112 India

3.8 संचार 6 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

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खूबियाँ

  • स्थानीय भारतीय समाचार और घटनाओं की जानकारी आसानी से मिलती है।
  • ऐप का इंटरफ़ेस सरल है और पहली बार इस्तेमाल करने वालों के लिए सुविधाजनक है।
  • समाचारों को जल्दी पढ़ने के लिए श्रेणियां स्पष्ट रूप से व्यवस्थित हैं।
  • महत्वपूर्ण खबरों पर समय रहते अपडेट और सूचनाएं मिल सकती हैं।
  • भारत-केंद्रित सामग्री अन्य सामान्य समाचार ऐप्स से अधिक प्रासंगिक लगती है।

कमियाँ

  • कुछ खबरों में विज्ञापन पढ़ने के अनुभव को बाधित कर सकते हैं।
  • हर क्षेत्र या राज्य से जुड़ी खबरों की कवरेज समान नहीं हो सकती।
  • कभी-कभी खबरों के अपडेट में देरी दिखाई दे सकती है।
  • पुश नोटिफिकेशन अधिक होने पर वे परेशान करने वाले लग सकते हैं।
  • कुछ सामग्री देखने के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्शन जरूरी है।
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Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

आपात स्थिति में सही मदद तक जल्दी पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण बात होती है, और इसी जरूरत को ध्यान में रखकर 112 India बनाया गया है। मैंने इसे सामान्य संचार ऐप की तरह नहीं, बल्कि संकट के समय इस्तेमाल होने वाले एक खास साधन के रूप में देखा। इसका उद्देश्य रोजाना बातचीत कराना नहीं है; इसका काम तब सामने आता है जब पुलिस, अग्निशमन सेवा या चिकित्सा सहायता जैसी मदद की जरूरत हो। इसी वजह से इसका मूल्य मनोरंजन या लगातार इस्तेमाल में नहीं, बल्कि तैयार रहने की आदत में है।

112 India को भारत सरकार के गृह मंत्रालय, यानी MHA, Govt of India ने विकसित किया है। यह मुफ्त ऐप है और संचार श्रेणी में आता है। इसकी उम्र रेटिंग 3+ है, इसलिए परिवार के किसी सदस्य के फोन में इसे रखना असामान्य नहीं लगता। मेरे अनुभव में इसकी सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह आपातकालीन सहायता को फोन की सामान्य गतिविधियों से अलग जगह देता है, हालांकि संकट के समय इसका सही उपयोग तभी संभव है जब इसे पहले से समझ लिया जाए।

पहले सप्ताह में उपयोग और समझ

पहली बार खोलने पर किसी आपातकालीन ऐप से मेरी उम्मीद बहुत सीधी होती है: जरूरत पड़ते ही रास्ता स्पष्ट दिखे, अनावश्यक सजावट न हो और घबराहट में कम से कम सोचने पड़े। 112 India का मूल्य भी इसी कसौटी पर तय होता है। यह कोई ऐसा ऐप नहीं है जिसे मैं रोजाना खोलकर नई सामग्री देखूंगा। इसे स्थापित करने के बाद असली काम है यह समझना कि आपात स्थिति में सहायता मांगने की प्रक्रिया कैसी होगी और फोन किस तरह तैयार रखना है।

पहले सप्ताह में मैं इसे परिवार के साथ बैठकर समझने की सलाह दूंगा। खासकर बुजुर्गों, किशोरों और उन लोगों को जिन्हें फोन के छोटे-छोटे मेनू समझने में परेशानी होती है। केवल ऐप इंस्टॉल कर देना पर्याप्त नहीं है। हर व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि किस तरह की स्थिति में इसका इस्तेमाल करना है, सामान्य जानकारी के लिए इसे नहीं खोलना है और संकट के समय अपनी स्थिति तथा समस्या को जितना संभव हो उतना साफ बताना है। यह छोटा-सा अभ्यास ऐप की उपयोगिता को काफी बढ़ा देता है।

