बनाता है।
जेस्चर कंट्रोल सबसे अधिक ध्यान मांगने वाला हिस्सा हो सकता है। नए जेस्चर को अपनाने में हाथ और दिमाग दोनों को आदत डालनी पड़ती है। शुरुआत में गलती से कोई क्रिया हो सकती है या पुरानी आदत के कारण नया तरीका भूल सकता हूं। इसलिए इन्हें तुरंत हर काम के लिए इस्तेमाल करने के बजाय केवल उन क्रियाओं पर लगाना बेहतर है जिन्हें मैं दिन में बार-बार करता हूं। कस्टमाइज़ेशन तभी सफल है जब वह याद रखने की अतिरिक्त मेहनत से अधिक सुविधा दे।
किसके लिए शुरुआती अनुभव सबसे अच्छा है
यह ऐप उन लोगों को तुरंत पसंद आ सकता है जो अपने फोन की पहचान को केवल केस या वॉलपेपर से आगे बदलना चाहते हैं। अगर मुझे होम स्क्रीन व्यवस्थित करना, रंगों का मेल बनाना और छोटे इंटरफेस तत्वों को अपनी पसंद के अनुसार देखना अच्छा लगता है, तो ControlHub प्रयोग करने के लिए पर्याप्त जगह देता है। यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए भी उपयोगी हो सकता है जो काम और निजी जीवन के लिए अलग दृश्य माहौल रखना चाहते हैं, बशर्ते वे बदलावों को खुद व्यवस्थित रखें।
इसके विपरीत, जो व्यक्ति फोन को एक बार सेट करके महीनों तक छेड़ना नहीं चाहता, उसे शुरुआती उत्साह जल्दी खत्म लग सकता है। डिफॉल्ट लॉन्चर और सिस्टम इंटरफेस से संतुष्ट उपयोगकर्ता के लिए हर अतिरिक्त थीम या जेस्चर आवश्यक नहीं होगा। इस तरह के व्यक्ति के लिए ControlHub का मूल्य मुख्य रूप से प्रयोग और निजी पसंद में है, न कि किसी जरूरी समस्या के समाधान में।
एक सामान्य दिन में इसका वास्तविक उपयोग
मान लीजिए मैं सुबह फोन उठाकर मौसम, बैटरी और जरूरी शॉर्टकट देखता हूं। एक सुव्यवस्थित विजेट मुझे कई ऐप खोलने से बचा सकता है, जबकि स्पष्ट बैटरी आइकन बाहर निकलने से पहले तुरंत संकेत दे सकता है कि फोन चार्ज करना चाहिए या नहीं। दिन में बार-बार इस्तेमाल होने वाली किसी क्रिया के लिए जेस्चर उपयोगी हो सकता है, लेकिन केवल तब जब वह गलती से सक्रिय न हो और मुझे हर बार स्क्रीन पर सही जगह खोजने की जरूरत न पड़े।
शाम को यही सेटअप कम चमकदार थीम या कम भरे हुए लेआउट के साथ अधिक आरामदायक महसूस हो सकता है। यहां ControlHub का लाभ यह नहीं कि वह कोई नया काम कर देता है, बल्कि यह है कि वह फोन के रोज़मर्रा के दृश्य और संचालन को मेरी आदत के करीब ला सकता है। फिर भी यह लाभ तभी टिकता है जब विजेट वास्तव में काम आते हों। केवल खाली जगह भरने के लिए लगाए गए विजेट कुछ दिनों बाद बोझ लगते हैं।
एक महीने बाद मिलने वाली उपयोगिता
किसी भी थीम और विजेट ऐप का असली परीक्षण तब शुरू होता है जब शुरुआती नवीनता कम हो जाती है। एक महीने बाद मैं खुद से पूछता हूं कि क्या मैं बदले हुए इंटरफेस को सहजता से इस्तेमाल कर रहा हूं, क्या विजेट अब भी रोज़ काम आते हैं, और क्या जेस्चर सच में समय बचाते हैं। ControlHub की दीर्घकालिक उपयोगिता इसी बात पर निर्भर करती है कि उपयोगकर्ता सजावट को अपनी दिनचर्या से जोड़ता है या नहीं।
