Digi Yatra

4.0 यात्रा और स्थानीय 2 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

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स्क्रीनशॉट्स

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खूबियाँ

  • हवाई अड्डे पर पहचान और बोर्डिंग प्रक्रिया तेज हो सकती है।
  • चेहरे की पहचान से कागज़ी दस्तावेज़ दिखाने की जरूरत घटती है।
  • ऐप में यात्रा और प्रोफ़ाइल प्रबंधन की सुविधा मिलती है।
  • डेटा साझा करने की अनुमति उपयोगकर्ता के नियंत्रण में रहती है।
  • कई भारतीय हवाई अड्डों पर सेवा का समर्थन उपलब्ध है।

कमियाँ

  • हर हवाई अड्डे या एयरलाइन पर Digi Yatra सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • चेहरे की पहचान कभी-कभी गलत हो सकती है या दोबारा प्रयास मांगती है।
  • स्मार्टफोन
  • इंटरनेट और सक्रिय पहचान दस्तावेज़ जरूरी हैं।
  • गोपनीयता को लेकर कुछ उपयोगकर्ताओं को चिंताएं हो सकती हैं।
  • फोन खोने या बदलने पर खाते की दोबारा पुष्टि करनी पड़ सकती है।
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Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

हवाई यात्रा के दिन मेरा सबसे बड़ा तनाव अक्सर टिकट नहीं, बल्कि एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर लगने वाला समय होता है। पहचान दिखाना, सामान संभालना, परिवार के सदस्यों को साथ रखना और भीड़ में दस्तावेज़ ढूँढना—इन छोटी बातों का असर पूरे सफर पर पड़ सकता है। ऐसे समय में Digi Yatra एक यात्रा और स्थानीय ऐप के रूप में काम आता है, जिसका उद्देश्य एयरपोर्ट तक पहुँचने की प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और व्यवस्थित बनाना है। मैंने इसे किसी सामान्य फ्लाइट-सर्च ऐप की तरह नहीं, बल्कि यात्रा के एक खास हिस्से के लिए उपयोगी डिजिटल वॉलेट के रूप में देखा।

इसका विकास Digi Yatra Foundation ने किया है और यह मुफ्त ऐप है। इसका फोकस टिकट खरीदने या होटल बुक करने पर नहीं, बल्कि एयरपोर्ट प्रवेश से जुड़ी पहचान और यात्रा-संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाने पर है। मेरे अनुभव में इसकी सबसे बड़ी उपयोगिता उन यात्रियों के लिए है जो बार-बार हवाई यात्रा करते हैं या एयरपोर्ट पर अनावश्यक कागज़ी और मैनुअल चरणों से बचना चाहते हैं। फिर भी, इसे इंस्टॉल करते ही हर यात्रा अपने-आप पूरी तरह संपर्करहित हो जाएगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा। इसकी उपयोगिता आपके एयरपोर्ट, यात्रा दस्तावेज़ और उस दिन की प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

घर में साझा इस्तेमाल से लेकर एयरपोर्ट तक इसका वास्तविक अनुभव

एक ही घर के कई यात्रियों के लिए यह कहाँ मदद करता है

घर में जब दो या तीन लोग एक साथ यात्रा करते हैं, तो अक्सर एक व्यक्ति ही सारे टिकट, पहचान-पत्र और यात्रा की जानकारी संभालता है। यही व्यवस्था एयरपोर्ट पर परेशानी बन सकती है। फोन किसी एक के हाथ में हो, बैटरी कम हो, नेटवर्क धीमा हो या बच्चे और बुज़ुर्ग अलग गति से चल रहे हों—तब हर यात्री की पहचान और यात्रा प्रक्रिया अलग-अलग संभालना पड़ती है। Digi Yatra इस स्थिति में एक साझा पारिवारिक अकाउंट नहीं बनाता; बल्कि इसे हर यात्री की अपनी डिजिटल पहचान और यात्रा-उपयोग के संदर्भ में समझना बेहतर है।