एक वास्तविक परिस्थिति की कल्पना करें: रात में किसी सड़क पर दुर्घटना दिखती है और आसपास मौजूद व्यक्ति को तुरंत मदद चाहिए। ऐसे समय में लोग अक्सर कई नंबर खोजते हैं, अलग-अलग सेवाओं के बारे में सोचते हैं या आसपास के लोगों से पूछते रहते हैं। 112 India का फायदा यह है कि आपात सहायता के लिए एक समर्पित रास्ता पहले से फोन में मौजूद रहता है। फिर भी मैं इसे जादुई समाधान नहीं मानूंगा। फोन में नेटवर्क, पर्याप्त बैटरी और उपयोगकर्ता की शांत प्रतिक्रिया—इन तीनों का महत्व बना रहता है।

पहले सप्ताह का एक उपयोगी अभ्यास यह है कि ऐप को ऐसे स्थान पर रखें जहां वह आपात स्थिति में आसानी से मिल सके। बहुत सारे ऐप्स के बीच छिपा हुआ आइकन संकट के समय समय बचाने के बजाय उलझन पैदा कर सकता है। परिवार के फोन में एक समान जगह चुनना भी मददगार हो सकता है। यह कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि उपयोग की आदत बनाने का व्यावहारिक तरीका है।

मैं यह भी मानता हूं कि आपातकालीन ऐप को सामान्य कॉलिंग ऐप का विकल्प समझना गलत होगा। अगर स्थिति तत्काल खतरे वाली नहीं है, तो संबंधित विभाग की सामान्य सेवा, स्थानीय सहायता या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से संपर्क अधिक उपयुक्त हो सकता है। 112 India का इस्तेमाल हर छोटी परेशानी के लिए करने से जरूरी सेवाओं पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है। पहले सप्ताह में इस अंतर को समझ लेना सबसे महत्वपूर्ण सीख है।

किसके लिए यह जल्दी उपयोगी बनता है

शहर में अकेले रहने वाले व्यक्ति, देर रात यात्रा करने वाले लोग, लंबी सड़क यात्रा करने वाले परिवार और ऐसे घर जहां बच्चों या बुजुर्गों को कभी-कभी अकेले रहना पड़ता है, उनके लिए यह ऐप व्यावहारिक हो सकता है। इसका लाभ तभी मिलता है जब फोन उपयोगकर्ता के पास हो और वह संकट को पहचानकर कार्रवाई कर सके। केवल ऐप का नाम जानना पर्याप्त नहीं है; सही समय पर उसे खोलने का आत्मविश्वास भी चाहिए।

मुझे इसका सरकारी डेवलपर भी भरोसे का एक उपयोगी संकेत लगता है, लेकिन भरोसा केवल नाम से नहीं बनता। किसी भी आपातकालीन साधन को इस्तेमाल करने से पहले अपने फोन पर उसकी स्क्रीन, उपलब्ध विकल्प और संपर्क प्रक्रिया को देखना चाहिए। इससे संकट के समय अनुमान लगाने की जरूरत कम होती है। मैं इसे घर के आपातकालीन अभ्यास का हिस्सा मानूंगा, ठीक वैसे ही जैसे लोग जरूरी नंबर लिखकर रखते हैं।

महीने-दर-महीने वास्तविक मूल्य

ऐप की समस्या यह है कि इसका सबसे अच्छा अनुभव अक्सर उस समय मिलता है जब इसकी जरूरत न पड़े। महीने गुजरते हैं और उपयोगकर्ता इसे भूल सकता है। यही कारण है कि 112 India का स्थायी मूल्य नियमित खोलने में नहीं, बल्कि समय-समय पर अपनी तैयारी जांचने में है। मेरे लिए इसकी उपयोगिता तब बनी रहती है जब मैं फोन बदलने, सिम बदलने, यात्रा पर जाने या परिवार के किसी सदस्य को नया फोन देने के बाद इसे फिर से जांच लेता हूं।