मेरे अनुभव में सबसे टिकाऊ बदलाव वे होते हैं जो किसी दोहराए जाने वाले काम को सरल बनाते हैं। यदि विजेट किसी जरूरी जानकारी को तुरंत दिखाता है, तो उसकी उपयोगिता बनी रहती है। यदि बैटरी आइकन देखने से स्थिति जल्दी समझ आती है, तो वह छोटा बदलाव भी सार्थक है। थीम अकेले अधिकतर भावनात्मक सुविधा देती है; वह फोन को अपना महसूस करा सकती है, लेकिन रोज़मर्रा के मूल्य के लिए उसे स्पष्ट लेआउट और उपयोगी तत्वों के साथ जोड़ना पड़ता है।
यहां एक गैर-स्पष्ट लेकिन महत्वपूर्ण समझौता है: अधिक निजीकरण हमेशा अधिक सुविधा नहीं देता। होम स्क्रीन पर बहुत सारे विजेट, रंग और संकेत जोड़ने से ध्यान बंट सकता है। ControlHub का बेहतर इस्तेमाल न्यूनतम लेकिन सोच-समझकर चुने गए बदलावों में है। मैं एक मुख्य विजेट, स्पष्ट बैटरी संकेत और सीमित जेस्चर को किसी अत्यधिक सजावटी व्यवस्था से अधिक टिकाऊ मानूंगा।
काम करने वाले उपयोगकर्ता के लिए एक उपयोगी व्यवस्था यह हो सकती है कि होम स्क्रीन को केवल उन चीज़ों के लिए रखा जाए जिन्हें दिन में कई बार देखना पड़ता है। निजी पसंद की थीम को पृष्ठभूमि में रहने दिया जा सकता है, जबकि स्टेटस बार और बैटरी आइकन को पढ़ने योग्य रखा जाए। इस तरह फोन आकर्षक भी रहता है और काम के बीच ध्यान भटकाने वाला सजावटी बोर्ड भी नहीं बनता।
छात्र या परिवार के सदस्य अलग तरह से लाभ उठा सकते हैं। किसी को स्पष्ट संकेत और आसान जेस्चर पसंद आएंगे, तो किसी को रंग और थीम के माध्यम से अपना फोन अलग दिखाना। 3+ आयु रेटिंग इसे व्यापक दर्शक के लिए सहज बनाती है, लेकिन छोटे उपयोगकर्ता के लिए भी अभिभावक को यह देखना चाहिए कि इंटरफेस बदलाव उपयोगी हैं या केवल स्क्रीन पर अतिरिक्त व्यस्तता पैदा कर रहे हैं।
पुराने विकल्पों की तुलना में इसका स्थान
आम तौर पर फोन को व्यक्तिगत बनाने के लिए लोग अलग-अलग थीम, वॉलपेपर, विजेट या लॉन्चर समाधान तलाशते हैं। ControlHub का आकर्षण यह है कि वह इन अनुभवों को एक ही कस्टमाइज़ेशन दिशा में देखने देता है। इससे अलग-अलग ऐप के बीच बदलने की जरूरत कम हो सकती है और इंटरफेस का दृश्य मेल बनाए रखना आसान हो सकता है।
फिर भी किसी बड़े लॉन्चर या सिस्टम के अपने विकल्प से तुलना करते समय यह समझना जरूरी है कि एकीकृत अनुभव हमेशा अधिक गहरा नहीं होता। जो उपयोगकर्ता आइकन पैक, ग्रिड, फोल्डर व्यवहार और विस्तृत होम स्क्रीन नियंत्रण पर बहुत बारीकी से काम करना चाहता है, उसे किसी समर्पित लॉन्चर में अधिक नियंत्रण मिल सकता है। दूसरी ओर, जो व्यक्ति बिना लंबी सेटिंग प्रक्रिया के थीम, विजेट, बैटरी आइकन और जेस्चर को एक साथ आज़माना चाहता है, उसके लिए ControlHub अधिक सीधा रास्ता हो सकता है।
सिस्टम के डिफॉल्ट विकल्पों का एक लाभ स्थिरता और परिचित व्यवहार है। ControlHub का लाभ चुनाव और व्यक्तित्व है। इसलिए यह किसी एक विकल्प का पूर्ण प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए अतिरिक्त परत है जो फोन के सामान्य रूप से संतुष्ट नहीं हैं। मेरा फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि मुझे गहरी तकनीकी ट्यूनिंग चाहिए या जल्दी दिखने वाला, रोज़ महसूस होने वाला बदलाव।