मेरे लिए इसका महत्वपूर्ण पहलू यही है कि परिवार के सभी सदस्यों को एक ही फोन पर निर्भर मानकर योजना नहीं बनानी चाहिए। अगर पति-पत्नी या परिवार के वयस्क सदस्य साथ यात्रा कर रहे हैं, तो प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जानकारी और अपनी डिवाइस की भूमिका पहले से समझ लेनी चाहिए। किसी एक व्यक्ति के फोन में सब कुछ रखकर चलना सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन एयरपोर्ट पर वही फोन खो जाए, बंद हो जाए या किसी दूसरे काम में व्यस्त हो जाए, तो पूरी टोली धीमी पड़ सकती है।

इसलिए मैं इसे परिवार के लिए “एक फोन, सबकी यात्रा” वाला समाधान नहीं मानता। इसका बेहतर उपयोग यह है कि हर यात्री अपनी तरफ से तैयारी करे और परिवार केवल समय, गेट और दस्तावेज़ों का समन्वय करे। यह छोटा-सा व्यवहारिक अंतर है, लेकिन साझा डिवाइस इस्तेमाल करने वाले घरों में काफी महत्वपूर्ण है। सुविधा तभी भरोसेमंद बनती है जब व्यक्तिगत अकाउंट और डिवाइस की सीमाएँ साफ रखी जाएँ।

पहली बार सेटअप करते समय किन सीमाओं को समझना चाहिए

पहली बार ऐप खोलने पर मैं सलाह दूँगा कि इसे यात्रा के ठीक पहले, एयरपोर्ट जाने वाली टैक्सी में बैठकर तैयार न करें। डिजिटल पहचान से जुड़ी प्रक्रिया में ध्यान, सही विवरण और स्थिर इंटरनेट की जरूरत पड़ सकती है। यात्रा से पहले शांत समय में ऐप खोलना, अपनी जानकारी को ध्यान से देखना और यह समझना बेहतर है कि अगला कदम किस उद्देश्य से है। जल्दी में गलत विकल्प चुनना या किसी दूसरे व्यक्ति की जानकारी के साथ आगे बढ़ना अनावश्यक उलझन पैदा कर सकता है।

साझा टैबलेट या परिवार के कॉमन फोन पर इस्तेमाल करते समय अकाउंट बदलने की आदत विशेष रूप से सावधानी मांगती है। मैं ऐसे डिवाइस पर किसी और का सत्र खुला छोड़ना उचित नहीं समझता। यात्रा-ऐप में सुविधा के साथ पहचान का संदर्भ जुड़ा होता है, इसलिए घर के सदस्य आपस में फोन बदलें तो पहले यह देखना चाहिए कि स्क्रीन पर किस व्यक्ति की जानकारी सक्रिय है। यह कोई तकनीकी कमी नहीं, बल्कि साझा डिवाइस के इस्तेमाल की स्वाभाविक सीमा है।

एक और उपयोगी आदत है कि यात्रा से पहले ऐप के साथ-साथ पारंपरिक पहचान-पत्र और टिकट की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर लें। डिजिटल प्रक्रिया को बैकअप के बदले अतिरिक्त सुविधा मानना अधिक समझदारी है। अगर फोन की बैटरी खत्म हो जाए, स्क्रीन टूट जाए या किसी चरण पर अतिरिक्त जांच हो, तो वैकल्पिक दस्तावेज़ और यात्रा विवरण आपके काम आएँगे। Digi Yatra का उद्देश्य प्रवेश को आसान करना है, हर संभावित स्थिति का अकेला समाधान बनना नहीं।

यह ऐप 22 मार्च 2024 को जारी हुआ था और इसका मौजूदा संस्करण 4.2.20 है। मेरे हिसाब से संस्करण अपडेट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब यात्रा से पहले ऐप का व्यवहार असामान्य लगे। पुराने संस्करण पर अटके रहने से नई प्रक्रिया, संगतता या सुधारों का लाभ छूट सकता है। अपडेट करने के बाद एक बार ऐप खोलकर देख लेना बेहतर है, बजाय इसके कि सब कुछ एयरपोर्ट पर पहली बार जांचा जाए।

परिवार के बीच समन्वय का सबसे व्यावहारिक तरीका

मैं परिवार के साथ यात्रा करते समय ऐप को अकेली तैयारी नहीं बनाता। पहले सभी लोग यह तय करें कि कौन-सा फोन किसके पास रहेगा, किसके पास चार्जर या पावर बैंक होगा और अगर समूह अलग हो जाए तो मिलने की जगह क्या होगी। यह साधारण योजना Digi Yatra की डिजिटल सुविधा से भी अधिक उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि एयरपोर्ट पर वास्तविक समस्या अक्सर पहचान से ज्यादा बिखराव और जल्दबाजी होती है।