यहां एक महत्वपूर्ण trade-off है। रोजाना इस्तेमाल न होने वाला ऐप आसानी से नजरअंदाज हो जाता है, लेकिन आपातकालीन ऐप का रोजाना इस्तेमाल होना भी अच्छी बात नहीं है। इसका सही स्थान बीच में है: इसे सक्रिय, सुलभ और समझा हुआ रखें, मगर मनोरंजन या सामान्य संचार की तरह बार-बार खोलने की जरूरत न बनाएं। यही संतुलन इसे फोन में लंबे समय तक जगह दिला सकता है।

मेरे हिसाब से हर कुछ महीनों में एक छोटा-सा तैयारी परीक्षण उपयोगी है। परिवार के सदस्य से पूछें कि आपात स्थिति में वह किस सहायता की मांग करेगा, ऐप फोन में कहां है और फोन की बैटरी तथा नेटवर्क की स्थिति कैसी रहती है। इस परीक्षण को वास्तविक आपातकाल की तरह न करें और सेवाओं को परेशान करने वाला परीक्षण कॉल न करें। केवल प्रक्रिया पर बात करना ही काफी है। यह आदत ऐप की उपयोगिता को बिना गलत इस्तेमाल के बनाए रखती है।

यात्रा के दौरान इसका महत्व और बढ़ सकता है। किसी नए शहर, राजमार्ग या अपरिचित इलाके में स्थानीय व्यवस्था की जानकारी कम हो सकती है। ऐसे समय में एक समर्पित आपातकालीन ऐप मानसिक बोझ घटाता है। लेकिन यात्रा से पहले फोन चार्ज करना, जरूरी संपर्कों को अलग से रखना और अपनी लोकेशन बताने का तरीका समझना अभी भी आपकी जिम्मेदारी है। ऐप इन तैयारियों की जगह नहीं लेता; वह उन्हें अधिक व्यवस्थित बनाता है।

112 India को लंबे समय तक रखने का एक और कारण यह है कि आपात स्थिति केवल ऐप के मालिक के साथ नहीं होती। किसी राहगीर, पड़ोसी या सहकर्मी को मदद की जरूरत पड़ सकती है। अगर मुझे ऐप की भूमिका पता है, तो मैं संकट में फंसे किसी दूसरे व्यक्ति को भी सही दिशा दे सकता हूं। यह सामुदायिक उपयोग है, लेकिन इसमें संयम जरूरी है: पहले खतरे से खुद सुरक्षित रहना, फिर सहायता मांगना और गलत सूचना न देना।

सामान्य विकल्पों से तुलना

सामान्य फोन कॉल सबसे परिचित विकल्प है और कई स्थितियों में वही सबसे तेज तरीका हो सकता है। मैसेजिंग ऐप दोस्तों या परिवार को सूचना देने के लिए बेहतर हो सकते हैं, जबकि नक्शा ऐप रास्ता दिखाने में मदद करते हैं। 112 India का अंतर यह है कि इसे आपात सहायता के लिए केंद्रित रखा गया है। यह मित्रों की चैट, लोकेशन साझा करने या रोजमर्रा की बातचीत का विकल्प नहीं है।

अगर मुझे किसी परिचित को केवल यह बताना हो कि मैं देर से पहुंचूंगा, तो मैं इस ऐप का उपयोग नहीं करूंगा। अगर मुझे किसी घटना के बाद विस्तृत जानकारी साझा करनी हो, तो सामान्य संपर्क माध्यम अधिक सुविधाजनक हो सकता है। लेकिन जब तत्काल सहायता की जरूरत हो और मुझे सामान्य संचार के बजाय आपात प्रतिक्रिया का रास्ता चाहिए, तब 112 India अधिक उपयुक्त लगता है। इसका असली लाभ सुविधा की अधिकता नहीं, सही परिस्थिति के लिए स्पष्ट उद्देश्य है।

