Vidyakul Online Classes 9-12th

4.5 शिक्षा 2 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

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खूबियाँ

  • लाइव कक्षाओं में शिक्षक से सीधे सवाल पूछने की सुविधा।
  • हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए समझने योग्य अध्ययन सामग्री।
  • कक्षा 9 से 12 तक विषयवार पाठ्यक्रम का अच्छा कवरेज।
  • रिकॉर्डेड लेक्चर से छूटी हुई पढ़ाई दोबारा देखने की सुविधा।
  • परीक्षा और प्रतियोगी तैयारी के लिए नियमित अभ्यास सामग्री।

कमियाँ

  • कुछ प्रीमियम पाठ्यक्रमों के लिए अलग से भुगतान करना पड़ सकता है।
  • कमज़ोर इंटरनेट पर लाइव वीडियो की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
  • सभी विषयों या बोर्ड के लिए सामग्री समान रूप से विस्तृत नहीं।
  • ऐप में उपलब्ध सामग्री का लाभ लेने के लिए नियमित अनुशासन जरूरी है।
  • कुछ उपकरणों पर नोटिफिकेशन और वीडियो लोड होने में देरी दिख सकती है।
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Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

अगर आप बिहार, उत्तर प्रदेश या गुजरात बोर्ड की पढ़ाई कर रहे हैं और साथ में सीयूईटी या एनडीए जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी देख रहे हैं, तो Vidyakul Online Classes 9-12th आपके लिए एक उपयोगी शुरुआती विकल्प हो सकता है। मैंने इसे एक सामान्य वीडियो-ऐप की तरह नहीं, बल्कि स्कूल की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को एक ही जगह संभालने वाले शिक्षा ऐप के रूप में देखा। इसका मुख्य आकर्षण यह है कि कक्षाएं हिंदी और अंग्रेजी दोनों में मिलती हैं, इसलिए भाषा के कारण पढ़ाई रुकती नहीं है।

यह Vidyakul का बनाया हुआ ऐप है और शिक्षा श्रेणी में आता है। इसे मुफ्त में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो उन विद्यार्थियों के लिए खास बात है जिन्हें महंगे कोचिंग विकल्पों से बचना है। ऐप को 3+ आयु वर्ग के लिए रेट किया गया है, लेकिन इसका वास्तविक उपयोग माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रासंगिक है। मेरे अनुभव में, इसकी उपयोगिता केवल ऐप खोलने में नहीं, बल्कि पढ़ाई को एक नियमित प्रक्रिया में बदलने में है—कक्षा चुनना, विषय पर जाना, समझना, दोबारा देखना और फिर अपने स्कूल या परीक्षा की जरूरत के अनुसार अभ्यास करना।

पढ़ाई शुरू करने से पहले अपनी जरूरत साफ करें

इस ऐप को खोलने से पहले सबसे जरूरी काम यह है कि आप तय करें कि आपकी प्राथमिकता क्या है। क्या आपको बोर्ड की किताब समझनी है, किसी कठिन अध्याय को दोबारा पढ़ना है, सीयूईटी के लिए आधार मजबूत करना है या एनडीए की दिशा में तैयारी शुरू करनी है? अगर आप बिना लक्ष्य के हर उपलब्ध कक्षा देखने लगेंगे, तो सामग्री अधिक लग सकती है और पढ़ाई का क्रम टूट सकता है।

मैं विद्यार्थी को सलाह दूंगा कि पहले अपनी कक्षा और बोर्ड की जरूरत लिख ले। बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए ऐप का ध्यान स्वाभाविक रूप से अधिक उपयोगी हो सकता है, जबकि सीयूईटी और एनडीए की तैयारी करने वालों को अपने स्कूल पाठ्यक्रम के साथ परीक्षा-विशेष जरूरतों का संतुलन बनाना होगा। यह ऐप उस संतुलन की शुरुआत कर सकता है, लेकिन पूरी तैयारी का एकमात्र आधार मानना हर विद्यार्थी के लिए सही नहीं होगा।