रखरखाव कितना पड़ता है
कस्टमाइज़ेशन ऐप का रखरखाव अक्सर डाउनलोड के समय दिखाई नहीं देता। थीम बदलने के बाद विजेट की जगह, स्टेटस बार की पठनीयता और जेस्चर की आदत पर ध्यान देना पड़ता है। ControlHub को एक बार सेट करके भूल जाने वाला उत्पाद मानना सही नहीं होगा, खासकर तब जब मैं बार-बार होम स्क्रीन बदलता हूं या फोन का उपयोग करने का तरीका बदलता रहता है।
सबसे अच्छा रखरखाव एक छोटी समीक्षा दिनचर्या है। कुछ समय बाद मैं देख सकता हूं कि कौन सा विजेट अभी भी खोला जाता है, कौन सा जेस्चर याद रहता है और कौन सा दृश्य तत्व केवल जगह घेर रहा है। बेकार चीज़ों को हटाना नए विकल्प जोड़ने से अधिक प्रभावी हो सकता है। इससे फोन हल्का और समझने में आसान रहता है, जबकि ControlHub का निजी स्पर्श भी बचा रहता है।
अगर मैं काम, यात्रा या पढ़ाई के दौरान अलग जरूरतों का सामना करता हूं, तो एक ही डिजाइन को हर परिस्थिति के लिए मजबूर करने के बजाय सरल व्यवस्था रखना बेहतर है। उदाहरण के लिए, यात्रा में बैटरी और जरूरी शॉर्टकट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए; घर पर अधिक सजावटी थीम का आनंद लिया जा सकता है। यह बदलाव तभी उपयोगी है जब उसे करना आसान हो, वरना अलग-अलग सेटअप का विचार खुद एक अतिरिक्त काम बन जाता है।
वर्जन 0.0.30 के साथ मैं इसे अभी भी ऐसे ऐप की तरह देखता हूं जिसे धीरे-धीरे परखा जाना चाहिए, न कि फोन की पूरी पहचान तुरंत इसी पर निर्भर कर देनी चाहिए। नए उपयोगकर्ता पहले हल्का सेटअप रखें और देखें कि उनका फोन स्थिर आदत के साथ कैसा महसूस होता है। किसी भी कस्टमाइज़ेशन परत के साथ यह समझदारी रहती है कि जरूरी कामों के लिए परिचित रास्ता दिमाग में बना रहे।
मुफ्त होना इसे आज़माने का जोखिम कम करता है। मैं पहले अपने फोन पर एक साधारण थीम और कम विजेट के साथ शुरुआत करूंगा, फिर जेस्चर जोड़ूंगा। यह क्रम यह पहचानने में मदद करता है कि सुविधा किस हिस्से से आ रही है। अगर हर बदलाव एक साथ कर दिया जाए, तो बाद में असुविधा होने पर कारण समझना कठिन हो सकता है।
कहां से थकान शुरू हो सकती है
ControlHub की सबसे बड़ी संभावित कमजोरी वही है जो इसकी खूबी भी है: विकल्पों का आकर्षण। शुरुआत में हर नया दृश्य, आइकन या नियंत्रण दिलचस्प लगता है, लेकिन लगातार बदलते रहने से फोन की पहचान अस्थिर महसूस हो सकती है। मैं अगर हर कुछ दिनों में थीम बदलता रहूं, तो अंततः किसी भी व्यवस्था की आदत नहीं बनती और ऐप का उपयोग सजावट खोजने तक सीमित हो जाता है।
विजेट भी थकान का कारण बन सकते हैं। जो जानकारी मैं दिन में एक बार देखता हूं, उसके लिए स्थायी जगह देना हमेशा उचित नहीं। होम स्क्रीन पर बहुत अधिक तत्व होने से जरूरी ऐप ढूंढना धीमा हो सकता है। इसलिए विजेट चुनते समय यह सोचना चाहिए कि वह कितनी बार सच में काम आएगा, न कि वह केवल देखने में कितना अच्छा लगता है।