इस तुलना से एक सावधानी भी सामने आती है। उपयोगकर्ता को यह नहीं मानना चाहिए कि एक आपातकालीन ऐप हर तकनीकी समस्या को पार कर देगा। कमजोर नेटवर्क, बंद फोन, कम बैटरी या घबराहट में गलत जानकारी देना किसी भी डिजिटल माध्यम को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मैं इसे एक महत्वपूर्ण साधन मानता हूं, अकेला सहारा नहीं। जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों, स्थानीय व्यवस्था और सामान्य फोन सुविधा का सहारा भी लेना चाहिए।

रखरखाव, थकान और लंबे समय की आदत

इस ऐप का रखरखाव सामान्य सोशल या मनोरंजन ऐप से कम है, क्योंकि इसे लगातार सामग्री देखने या अकाउंट गतिविधि के लिए नहीं खोलना पड़ता। फिर भी पूरी तरह भूल जाना सही नहीं होगा। फोन बदलने पर ऐप दोबारा जांचना, सिस्टम अपडेट के बाद इसकी उपलब्धता देखना और परिवार के नए सदस्य को इसकी भूमिका समझाना छोटे लेकिन जरूरी कदम हैं। वर्तमान संस्करण 6.1.0 है और इसे चलाने के लिए कम से कम Android 7.0 चाहिए, इसलिए पुराने फोन वाले उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस की संगतता पर ध्यान देना चाहिए।

यहां रखरखाव का मतलब केवल अपडेट नहीं है। फोन की बैटरी बचाने की आदत, लॉक स्क्रीन से जरूरी कार्य तक पहुंच, नेटवर्क की उपलब्धता और यात्रा के समय चार्जिंग—ये सभी इसकी वास्तविक तैयारी का हिस्सा हैं। ऐप इंस्टॉल होने के बावजूद अगर फोन हमेशा बंद रहता है या उपयोगकर्ता को उसे ढूंढना नहीं आता, तो कागज पर मौजूद सुविधा व्यवहार में बेकार हो सकती है।

महीने-दर-महीने थकान का पहला कारण है कि ऐप रोजाना कोई नया लाभ नहीं दिखाता। उत्पादकता ऐप काम पूरा होने का संकेत देते हैं, मैसेजिंग ऐप नए संदेश दिखाते हैं और मनोरंजन ऐप लगातार सामग्री देते हैं। 112 India ऐसा नहीं करता, और यही स्वाभाविक है। इसलिए इसे बनाए रखने के लिए नोटिफिकेशन या लगातार सहभागिता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसे एक शांत सुरक्षा उपकरण की तरह देखना बेहतर है।

दूसरी थकान गलत इस्तेमाल से पैदा होती है। अगर कोई व्यक्ति हर असुविधा को आपात स्थिति मानकर सहायता मांगता है, तो वह सेवा की गंभीरता को कमजोर करता है और खुद भी निराश हो सकता है। इसके उलट, बहुत गंभीर स्थिति में भी केवल इसलिए देर करना कि “शायद यह पर्याप्त आपातकालीन नहीं है”, अधिक नुकसानदेह हो सकता है। निर्णय का आधार तत्काल खतरा और जरूरी सहायता होना चाहिए, न कि मामूली परेशानी।

तीसरी चुनौती भरोसे से जुड़ी है। ऐप को फोन में देखकर उपयोगकर्ता को सुरक्षा का एहसास हो सकता है, लेकिन सुरक्षा की झूठी भावना खतरनाक है। मैं इसे यात्रा की योजना, परिवार को सूचना देने, सुरक्षित स्थान खोजने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने के साथ इस्तेमाल करूंगा। इसकी मौजूदगी मुझे सावधान रहने से मुक्त नहीं करती। यही सीमा किसी भी डिजिटल आपातकालीन साधन की है।