भाषा का चुनाव भी शुरुआत में महत्वपूर्ण है। हिंदी में समझने पर अगर अवधारणा जल्दी साफ होती है, तो उसी भाषा से शुरू करें; अंग्रेजी में पढ़ने की आदत बनानी हो तो धीरे-धीरे अंग्रेजी कक्षाओं की ओर जाएं। केवल इसलिए भाषा न बदलें कि कोई विकल्प अधिक गंभीर लगता है। मेरी नजर में सही भाषा वह है जिसमें आप नोट्स बना सकें और कक्षा के बाद प्रश्न हल कर सकें।

कक्षा और परीक्षा के बीच सही रास्ता

Vidyakul को सबसे अच्छा परिणाम तब मिल सकता है जब आप इसे अपने स्कूल की पढ़ाई के बाद इस्तेमाल करें। उदाहरण के लिए, स्कूल में भौतिकी का कोई अध्याय समझ में आधा आया है। ऐसे में ऐप पर उसी विषय की कक्षा देखकर पहले मूल विचार साफ करना बेहतर है, बजाय इसके कि आप सीधे प्रतियोगी प्रश्नों पर छलांग लगा दें। इसके बाद अपनी पाठ्यपुस्तक के उदाहरण हल करें और अंत में परीक्षा-उन्मुख अभ्यास करें।

यह क्रम एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अंतर पैदा करता है। बहुत से विद्यार्थी वीडियो देखकर संतुष्ट हो जाते हैं, जबकि असली जांच यह है कि बिना वीडियो चलाए आप अवधारणा समझा सकते हैं या नहीं। इसलिए मैं हर कक्षा के बाद अपनी कॉपी बंद करके तीन बातें लिखने की सलाह दूंगा: अध्याय का मुख्य नियम, वह जगह जहां गलती हो सकती है और एक ऐसा प्रश्न जिसे आप खुद हल कर सकें।

एक सामान्य दिन में इसका इस्तेमाल

मान लीजिए किसी विद्यार्थी की शाम को स्कूल का काम पूरा हो चुका है, लेकिन गणित का एक अध्याय कमजोर है। वह पहले ऐप में अपनी कक्षा और विषय के अनुरूप कक्षा चुनता है। सुनते समय केवल स्क्रीन देखने के बजाय वह सूत्र और उदाहरण लिखता है। कक्षा खत्म होने के बाद वह उसी अध्याय की पाठ्यपुस्तक खोलता है और देखता है कि क्या अब प्रश्नों की भाषा समझ आ रही है। अगर नहीं, तो पूरी कक्षा फिर से देखने के बजाय कठिन हिस्से को दोबारा सुनना अधिक व्यावहारिक है।

इसके बाद विद्यार्थी अपने लिए छोटे लक्ष्य तय कर सकता है—आज अवधारणा समझना, अगले अध्ययन सत्र में प्रश्न हल करना और सप्ताह के अंत में बिना सहायता के पुनरावृत्ति करना। इस तरह ऐप मनोरंजन की तरह लगातार चलने वाली चीज नहीं रहता; वह पढ़ाई की प्रक्रिया का एक चरण बन जाता है। यही वह तरीका है जिसमें मुफ्त सामग्री का वास्तविक लाभ मिलता है।

कक्षा से कॉपी तक: पूरा अध्ययन प्रवाह

मेरे लिए इस ऐप का सबसे उपयोगी पहलू इसका संभावित अध्ययन-प्रवाह है। शुरुआत ऐप में सामग्री खोजने से होती है, लेकिन परिणाम तब आता है जब विद्यार्थी उस सामग्री को अपनी कॉपी, पाठ्यपुस्तक और परीक्षा-अभ्यास से जोड़ता है। इसे पांच छोटे चरणों में समझना आसान है।