जेस्चर में भी यही सावधानी जरूरी है। यदि कोई जेस्चर स्वाभाविक नहीं लगता, तो उसे याद रखने के लिए मानसिक प्रयास करना पड़ता है। बार-बार गलती होने पर उपयोगकर्ता पुराने तरीके पर लौटना चाहेगा। मेरे विचार में ControlHub का जेस्चर हिस्सा उन क्रियाओं के लिए सबसे उपयुक्त है जिन्हें मैं बहुत नियमित रूप से करता हूं और जिनके लिए एक छोटा, स्पष्ट संकेत पर्याप्त हो। हर सुविधा को जेस्चर में बदलना समझदारी नहीं है।
दृश्य स्पष्टता और निजी शैली के बीच भी तनाव रहता है। गहरे रंग, सजावटी बैटरी संकेत या असामान्य स्टेटस बार आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन अगर वे सूचना पढ़ने में समय बढ़ाते हैं तो लंबे समय में थकाते हैं। खासकर बाहर तेज़ रोशनी में या जल्दी में फोन देखने पर सरल डिजाइन जीतता है। मैं ऐसे विकल्प को प्राथमिकता दूंगा जो पहले उपयोगी हो और फिर सुंदर।
जो उपयोगकर्ता बिल्कुल स्थिर, बिना प्रयोग वाला अनुभव चाहते हैं, उनके लिए यह सही चुनाव नहीं हो सकता। इसी तरह, अगर किसी को केवल वॉलपेपर बदलना है, तो इतने व्यापक कस्टमाइज़ेशन विकल्प अनावश्यक लग सकते हैं। ControlHub का मूल्य तभी उभरता है जब मैं थीम के साथ विजेट, बैटरी आइकन, स्टेटस बार या जेस्चर में भी वास्तविक रुचि रखता हूं।
लंबे समय के लिए मेरा फैसला
ControlHub: Themes & Widgets मुझे ऐसा ऐप लगता है जो शुरुआती आकर्षण से आगे जा सकता है, लेकिन अपने आप नहीं। इसका दीर्घकालिक मूल्य उपयोगकर्ता की चयन क्षमता पर निर्भर है। अगर मैं हर विकल्प जोड़ने के बजाय अपनी दिनचर्या के लिए कुछ स्पष्ट सुधार चुनता हूं, तो थीम, विजेट और बैटरी आइकन फोन को अधिक अपना और अधिक उपयोगी बना सकते हैं। जेस्चर कंट्रोल इस अनुभव को और व्यक्तिगत बनाते हैं, हालांकि उन्हें अपनाने में धैर्य चाहिए।
मैं इसे उन मित्रों को सुझाऊंगा जिन्हें फोन का डिफॉल्ट रूप नीरस लगता है और जो इंटरफेस को अपने काम करने के तरीके के करीब लाना चाहते हैं। मुफ्त उपलब्धता के कारण इसे सीमित, सावधान सेटअप के साथ आज़माना आसान है। 19 जून 2026 को जारी हुआ यह ऐप अभी संस्करण 0.0.30 पर है, इसलिए मैं इसे प्रयोग की भावना से इस्तेमाल करूंगा और अपनी सबसे जरूरी स्क्रीन को अनावश्यक बदलावों से बचाए रखूंगा।
मेरी अंतिम सलाह सरल है: पहले एक सप्ताह तक केवल वही बदलाव रखें जिन्हें आप बिना सोचे इस्तेमाल कर लेते हैं। महीने भर बाद जो चीज़ अब भी समय बचाती है या जानकारी को अधिक स्पष्ट बनाती है, उसे रहने दें; बाकी हटा दें। इस कसौटी पर ControlHub केवल सजावट का ऐप नहीं रहता, बल्कि एक व्यक्तिगत इंटरफेस टूल बन सकता है। लेकिन अगर कुछ दिनों बाद आप केवल नई थीम खोज रहे हों और रोज़मर्रा में कोई सुविधा महसूस न हो, तो आपके फोन के मौजूदा विकल्प ही बेहतर और कम मेहनत वाले साबित होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ControlHub: Themes & Widgets क्या है और यह किस काम आता है?