कब इसे रखना चाहिए और कब दूसरा साधन बेहतर है

अगर आप अक्सर अकेले यात्रा करते हैं, घर में किसी को आपात सहायता की जरूरत पड़ सकती है या आपको एक समर्पित सरकारी आपातकालीन माध्यम रखना उपयोगी लगता है, तो इसे फोन में जगह देना समझदारी है। यह मुफ्त है, इसलिए इसे रखने की लागत मुख्यतः फोन की जगह और समय-समय पर की जाने वाली तैयारी तक सीमित रहती है। इसकी औसत रेटिंग 3.8 है, साथ में लगभग 11 हजार रेटिंग और करीब 5.5 हजार समीक्षाएं दर्ज हैं; मेरे लिए ये आंकड़े लोकप्रियता का संकेत हैं, पर व्यक्तिगत अनुभव की गारंटी नहीं।

दूसरी ओर, अगर आपका फोन बहुत पुराना है, आप ऐप खोलने में सहज नहीं हैं या आपके क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या अक्सर रहती है, तो केवल इस पर निर्भर रहना ठीक नहीं होगा। ऐसे उपयोगकर्ता को परिवार के जरूरी नंबर, स्थानीय सहायता की जानकारी और सामान्य कॉलिंग का विकल्प भी तैयार रखना चाहिए। जिन लोगों को आपात स्थिति में बोलना कठिन लगता है, उन्हें पहले से किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ वैकल्पिक योजना पर बात करनी चाहिए।

बच्चों के लिए भी यही सावधानी लागू होती है। उम्र रेटिंग 3+ होने का अर्थ यह नहीं कि हर छोटा बच्चा संकट में इसे स्वतंत्र रूप से संभाल लेगा। बच्चे को सरल भाषा में बताना चाहिए कि खतरा क्या होता है, पहले किसी बड़े को कब बुलाना है और गलत तरीके से सहायता सेवा को संपर्क क्यों नहीं करना चाहिए। अभ्यास बातचीत के रूप में करें, वास्तविक आपातकालीन अनुरोध के रूप में नहीं।

मैं ऐप को हटाने का कारण तभी देखूंगा जब फोन संगत न हो, उपयोगकर्ता के पास इसे इस्तेमाल करने का व्यावहारिक तरीका न हो या परिवार ने किसी बेहतर, स्पष्ट और विश्वसनीय स्थानीय व्यवस्था को पहले से अपनाया हो। केवल इसलिए हटाना कि महीनों में इसकी जरूरत नहीं पड़ी, मेरे विचार में सही तर्क नहीं है। आपातकालीन साधन का मूल्य अक्सर उसकी निष्क्रिय तैयारी में छिपा होता है।

लंबे समय का फैसला

112 India ऐसा ऐप नहीं है जो पहले सप्ताह के उत्साह के बाद रोजाना खोला जाए। इसकी सफलता का पैमाना भी दैनिक सक्रियता नहीं होना चाहिए। मेरे लिए यह फोन में स्थायी जगह पाने लायक तभी बनता है जब मैं इसे एक तैयार आपातकालीन विकल्प के रूप में रखूं, परिवार को इसकी भूमिका समझाऊं और समय-समय पर अपनी तैयारी की समीक्षा करूं। इस नजरिए से यह साधारण संचार ऐप से अलग है।

इसकी मजबूत बात स्पष्ट उद्देश्य, मुफ्त उपलब्धता और सरकारी डेवलपर से जुड़ा भरोसे का आधार है। इसकी सीमाएं भी उतनी ही वास्तविक हैं: यह फोन, नेटवर्क, बैटरी और सही मानवीय निर्णय पर निर्भर करता है; यह सामान्य बातचीत, विस्तृत जानकारी साझा करने या हर छोटी समस्या के लिए नहीं बना। उपयोगकर्ता अगर इन सीमाओं को समझकर इसे रखता है, तो निराशा कम होगी और जरूरत के समय इसका उपयोग अधिक जिम्मेदारी से किया जा सकेगा।