  1. पहला चरण—अपनी दिशा चुनना: कक्षा, बोर्ड और लक्ष्य को स्पष्ट करें। बोर्ड की तैयारी कर रहे हैं तो अध्याय और पाठ्यक्रम को प्राथमिकता दें; सीयूईटी या एनडीए की तैयारी कर रहे हैं तो स्कूल के मूल विषयों को छोड़े बिना परीक्षा की जरूरत जोड़ें।

  2. दूसरा चरण—कक्षा को सक्रिय रूप से देखना: वीडियो या पाठ को केवल पृष्ठभूमि में न चलाएं। रुककर परिभाषा, सूत्र, उदाहरण और शिक्षक द्वारा दिए गए तरीके लिखें। यदि आप हर बात लिखने की कोशिश करेंगे, तो समझने की गति घट सकती है; इसलिए केवल परीक्षा और समझ के लिए जरूरी बातें नोट करें।

  3. तीसरा चरण—कक्षा से बाहर जांच: कक्षा के तुरंत बाद पुस्तक के प्रश्न या अपनी कॉपी के उदाहरण पर लौटें। अगर आपने केवल सुनकर समझा है, तो पहली स्वतंत्र कोशिश में यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सा हिस्सा वास्तव में याद रहा।

  4. चौथा चरण—गलतियों को अलग रखना: गलत उत्तरों के लिए एक अलग पृष्ठ बनाएं। उसमें केवल उत्तर न लिखें; यह भी लिखें कि गलती गणना की थी, सूत्र चुनने की थी या प्रश्न समझने की। यह तरीका दोबारा वही कक्षा देखने से अधिक प्रभावी हो सकता है।

  5. पांचवां चरण—लक्ष्य के अनुसार दोहराना: बोर्ड परीक्षा के लिए उत्तर लिखने की शैली और पाठ्यक्रम की भाषा पर ध्यान दें। सीयूईटी या एनडीए की दिशा में बढ़ते समय गति, मिश्रित प्रश्न और समय-सीमा का अभ्यास अलग से जोड़ें। ऐप से समझ बन सकती है, लेकिन परीक्षा का दबाव अभ्यास से ही आता है।

इस प्रवाह में एक गैर-स्पष्ट लेकिन उपयोगी बात है: हर विषय के लिए एक ही देखने की गति काम नहीं करती। गणित और भौतिकी में उदाहरण के बीच रुकना जरूरी हो सकता है, जबकि इतिहास या भाषा से जुड़े पाठ में पहले पूरा संदर्भ समझना बेहतर हो सकता है। इसलिए ऐप को एक समान तरीके से चलाने के बजाय विषय के अनुसार अपनी नोट्स-पद्धति बदलें।

हिंदी और अंग्रेजी के बीच व्यावहारिक बदलाव

दो भाषाओं में कक्षाएं उपलब्ध होना केवल सुविधा नहीं, बल्कि सीखने की रणनीति भी बन सकता है। कठिन अवधारणा हिंदी में समझकर उसके प्रमुख शब्द अंग्रेजी में लिखना उन विद्यार्थियों के लिए मददगार हो सकता है जिन्हें बाद में अंग्रेजी माध्यम की परीक्षा देनी है। इसी तरह अंग्रेजी में पढ़ते समय कोई शब्द अटकाए, तो पहले उसका अर्थ अपनी परिचित भाषा में साफ करें और फिर उसी शब्द को विषय की कॉपी में दर्ज करें।

फिर भी भाषा बदलने का नुकसान भी हो सकता है। अगर आप हर कुछ मिनट में हिंदी और अंग्रेजी के बीच बदलते रहेंगे, तो अवधारणा से ध्यान हट सकता है। मैं एक अध्याय के लिए एक मुख्य भाषा चुनने और केवल जरूरत पड़ने पर दूसरी भाषा का सहारा लेने को बेहतर मानता हूं। इससे नोट्स भी व्यवस्थित रहते हैं और पुनरावृत्ति तेज होती है।

विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक के बीच हाथ-बदल

ऐप से पढ़ाई का अगला हिस्सा विद्यार्थी के हाथ में रहता है। कक्षा देखने के बाद उसे यह तय करना होता है कि क्या समझ आया, क्या अधूरा है और किस बात पर शिक्षक या सहपाठी से मदद चाहिए। अभिभावक यहां हर कक्षा की निगरानी करने के बजाय सप्ताह के लक्ष्य और पूरे किए गए अध्याय पर बात कर सकते हैं। इससे ऐप दबाव का साधन नहीं, नियमितता का सहारा बनता है।

अगर कोई विद्यार्थी किसी अध्याय में लगातार अटक रहा है, तो केवल उसी वीडियो को बार-बार चलाना समाधान नहीं है। उसे अपनी गलती का उदाहरण लेकर शिक्षक, स्कूल की कक्षा या किसी विश्वसनीय अध्ययन-स्रोत से मिलान करना चाहिए। Vidyakul को एक शैक्षिक सहायक की तरह इस्तेमाल करना अधिक समझदारी है, न कि हर शंका के लिए अंतिम प्राधिकारी की तरह।

यहां एक और महत्वपूर्ण हाथ-बदल है—ऐप से कॉपी और कॉपी से परीक्षा। वीडियो में दिखाई गई व्याख्या को अपने शब्दों में लिखे बिना विद्यार्थी अक्सर पहचानने की गलती करता है कि उसे सब आता है। जब वही बात खाली पन्ने पर लिखनी पड़ती है, तो वास्तविक तैयारी सामने आती है। इसीलिए मैं देखने और लिखने के बीच दूरी बहुत लंबी नहीं रखने की सलाह दूंगा।

किसके लिए यह ऐप अच्छा बैठता है

यह ऐप उन विद्यार्थियों के लिए मजबूत विकल्प लगता है जो बिहार, उत्तर प्रदेश या गुजरात बोर्ड के संदर्भ में पढ़ रहे हैं और अपनी भाषा में समझना चाहते हैं। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को इससे विषयों की पुनरावृत्ति, छूटे हुए पाठ और परीक्षा से पहले आधार मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हिंदी माध्यम के विद्यार्थी विशेष रूप से सहज महसूस कर सकते हैं, जबकि अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी भाषा-विकल्प का उपयोग कठिन अध्यायों को सरल बनाने के लिए कर सकते हैं।

सीयूईटी की तैयारी शुरू करने वाले विद्यार्थी भी इसे स्कूल विषयों की नींव मजबूत करने के लिए देख सकते हैं। एनडीए की दिशा में सोच रहे विद्यार्थियों के लिए भी विषय-समझ उपयोगी हो सकती है, खासकर तब जब वे अभी शुरुआती स्तर पर हों। लेकिन इन परीक्षाओं में केवल कक्षा सुनना पर्याप्त नहीं होगा। परीक्षा का प्रारूप, समय-प्रबंधन, प्रश्नों की गति और नियमित मॉक अभ्यास के लिए अलग योजना बनानी पड़ेगी।

माता-पिता के दृष्टिकोण से मुफ्त उपलब्धता एक व्यावहारिक लाभ है। यदि परिवार पहले यह देखना चाहता है कि विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई में नियमित रह सकता है या नहीं, तो बिना शुल्क वाले विकल्प से शुरुआत करना आसान होता है। हालांकि मुफ्त होने का अर्थ यह नहीं कि समय अपने-आप व्यवस्थित हो जाएगा। विद्यार्थी को रोज का निश्चित समय, नोट्स की व्यवस्था और साप्ताहिक समीक्षा खुद बनानी होगी।