बच्चों या बुज़ुर्गों के साथ यात्रा करते समय एक वयस्क को पूरी तरह ऐप देखने में व्यस्त नहीं रहना चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कतार, सामान और आसपास के निर्देशों पर भी ध्यान देना जरूरी है। मैं सुझाव दूँगा कि परिवार का एक सदस्य डिजिटल चरणों पर नजर रखे, जबकि दूसरा बच्चों, सामान या कागज़ी दस्तावेज़ों को संभाले। इस तरह ऐप सुविधा देता है, लेकिन पूरी जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति पर नहीं आती।

अगर परिवार में कोई सदस्य पहली बार हवाई यात्रा कर रहा है, तो उसे केवल “फोन दिखाना है” कहकर तैयार न करें। उसे पहले से बताना चाहिए कि एयरपोर्ट पर निर्देशों का पालन करना होगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पहचान जांच भी हो सकती है। इससे डिजिटल प्रवेश को लेकर अवास्तविक उम्मीद नहीं बनती। मेरी नजर में अच्छा समन्वय वही है जिसमें तकनीक मदद करे, लेकिन परिवार के सदस्य यह भी जानते हों कि अगला कदम किसके जिम्मे है।

यात्रा के दिन एक छोटा-सा परीक्षण भी उपयोगी है: ऐप खुल रहा है या नहीं, सही व्यक्ति का अकाउंट दिखाई दे रहा है या नहीं, फोन पर्याप्त चार्ज है या नहीं और टिकट की जानकारी आसानी से मिल रही है या नहीं। यह परीक्षण किसी विशेष सुविधा का दावा नहीं, बल्कि साझा डिवाइस में होने वाली आम भूलों से बचने का तरीका है। एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर पहली बार लॉगिन या अकाउंट बदलना मुझे खराब योजना लगता है।

गोपनीयता और भरोसे को मैं कैसे देखता हूँ

ऐप का store summary निर्बाध और सुरक्षित एयरपोर्ट पहुंच के साथ गोपनीयता को प्राथमिकता देने की बात करता है। मैं इस दावे को ध्यान में रखता हूँ, लेकिन किसी भी डिजिटल पहचान ऐप में भरोसा केवल एक वाक्य पढ़कर नहीं बनता। उपयोगकर्ता को यह समझना चाहिए कि वह किस व्यक्ति की जानकारी से काम कर रहा है, फोन किसके नियंत्रण में है और डिवाइस साझा होने पर कौन स्क्रीन देख सकता है। गोपनीयता का एक हिस्सा ऐप की व्यवस्था है, दूसरा हिस्सा उपयोगकर्ता की आदतें हैं।

घर में साझा फोन होने पर नोटिफिकेशन, खुली स्क्रीन और सेव किए गए सत्र पर ध्यान देना चाहिए। मैं यात्रा के बाद ऐप को ऐसे ही खुले छोड़ने के बजाय स्क्रीन लॉक और डिवाइस सुरक्षा की सामान्य आदतों का पालन करूँगा। परिवार के किसी सदस्य को मदद देने का अर्थ यह नहीं कि उसे हर पहचान-संबंधी विवरण स्थायी रूप से दिखता रहे। मदद और अनावश्यक पहुंच के बीच सीमा रखना खास तौर पर जरूरी है।

यहाँ एक महत्वपूर्ण trade-off है। डिजिटल पहचान से एयरपोर्ट का अनुभव तेज और कम कागज़ी लग सकता है, लेकिन इसके बदले उपयोगकर्ता को अपने फोन और डिजिटल अकाउंट की जिम्मेदारी अधिक गंभीरता से लेनी पड़ती है। जो व्यक्ति फोन खोने, पासकोड भूलने या अकाउंट बदलने में अक्सर परेशान होता है, उसके लिए पारंपरिक दस्तावेज़ साथ रखना और प्रक्रिया को पहले से समझना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

