फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी

4.3 टूल 4 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

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स्क्रीनशॉट्स

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खूबियाँ

  • डिलीट हुई तस्वीरों को जल्दी स्कैन करके खोजने में मदद करता है।
  • सरल इंटरफेस होने से नए उपयोगकर्ता भी आसानी से चला सकते हैं।
  • रिकवरी से पहले मिली तस्वीरों का प्रीव्यू दिखाता है।
  • अलग-अलग फोल्डर में परिणाम व्यवस्थित करना सुविधाजनक है।
  • छोटी उपयोगिताओं के लिए ऐप का आकार अपेक्षाकृत कम है।

कमियाँ

  • हर डिलीट हुई तस्वीर की रिकवरी की गारंटी नहीं मिलती।
  • गहरी स्कैनिंग के लिए रूट एक्सेस की जरूरत पड़ सकती है।
  • स्कैन के दौरान विज्ञापन अनुभव को बाधित कर सकते हैं।
  • ओवरराइट हो चुकी फाइलें अक्सर वापस नहीं मिल पातीं।
  • रिकवरी के बाद कुछ तस्वीरों की गुणवत्ता कम हो सकती है।
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Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

कभी-कभी फोन से हटाई गई तस्वीर सचमुच बेकार नहीं होती, बस गलत जगह चली जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखकर फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी को बनाया गया है। मैंने इसे एक ऐसे टूल के रूप में देखा जो डिलीट हुई फोटो, वीडियो और दूसरी फाइलों को खोजने के लिए स्मार्ट डीप स्कैन पर निर्भर करता है। इसका मुख्य आकर्षण यही है कि यह केवल हाल में हटाई गई तस्वीरों तक सीमित रहने के बजाय फोन की स्टोरेज में बचे हुए रिकवरी योग्य निशानों को तलाशने की कोशिश करता है।

यह ऐप Smart Technology Global का है और मुफ्त में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी औसत रेटिंग 4.3 है, जबकि इसे एक मिलियन से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है। मेरे लिए ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि यह कोई बहुत संकीर्ण उपयोग वाला प्रयोगात्मक टूल नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए बनाया गया विकल्प है जिन्हें अचानक फोटो वापस पाने की जरूरत पड़ सकती है। फिर भी, इसे जादुई समाधान समझना ठीक नहीं होगा। डीप स्कैन का मतलब यह नहीं कि हर हटाई गई फाइल निश्चित रूप से लौट आएगी। असली परिणाम इस बात पर निर्भर करते हैं कि फाइल कितनी पुरानी है और उसके बाद फोन पर कितना नया डेटा लिखा गया है।

डीप स्कैन का असली फायदा और उसकी सीमा

इस ऐप की सबसे महत्वपूर्ण क्षमता स्मार्ट डीप स्कैन है। सामान्य फोटो रिकवरी टूल अक्सर हाल में डिलीट हुई सामग्री या सिस्टम के उपलब्ध कचरा फ़ोल्डर पर निर्भर करते हैं। इसके विपरीत, डीप स्कैन स्टोरेज के उन हिस्सों को भी देखने की कोशिश करता है जहां हटाई गई फाइल का कुछ हिस्सा अभी बाकी हो सकता है। यही वजह है कि इसका उपयोग केवल गलती से डिलीट हुई एक तस्वीर के लिए नहीं, बल्कि पुराने मीडिया को खोजने के प्रयास में भी किया जा सकता है।

मैं इस सुविधा को खास तौर पर तब उपयोगी मानता हूं जब तस्वीर फोन के सामान्य “हाल ही में हटाए गए” स्थान में दिखाई नहीं देती। उदाहरण के लिए, यदि किसी मैसेजिंग ऐप से सेव की गई फोटो गलती से हटा दी गई हो और वह गैलरी के सामान्य एल्बम में न मिल रही हो, तो डीप स्कैन एक अतिरिक्त रास्ता देता है। यह रास्ता निश्चित परिणाम का वादा नहीं करता, लेकिन साधारण गैलरी खोज के बाद अगला व्यावहारिक कदम जरूर बन जाता है।

यहां एक जरूरी बात समझना चाहिए: डिलीट करने के बाद स्टोरेज खाली दिख सकती है, लेकिन उस जगह पर पुराना डेटा तब तक आंशिक रूप से मौजूद रह सकता है जब तक नया डेटा उसे ओवरराइट न कर दे। इसलिए रिकवरी की कोशिश जितनी जल्दी की जाए, उतना बेहतर रहता है। ऐप खोलने से पहले लगातार नए वीडियो रिकॉर्ड करना, बड़े गेम डाउनलोड करना या कई फोटो खींचना समझदारी नहीं होगी। रिकवरी में समय से ज्यादा महत्वपूर्ण अक्सर यह होता है कि हटाई गई फाइल की जगह पर नया डेटा न लिखा जाए।