मेरी अंतिम राय यह है कि 112 India को “हर दिन इस्तेमाल करने वाला ऐप” नहीं, बल्कि “हर दिन तैयार रखने वाला ऐप” समझना चाहिए। इसे इंस्टॉल करने के बाद एक बार खोलकर छोड़ देना पर्याप्त नहीं; परिवार के साथ इसकी भूमिका पर बात करें, फोन में इसे आसानी से मिलने वाली जगह दें और अपनी सामान्य आपात योजना के साथ जोड़ें। अगर आप ऐसा कर सकते हैं, तो यह लंबे समय तक फोन में जगह पाने योग्य व्यावहारिक साधन है। अगर आप किसी एक ऐप से पूरी सुरक्षा की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह आपके लिए सही समाधान नहीं होगा।

कुल मिलाकर, मैं इसे उन लोगों को सुझाऊंगा जो आपात सहायता के लिए एक समर्पित विकल्प पहले से तैयार रखना चाहते हैं। इसकी उपयोगिता चमकदार फीचरों में नहीं, बल्कि उस कठिन क्षण में निर्णय का एक रास्ता उपलब्ध कराने में है। नवीनता खत्म होने के बाद भी इसकी जगह बनी रहती है, बशर्ते उपयोगकर्ता इसे भूलने के बजाय समझकर तैयार रखे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

112 India ऐप क्या है और इसका उपयोग किस लिए किया जाता है?

112 India भारत की एकीकृत आपातकालीन सेवा ऐप है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता पुलिस, अग्निशमन सेवा और एम्बुलेंस जैसी मदद के लिए अनुरोध भेज सकते हैं। ऐप का उद्देश्य संकट की स्थिति में सहायता तक जल्दी पहुंच उपलब्ध कराना है। इसे सामान्य जानकारी या गैर-जरूरी शिकायतों के बजाय वास्तविक आपातकाल में इस्तेमाल करना चाहिए।

क्या 112 India ऐप सभी राज्यों और शहरों में काम करता है?

112 India का कवरेज राज्य और स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर निर्भर कर सकता है। कई क्षेत्रों में सेवा उपलब्ध है, लेकिन हर स्थान पर सुविधाओं, प्रतिक्रिया समय और एकीकरण का स्तर समान नहीं हो सकता। डाउनलोड करने से पहले अपने राज्य या शहर में इसकी उपलब्धता जांचना बेहतर है। आपात स्थिति में ऐप के साथ स्थानीय आपातकालीन नंबर की जानकारी भी रखें।

क्या 112 India ऐप इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क जरूरी है?

ऐप की अधिकांश सुविधाओं के लिए मोबाइल नेटवर्क और कई मामलों में इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि अनुरोध संबंधित नियंत्रण केंद्र तक भेजा जाता है। कमजोर सिग्नल, नेटवर्क बंद होने या फोन की अनुमति न मिलने पर सेवा प्रभावित हो सकती है। इसलिए संकट के समय ऐप के अलावा उपलब्ध स्थानीय आपातकालीन संपर्क माध्यमों का भी उपयोग करें।

क्या 112 India ऐप में लोकेशन और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहती है?

आपातकालीन सहायता पहुंचाने के लिए ऐप लोकेशन, फोन नंबर और डिवाइस से जुड़ी कुछ जानकारी मांग सकता है। इन अनुमतियों का उद्देश्य सहायता टीम को उपयोगकर्ता तक पहुंचने में मदद करना है, फिर भी डाउनलोड से पहले ऐप की गोपनीयता नीति और मांगी गई अनुमतियां पढ़ना उचित है। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ऐप इंस्टॉल करें और अनावश्यक जानकारी साझा करने से बचें।

क्या 112 India ऐप महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है?

यह ऐप महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और किसी भी व्यक्ति के लिए उपयोगी हो सकता है जिसे तत्काल पुलिस, चिकित्सा या अग्निशमन सहायता चाहिए। संकट की स्थिति में ऐप से अनुरोध भेजना आसान हो सकता है, लेकिन उपयोगकर्ता को पहले से पंजीकरण, आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी समझ लेनी चाहिए। झूठे या गैर-जरूरी अलर्ट भेजने से बचना भी जरूरी है।

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