किसे दूसरा विकल्प देखना चाहिए

अगर आपको व्यक्तिगत शिक्षक की तुरंत प्रतिक्रिया चाहिए, तो केवल इस ऐप पर निर्भर रहना संतोषजनक नहीं हो सकता। इसी तरह जिन विद्यार्थियों को छोटे, क्रमबद्ध अभ्यास, विस्तृत उत्तर-जांच या लगातार व्यक्तिगत निगरानी की जरूरत है, उनके लिए लाइव ट्यूशन, स्कूल शिक्षक या अलग प्रश्न-अभ्यास मंच बेहतर सहारा दे सकता है।

बहुत अनुशासन वाले विद्यार्थी ऐप से अधिक लाभ उठा सकते हैं, जबकि टालमटोल करने वाले विद्यार्थी वीडियो की सूची में फंस सकते हैं। यदि आप कक्षा देखते हैं लेकिन प्रश्न हल नहीं करते, तो ऐप का शैक्षिक लाभ काफी घट जाता है। प्रतियोगी परीक्षा के गंभीर चरण में आपको ऐसे संसाधन की भी जरूरत पड़ सकती है जो परीक्षा-विशेष अभ्यास और प्रदर्शन का नियमित विश्लेषण दे।

तुलना करते समय मैं इसे महंगे कोचिंग ऐप के सीधे विकल्प के रूप में नहीं रखूंगा। कोचिंग मंच अक्सर अधिक संरचित समय-सारणी, परीक्षण और निगरानी दे सकते हैं; वहीं Vidyakul का लाभ सरल पहुंच, मुफ्त उपयोग और बोर्ड-केंद्रित भाषा विकल्प में है। पाठ्यपुस्तक से तुलना करें तो ऐप समझाने में मदद करता है, लेकिन पुस्तक के प्रश्न, परिभाषाएं और लिखित उत्तर की आदत को बदल नहीं सकता। सबसे अच्छा परिणाम इन दोनों को साथ रखकर आता है।

संस्करण, पहुंच और रोजमर्रा की सुविधा

ऐप का वर्तमान संस्करण 6.1.8.8 है और यह एंड्रॉयड 5.0 या उसके बाद के सिस्टम पर चलने के लिए बनाया गया है। इसका मतलब यह है कि बहुत पुराने एंड्रॉयड फोन वाले विद्यार्थियों को पहले अपने डिवाइस की संगतता देखनी चाहिए। नए फोन पर भी पढ़ाई के लिए स्क्रीन, आवाज और इंटरनेट की स्थिरता महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि कक्षा समझने के बीच रुकावट होने पर ध्यान टूटता है।

इंस्टॉल आधार पांच मिलियन से अधिक है और औसत रेटिंग 4.5 है, साथ ही इसे लगभग 88 हजार रेटिंग मिली हैं। ये संकेत बताते हैं कि ऐप को बड़े विद्यार्थी समुदाय ने आजमाया है, लेकिन किसी भी रेटिंग को अपनी व्यक्तिगत जरूरत का प्रमाण नहीं मानना चाहिए। किसी विद्यार्थी के लिए असली सवाल यह है कि उसे अपने बोर्ड, भाषा और लक्ष्य के अनुरूप सामग्री मिल रही है या नहीं।

ऐप 18 मार्च 2019 को जारी हुआ था और समय के साथ इसका वर्तमान संस्करण सामने आया है। मेरे लिए इसका अर्थ यह है कि यह बिल्कुल नया प्रयोग नहीं लगता, लेकिन लंबे समय से उपलब्ध होना अपने-आप में हर अध्याय की गुणवत्ता की गारंटी भी नहीं देता। पढ़ाई शुरू करने से पहले एक छोटे विषय पर इसका तरीका आजमाएं। अगर समझाने की गति, भाषा और नोट्स बनाने का ढंग आपको सूट करता है, तभी इसे अपने नियमित कार्यक्रम में शामिल करें।