ControlHub: Themes & Widgets एक कस्टमाइजेशन ऐप है, जिसकी मदद से आप अपने फोन की होम स्क्रीन को नए थीम, विजेट, आइकन और सजावटी तत्वों के साथ व्यक्तिगत बना सकते हैं। ऐप उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी है जो डिफॉल्ट इंटरफेस से अलग लुक चाहते हैं। इंस्टॉल करने से पहले यह देख लें कि आपके डिवाइस और Android संस्करण के साथ इसके सभी फीचर पूरी तरह संगत हैं या नहीं।
क्या ControlHub: Themes & Widgets में थीम और विजेट मुफ्त मिलते हैं?
ऐप में कुछ थीम, विजेट या कस्टमाइजेशन विकल्प मुफ्त हो सकते हैं, लेकिन सभी डिजाइन और प्रीमियम पैक बिना भुगतान के उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। कुछ सामग्री विज्ञापन देखने, इन-ऐप खरीदारी या सदस्यता के पीछे हो सकती है। डाउनलोड से पहले ऐप के स्टोर पेज पर कीमत, सदस्यता की शर्तें और ऑटो-रिन्यूअल संबंधी जानकारी अवश्य जांचें।
क्या इस ऐप का उपयोग करने के लिए विशेष परमिशन की आवश्यकता होती है?
ControlHub: Themes & Widgets को थीम, विजेट या शॉर्टकट लागू करने के लिए कुछ परमिशन की जरूरत पड़ सकती है। इनमें नोटिफिकेशन, स्टोरेज, दूसरे ऐप्स के ऊपर दिखने या एक्सेसिबिलिटी जैसी अनुमतियां शामिल हो सकती हैं, जो डिवाइस और फीचर के अनुसार बदलती हैं। केवल वही परमिशन दें जिनका ऐप के काम से स्पष्ट संबंध हो और अनावश्यक अनुमति मांगने पर सावधानी बरतें।
क्या ControlHub: Themes & Widgets फोन की बैटरी या प्रदर्शन को प्रभावित करता है?
साधारण स्थिर थीम और हल्के विजेट आमतौर पर फोन के प्रदर्शन पर बड़ा असर नहीं डालते, लेकिन लाइव वॉलपेपर, लगातार अपडेट होने वाले मौसम या घड़ी विजेट और एनिमेशन बैटरी तथा RAM का अधिक उपयोग कर सकते हैं। पुराने या कम शक्तिशाली फोन पर होम स्क्रीन धीमी महसूस हो सकती है। समस्या होने पर अनावश्यक एनिमेशन और रियल-टाइम विजेट बंद करना बेहतर रहेगा।
क्या ControlHub: Themes & Widgets सभी Android फोन पर काम करता है?
ऐप का अनुभव फोन के ब्रांड, Android संस्करण, स्क्रीन आकार, लॉन्चर और सिस्टम की कस्टमाइजेशन नीतियों के अनुसार अलग हो सकता है। कुछ विजेट या आइकन पैक Samsung, Xiaomi, OnePlus या अन्य डिवाइस पर अलग तरीके से दिखाई दे सकते हैं। डाउनलोड करने से पहले न्यूनतम Android आवश्यकता, समर्थित डिवाइस और हाल की उपयोगकर्ता समीक्षाएं जांचें, ताकि संगतता से जुड़ी परेशानी से बचा जा सके।