बच्चों, बुज़ुर्गों और उम्र से जुड़े उपयोग का संदर्भ

ऐप को 3+ के लिए रेट किया गया है, लेकिन उम्र की यह जानकारी अकेले यह तय नहीं करती कि हर बच्चा इसे स्वतंत्र रूप से संभाल सकता है। छोटे बच्चे के लिए यात्रा-संबंधी डिजिटल पहचान और एयरपोर्ट प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से वयस्क की निगरानी मांगती है। मैं बच्चे को अपना अकाउंट या फोन सौंपकर उसे खुद प्रक्रिया पूरी करने की अपेक्षा नहीं रखूँगा। उम्र रेटिंग सामग्री के संदर्भ में संकेत देती है; यह यात्रा-निर्णय या पहचान प्रबंधन की क्षमता का प्रमाण नहीं है।

बुज़ुर्ग यात्रियों के मामले में बड़ा लाभ यह हो सकता है कि परिवार का कोई सदस्य तैयारी में सहायता करे, लेकिन सहायता को पूरी तरह अपने नियंत्रण में बदलना ठीक नहीं। उन्हें यह बताया जाना चाहिए कि ऐप किस काम के लिए है और किन परिस्थितियों में कागज़ी पहचान दिखानी पड़ सकती है। बड़े अक्षरों में जानकारी देखना, फोन की रोशनी ठीक रखना और यात्रा से पहले शांत वातावरण में प्रक्रिया समझाना एयरपोर्ट पर जल्दबाजी से बेहतर है।

परिवार में किशोर या युवा सदस्य हों तो उन्हें केवल स्क्रीन पकड़ाने के बजाय डिजिटल गोपनीयता की बुनियादी समझ भी दें। कौन-सी जानकारी साझा करनी है, फोन किसे देना है और अनजान व्यक्ति की मदद लेते समय क्या सावधानी रखनी है—ये बातें किसी भी डिजिटल यात्रा व्यवस्था के साथ जरूरी हैं। Digi Yatra भरोसे का विकल्प नहीं है; यह भरोसे को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने का साधन हो सकता है।

सामान्य विकल्पों की तुलना में इसका सही स्थान

सामान्य एयरपोर्ट अनुभव में यात्री टिकट, पहचान-पत्र और एयरलाइन की प्रक्रिया पर निर्भर रहता है। मोबाइल टिकट या पीडीएफ यात्रा का प्रमाण दे सकता है, लेकिन वह अपने-आप एयरपोर्ट प्रवेश की पूरी पहचान प्रक्रिया को डिजिटल नहीं बनाता। Digi Yatra का अंतर इसी खास उपयोग में है: यह फ्लाइट खोजने, किराया तुलना करने या यात्रा कार्यक्रम बनाने वाला व्यापक ऐप नहीं है। अगर आपकी जरूरत टिकट बुक करना है, तो एयरलाइन या ट्रैवल-बुकिंग ऐप अधिक उपयुक्त रहेगा।

कागज़ी पहचान-पत्र का लाभ यह है कि वह फोन की बैटरी, ऐप खुलने या अकाउंट की स्थिति पर निर्भर नहीं होता। दूसरी ओर, डिजिटल वॉलेट का लाभ यह है कि नियमित यात्री को हर बार दस्तावेज़ निकालने और संभालने की जरूरत कम महसूस हो सकती है। मैं दोनों को प्रतिस्पर्धी के बजाय साथ-साथ रखने योग्य विकल्प मानता हूँ। डिजिटल रास्ता प्राथमिक हो सकता है, लेकिन कागज़ी या आधिकारिक पहचान बैकअप के रूप में साथ रहनी चाहिए।

यह उन लोगों के लिए खास तौर पर अच्छा विकल्प है जो एयरपोर्ट प्रवेश पर बार-बार होने वाली मैनुअल झंझट से बचना चाहते हैं। इसके विपरीत, जो व्यक्ति बहुत कम उड़ान भरता है, तकनीकी सेटअप से असहज है या अपने फोन पर पहचान-संबंधी जानकारी रखने को लेकर सहज नहीं है, वह पारंपरिक प्रक्रिया को सरल पाएगा। हर यात्री के लिए नए डिजिटल चरण जोड़ना अपने-आप में सुधार नहीं होता; फायदा तभी है जब बचने वाला समय और सुविधा आपकी वास्तविक परेशानी से बड़ा हो।