रुकावट आने पर क्या करें

सबसे पहली संभावित रुकावट सामग्री की अधिकता है। जब विद्यार्थी कई कक्षाएं देखता है, तो उसे लगता है कि पढ़ाई हो रही है, जबकि कॉपी में कुछ नहीं जुड़ता। इसका समाधान है कि हर अध्ययन सत्र का परिणाम पहले तय करें—एक अवधारणा, कुछ लिखित नोट्स या प्रश्नों का एक छोटा समूह। परिणाम तय होने पर ऐप खोलने का उद्देश्य स्पष्ट रहता है।

दूसरी रुकावट है बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षा के बीच प्राथमिकता का टकराव। अगर बोर्ड परीक्षा निकट है, तो केवल प्रतियोगी सामग्री में समय लगाना नुकसानदेह हो सकता है। पहले स्कूल पाठ्यक्रम और लिखित उत्तर की तैयारी पूरी करें, फिर अतिरिक्त परीक्षा अभ्यास जोड़ें। दूसरी ओर, यदि बोर्ड का अध्याय पहले से मजबूत है, तो उसी आधार पर सीयूईटी या एनडीए के लिए अलग प्रश्न-अभ्यास बढ़ाया जा सकता है।

तीसरी रुकावट समझ और याद करने के बीच का अंतर है। वीडियो देखकर परिचित लगने वाला अध्याय परीक्षा में कठिन लग सकता है। इसलिए हर कक्षा के बाद बिना सहायता के लिखना, बोलकर समझाना और गलती दर्ज करना जरूरी है। यह छोटा अभ्यास ऐप की निष्क्रिय खपत को सक्रिय सीखने में बदल देता है।

चौथी रुकावट भाषा की सुविधा पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता है। हिंदी में समझना अच्छी शुरुआत है, लेकिन यदि आपकी आगे की परीक्षा अंग्रेजी शब्दावली मांगती है, तो विषय के महत्वपूर्ण शब्द दोनों भाषाओं में दर्ज करें। इसी तरह अंग्रेजी में पढ़ने वाला विद्यार्थी कठिन शब्दों का अर्थ समझे बिना आगे न बढ़े। भाषा सीखने का माध्यम है, लक्ष्य नहीं।

मेरी अंतिम राय: मुफ्त शुरुआत, लेकिन योजना के साथ

Vidyakul Online Classes 9-12th मुझे उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी लगता है जिन्हें बोर्ड-केंद्रित ऑनलाइन कक्षाओं की जरूरत है, हिंदी या अंग्रेजी में सीखने का विकल्प चाहिए और शुरुआत में भुगतान वाले कोचिंग मंच पर निर्भर नहीं होना चाहते। इसका सबसे अच्छा उपयोग तब होगा जब आप इसे स्कूल की किताब, अपनी कॉपी और नियमित प्रश्न-अभ्यास के बीच जोड़ेंगे। केवल कक्षाएं देखना इसकी क्षमता का छोटा हिस्सा इस्तेमाल करना होगा।

मुझे खास तौर पर इसका बोर्ड, सीयूईटी और एनडीए को एक ही अध्ययन-संदर्भ में रखना व्यावहारिक लगता है, लेकिन इन लक्ष्यों को मिलाकर पढ़ने से पहले अपनी प्राथमिकता तय करना जरूरी है। बोर्ड विद्यार्थी इसे अवधारणा और पुनरावृत्ति के लिए अपनाएं; प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले इसे आधार और दिशा के लिए इस्तेमाल करें, फिर परीक्षा-विशेष अभ्यास अलग से जोड़ें।

अगर आप व्यक्तिगत मार्गदर्शन, तुरंत शंका-समाधान और कठोर परीक्षण व्यवस्था चाहते हैं, तो किसी शिक्षक या अधिक संरचित कोचिंग विकल्प की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन यदि आपका सवाल यह है कि कम खर्च में पढ़ाई शुरू करने, कठिन अध्याय दोबारा समझने और अपनी भाषा में सीखने के लिए क्या इस्तेमाल किया जाए, तो यह ऐप आजमाने लायक है। मेरी सलाह है कि इसे डाउनलोड करने से पहले लक्ष्य तय करें, एक अध्याय पर इसका तरीका परखें और हर कक्षा को लिखित अभ्यास से जोड़ें—तभी इसका मुफ्त होना आपके परिणाम में वास्तविक फर्क डालेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Vidyakul Online Classes 9-12th क्या है और इसमें किन कक्षाओं के लिए पढ़ाई उपलब्ध है?