डीप स्कैन का फायदा केवल गहराई नहीं, बल्कि खोज को एक ही जगह से शुरू करने की सुविधा भी है। अलग-अलग फोल्डर में हाथ से तलाशने के बजाय उपयोगकर्ता ऐप को स्टोरेज जांचने देता है और फिर उपलब्ध परिणामों को देखता है। मेरे अनुभव में ऐसी प्रक्रिया उन लोगों के लिए कम तनाव वाली है जिन्हें यह पता ही नहीं होता कि फोटो किस फ़ोल्डर में सेव हुई थी। खासकर डाउनलोड, कैमरा, स्क्रीनशॉट और सोशल ऐप से आई मीडिया फाइलों के बीच अंतर करना हमेशा आसान नहीं होता।

इसे इस्तेमाल करने का व्यावहारिक तरीका

ऐप खोलने के बाद मेरा सुझाव है कि पहले शांत होकर स्कैन शुरू करें और परिणाम आते ही हर फाइल को तुरंत रिकवर करने की कोशिश न करें। पहले थंबनेल देखकर पहचानें कि कौन-सी तस्वीर वास्तव में आपकी है। रिकवरी ऐप्स में कभी-कभी एक ही फोटो के अलग आकार या अधूरे पूर्वावलोकन जैसे परिणाम दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में समान दिखने वाली कई प्रतियों को चुनने से स्टोरेज और समय दोनों व्यर्थ हो सकते हैं।

यदि आपकी जरूरत केवल एक हाल की तस्वीर की है, तो पहले फोन की गैलरी, फाइल मैनेजर और संबंधित ऐप का हटाया गया फ़ोल्डर देखना बेहतर है। वह तरीका आम तौर पर तेज और सरल होता है। डीप स्कैन को तब इस्तेमाल करें जब सामान्य जगहों पर फोटो न मिले, या जब आपको पुरानी फाइल का कोई सुराग चाहिए। यह छोटा-सा क्रम ऐप को अनावश्यक रूप से चलाने से बचाता है और खोज को अधिक व्यवस्थित बनाता है।

स्कैन के दौरान फोन को बेवजह इस्तेमाल न करना भी उपयोगी सावधानी है। यदि आप उसी समय बड़ी फाइलें कॉपी करते हैं या लंबा वीडियो बनाते हैं, तो स्टोरेज पर नया डेटा लिखा जा सकता है। इससे रिकवरी की संभावना प्रभावित हो सकती है। यह ऐप की खराबी नहीं, बल्कि फ्लैश स्टोरेज के काम करने का स्वाभाविक परिणाम है। इसलिए इसे आपातकालीन खोज के टूल की तरह इस्तेमाल करना चाहिए, न कि नियमित बैकअप के विकल्प के रूप में।

एक और काम की आदत है कि बरामद फाइलों को उसी मूल स्थान पर तुरंत सेव करने के बजाय किसी अलग, साफ फ़ोल्डर में रखें। इससे आपको पता रहेगा कि कौन-सी फाइल सफलतापूर्वक मिली और कौन-सी केवल स्कैन परिणाम में दिखाई दी। यदि किसी फोटो का पूर्वावलोकन धुंधला या अधूरा हो, तो उसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मानकर भरोसा न करें। पहले खोलकर देखें, फिर उसे सुरक्षित स्थान पर कॉपी करें।

एक रोजमर्रा की स्थिति में इसका उपयोग

मान लीजिए आपने परिवार के साथ यात्रा के दौरान कई तस्वीरें खींचीं। बाद में जगह खाली करने के लिए आपने कुछ धुंधली तस्वीरें हटाईं, लेकिन उनमें से एक महत्वपूर्ण फोटो गलती से उसी चयन में चली गई। कुछ समय बाद आपको वह गैलरी में नहीं मिलती और हाल में हटाए गए फ़ोल्डर में भी नहीं दिखती। इस स्थिति में पहले क्लाउड बैकअप या मैसेजिंग चैट में दोबारा भेजी गई कॉपी देखना समझदारी होगी। यदि वहां कुछ नहीं मिलता, तब यह ऐप डीप स्कैन के जरिए स्टोरेज में बची संभावित कॉपी खोजने का प्रयास कर सकता है।