दैनिक उपयोग का एक यथार्थ उदाहरण

मान लीजिए मैं अपने साथी, एक बच्चे और एक बुज़ुर्ग रिश्तेदार के साथ सुबह की उड़ान पकड़ने जा रहा हूँ। पिछली रात मैं सभी फोन चार्ज करता, यात्रा विवरण अलग से उपलब्ध रखता और यह देखता कि किस वयस्क के पास कौन-सी जानकारी है। बच्चे को अपना डिजिटल चरण संभालने के बजाय मैं उसे साथ रखता, जबकि बुज़ुर्ग रिश्तेदार को प्रक्रिया पहले से समझाता। एयरपोर्ट जाते समय Digi Yatra को सुविधा के रूप में इस्तेमाल करता, लेकिन पहचान-पत्र और टिकट की वैकल्पिक उपलब्धता भी रखता।

प्रवेश के समय मैं परिवार को एक ही स्क्रीन के पीछे भीड़ लगाने के बजाय क्रम से आगे बढ़ाता। अगर किसी सदस्य का फोन काम न करे, तो बाकी लोग घबराने के बजाय तय योजना पर लौटते। यही वह जगह है जहाँ ऐप की वास्तविक ताकत और सीमा दोनों दिखती हैं: यह एक चरण को सुव्यवस्थित कर सकता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों, बैटरी, नेटवर्क और एयरपोर्ट निर्देशों को खत्म नहीं करता।

लोकप्रियता और तकनीकी अपेक्षाओं का संतुलन

इस ऐप के दस मिलियन से अधिक इंस्टॉल हैं, औसत रेटिंग 4.0 है, और इसे लगभग पंद्रह हजार रेटिंग मिली हैं। ये संकेत बताते हैं कि यह किसी छोटे प्रयोग तक सीमित नहीं है, लेकिन लोकप्रियता को व्यक्तिगत अनुभव की गारंटी नहीं समझना चाहिए। एयरपोर्ट, यात्रा की स्थिति और उपयोगकर्ता की तैयारी के आधार पर सुविधा का स्तर बदल सकता है।

लगभग साढ़े पाँच हजार समीक्षाओं वाला ऐप होने के कारण नए उपयोगकर्ता दूसरों के अनुभव पढ़कर उम्मीद बना सकते हैं, पर मैं हर समीक्षा को अपने संदर्भ में देखने की सलाह दूँगा। किसी नियमित यात्री के लिए जो प्रक्रिया तेज लगती है, वही पहली बार यात्रा कर रहे परिवार के लिए अतिरिक्त तैयारी जैसी महसूस हो सकती है। इसलिए डाउनलोड संख्या या रेटिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आपकी समस्या वास्तव में एयरपोर्ट प्रवेश से जुड़ी है या टिकट और यात्रा योजना से।

किसे इसे चुनना चाहिए और किसे नहीं

मेरे विचार में Digi Yatra उन यात्रियों के लिए सही है जो डिजिटल पहचान के साथ सहज हैं, एयरपोर्ट प्रवेश को अधिक सुव्यवस्थित करना चाहते हैं और यात्रा से पहले थोड़ी तैयारी कर सकते हैं। बार-बार उड़ान भरने वाले, अकेले यात्रा करने वाले वयस्क और ऐसे परिवार जिनमें हर व्यक्ति अपनी डिवाइस और जानकारी संभाल सकता है, इससे सबसे अधिक लाभ उठा सकते हैं। मुफ्त होने के कारण इसे आजमाने की वित्तीय बाधा भी नहीं है।

मैं इसे उन लोगों को प्राथमिक विकल्प नहीं दूँगा जो केवल फ्लाइट बुकिंग, किराया तुलना या होटल खोज रहे हैं। इसी तरह, साझा फोन पर अकाउंट सीमाएँ समझे बिना इसका इस्तेमाल करना, यात्रा के ठीक पहले सेटअप शुरू करना या कागज़ी पहचान पूरी तरह छोड़ देना खराब रणनीति होगी। अगर डिजिटल प्रक्रिया आपको लगातार तनाव देती है, तो पारंपरिक दस्तावेज़-आधारित तरीका आपके लिए अधिक सहज हो सकता है।