Vidyakul Online Classes 9-12th एक ऑनलाइन शिक्षा ऐप है, जिसमें आमतौर पर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए वीडियो लेक्चर, विषयवार पाठ्यक्रम, अभ्यास सामग्री और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सुविधाएँ मिलती हैं। ऐप में उपलब्ध विषय, बोर्ड, भाषाएँ और कक्षावार सामग्री समय के साथ बदल सकती है, इसलिए डाउनलोड करने से पहले अपने बोर्ड और कक्षा के लिए उपलब्ध कोर्स अवश्य जाँचें।

क्या Vidyakul ऐप CBSE और राज्य बोर्ड दोनों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है?

ऐप का उपयोग कई बोर्डों के विद्यार्थी कर सकते हैं, लेकिन सभी कक्षाओं और विषयों के लिए सामग्री समान रूप से उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ पाठ्यक्रम विशेष रूप से राज्य बोर्ड, हिंदी माध्यम या किसी खास परीक्षा को ध्यान में रखकर बनाए जा सकते हैं। नामांकन से पहले ऐप में अपने बोर्ड, कक्षा, माध्यम और विषय का चयन करके पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता तथा अध्यायों की सूची देखना बेहतर रहेगा।

क्या Vidyakul Online Classes में लाइव क्लास और रिकॉर्डेड वीडियो दोनों मिलते हैं?

Vidyakul में कोर्स के अनुसार लाइव कक्षाएँ, रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर या दोनों प्रकार की पढ़ाई उपलब्ध हो सकती है। लाइव क्लास में शिक्षक से सीधे प्रश्न पूछने का अवसर मिल सकता है, जबकि रिकॉर्डेड सामग्री को अपनी सुविधा के अनुसार दोबारा देखा जा सकता है। हालांकि हर बैच की सुविधाएँ अलग हो सकती हैं, इसलिए खरीदने से पहले क्लास शेड्यूल, रिकॉर्डिंग की उपलब्धता और एक्सेस की अवधि अवश्य जाँचें।

क्या Vidyakul Online Classes 9-12th ऐप मुफ्त है या इसके लिए भुगतान करना पड़ता है?

ऐप को डाउनलोड करना निःशुल्क हो सकता है, लेकिन कुछ वीडियो, बैच, टेस्ट सीरीज़ या प्रीमियम अध्ययन सामग्री के लिए भुगतान आवश्यक हो सकता है। कई बार मुफ्त डेमो, सीमित लेक्चर और सशुल्क कोर्स अलग-अलग उपलब्ध होते हैं। भुगतान करने से पहले कुल शुल्क, ऑफर की शर्तें, वैधता अवधि, रिफंड नीति और ऑटो-रिन्यूअल जैसी जानकारी ध्यान से पढ़ें।

क्या इस ऐप में टेस्ट, नोट्स और विद्यार्थियों की प्रगति देखने की सुविधा मिलती है?

कई ऑनलाइन कोर्स ऐप की तरह Vidyakul में विषयवार टेस्ट, क्विज़, पीडीएफ नोट्स, प्रश्न अभ्यास और प्रदर्शन रिपोर्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकती हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को कमजोर अध्याय पहचानने और परीक्षा की तैयारी व्यवस्थित करने में मदद करना है। फिर भी सुविधाएँ चुने गए बैच या सदस्यता पर निर्भर कर सकती हैं, इसलिए नामांकन से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके कोर्स में टेस्ट और नोट्स शामिल हैं।

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