मेरी अंतिम राय यह है कि यह कोई सर्व-उद्देश्यीय यात्रा ऐप नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पहुंच के एक खास हिस्से को आसान बनाने वाला साधन है। Digi Yatra को मुख्य योजना नहीं, अच्छी तरह तैयार की गई यात्रा का एक उपयोगी हिस्सा मानना सबसे समझदार तरीका है। घर में साझा इस्तेमाल के दौरान व्यक्तिगत अकाउंट, फोन सुरक्षा और परिवार के बीच जिम्मेदारियाँ साफ रखें; बच्चों और बुज़ुर्गों को बिना समझाए प्रक्रिया न सौंपें; और हमेशा एक व्यावहारिक बैकअप रखें। इन सीमाओं के साथ इस्तेमाल करने पर यह ऐप मेरे लिए सुविधाजनक और उद्देश्यपूर्ण लगता है, खासकर तब जब एयरपोर्ट का प्रवेश चरण ही आपकी यात्रा का सबसे उलझाऊ हिस्सा हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Digi Yatra क्या है और यह कैसे काम करता है?

Digi Yatra भारत के चुनिंदा हवाई अड्डों पर यात्रियों को चेहरे की पहचान आधारित डिजिटल सुविधा देने वाला ऐप है। इसमें यात्री अपनी पहचान और यात्रा संबंधी जानकारी जोड़कर एयरपोर्ट के कुछ चरणों, जैसे प्रवेश, सुरक्षा या बोर्डिंग, को तेज़ी से पूरा कर सकते हैं। सुविधा का उपयोग तभी संभव है जब संबंधित एयरपोर्ट और एयरलाइन Digi Yatra का समर्थन करते हों।

Digi Yatra इस्तेमाल करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ और जानकारी चाहिए?

रजिस्ट्रेशन के दौरान आमतौर पर भारतीय यात्रियों को मोबाइल नंबर, पहचान सत्यापन के लिए आधार से जुड़ी जानकारी या DigiLocker में उपलब्ध दस्तावेज़, तथा यात्रा टिकट की जानकारी देनी पड़ सकती है। ऐप में प्रोफ़ाइल बनाते समय सही नाम और विवरण दर्ज करना आवश्यक है, क्योंकि टिकट और पहचान दस्तावेज़ में अंतर होने पर एयरपोर्ट पर सत्यापन में परेशानी आ सकती है।

क्या Digi Yatra सभी एयरपोर्ट और सभी उड़ानों पर काम करता है?

नहीं, Digi Yatra की सुविधा अभी हर एयरपोर्ट या हर उड़ान पर उपलब्ध नहीं है। इसका उपयोग केवल उन हवाई अड्डों और एयरलाइनों पर किया जा सकता है जहाँ यह प्रणाली सक्रिय रूप से समर्थित हो। यात्रा से पहले ऐप में उपलब्ध एयरपोर्ट की सूची, संबंधित टर्मिनल और एयरलाइन की जानकारी अवश्य जाँचें, क्योंकि सुविधाएँ स्थान और यात्रा मार्ग के अनुसार अलग हो सकती हैं।

Digi Yatra में मेरी निजी जानकारी और चेहरे का डेटा कितना सुरक्षित है?

Digi Yatra संवेदनशील पहचान और बायोमेट्रिक जानकारी से जुड़ा ऐप है, इसलिए गोपनीयता को लेकर सावधानी रखना जरूरी है। ऐप का उपयोग करने से पहले उसकी अनुमति, डेटा उपयोग नीति और सहमति संबंधी विवरण पढ़ें। केवल आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें, अनावश्यक परमिशन न दें और फोन में स्क्रीन लॉक तथा नवीनतम सुरक्षा अपडेट सक्रिय रखें।

अगर Digi Yatra काम न करे या फोन में इंटरनेट न हो तो क्या होगा?

यदि ऐप में लॉगिन समस्या, नेटवर्क विफलता, गलत टिकट विवरण, कैमरा अनुमति या चेहरे की पहचान से जुड़ी दिक्कत आए, तो एयरपोर्ट पर सामान्य पहचान और बोर्डिंग प्रक्रिया का विकल्प मौजूद रहता है। यात्रा के समय वैध पहचान पत्र, टिकट और बोर्डिंग पास साथ रखें। ऐप को पहले से अपडेट करें, आवश्यक अनुमति दें और एयरपोर्ट पहुँचने से पहले अपना पंजीकरण पूरा कर लेना बेहतर है।

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