इस उदाहरण में ऐप का वास्तविक मूल्य “एक बटन दबाते ही सब कुछ लौटाना” नहीं है। इसका मूल्य यह है कि यह सामान्य खोज विफल होने के बाद एक केंद्रित, आसान प्रयास उपलब्ध कराता है। यदि फोटो हाल में हटाई गई हो और उसके बाद फोन पर कम गतिविधि हुई हो, तो उम्मीद बेहतर हो सकती है। यदि फोन लगातार इस्तेमाल हुआ हो, तो परिणामों में अधूरी फाइलें या ऐसी तस्वीरें मिल सकती हैं जो देखने योग्य नहीं हैं। इसलिए मैं इसे पहले से मौजूद बैकअप का प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि आखिरी उपयोगी कोशिश मानता हूं।

वीडियो के मामले में सावधानी और जरूरी है। छोटी तस्वीर का कुछ हिस्सा बचा रहना और लंबे वीडियो का सही रूप में लौटना एक जैसी बात नहीं है। वीडियो बड़ी फाइल होते हैं और उनके हिस्से अलग-अलग जगहों पर लिखे जा सकते हैं। इसीलिए किसी वीडियो का नाम या पूर्वावलोकन दिख जाना यह साबित नहीं करता कि वह पूरी तरह चल पाएगा। महत्वपूर्ण वीडियो के लिए रिकवरी के बाद उसे शुरू से अंत तक चलाकर जांचना चाहिए।

दूसरी फाइलों के लिए भी यही नियम लागू होता है। यदि आप किसी दस्तावेज, ऑडियो क्लिप या डाउनलोड की गई फाइल को खोज रहे हैं, तो परिणामों को केवल नाम देखकर न चुनें। फाइल खोलकर देखें और फिर अलग स्थान पर कॉपी करें। डीप स्कैन का उपयोग फोटो-केंद्रित है, इसलिए हर प्रकार की फाइल के लिए समान सफलता की उम्मीद रखना उचित नहीं होगा।

जहां यह ऐप अच्छा लगता है

मुझे इसका सबसे मजबूत पक्ष इसकी सीधी भूमिका लगती है। यह कोई जटिल एडिटिंग सूट या बैकअप प्रबंधन प्रणाली नहीं है; इसका ध्यान हटाई गई मीडिया और फाइलों को खोजने पर है। जिस व्यक्ति को तकनीकी शब्दों, स्टोरेज पाथ या रिकवरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, वह भी इसी उद्देश्य से ऐप खोल सकता है। इस तरह यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक है जिन्हें तुरंत किसी विशेषज्ञ टूल की लंबी सेटिंग्स में नहीं जाना।

एक कम स्पष्ट लाभ यह है कि ऐप उपयोगकर्ता को समस्या की गंभीरता जल्दी समझने देता है। यदि स्कैन में तस्वीर का पूर्वावलोकन ही नहीं मिलता, तो आप बेकार उम्मीद में घंटों नहीं बिताते। यदि कई परिणाम दिखाई देते हैं, तो कम से कम आपको यह पता चलता है कि स्टोरेज में कुछ रिकवरी योग्य सामग्री बची हो सकती है। यह निश्चित सफलता नहीं है, लेकिन समस्या को अनुमान से निकालकर जांचने योग्य स्थिति में लाता है।

मीडिया सफाई के बाद गलती से हटाई गई तस्वीरों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। बहुत से लोग एक साथ कई फाइल चुनकर डिलीट करते हैं और बाद में पता चलता है कि चयन में जरूरी फोटो भी थी। ऐसे मामले में तुरंत स्कैन शुरू करना, फोन का उपयोग सीमित रखना और परिणामों को अलग फ़ोल्डर में सेव करना एक अच्छा कार्यप्रवाह है। यही वह व्यावहारिक संयोजन है जो केवल ऐप इंस्टॉल करने से अधिक फर्क डालता है।

यह भी ध्यान देने लायक है कि ऐप मुफ्त है, इसलिए शुरुआती जांच के लिए प्रवेश बाधा कम रहती है। हालांकि इसमें प्रति आइटम ₹1,050.00 की इन-ऐप खरीदारी मौजूद है। इसका अर्थ है कि उपयोगकर्ता को भुगतान से पहले यह समझ लेना चाहिए कि वह किस चरण पर खर्च करना चाहता है और क्या मिलने वाली फाइल वास्तव में उपयोगी है। मैं किसी भी रिकवरी टूल में पहले पूर्वावलोकन जांचने और फिर भुगतान संबंधी विकल्प पर विचार करने की सलाह दूंगा।

जहां सावधानी और धैर्य जरूरी है

सबसे बड़ी सीमा यह है कि कोई भी डीप स्कैन ओवरराइट हो चुके डेटा को भरोसेमंद तरीके से वापस नहीं ला सकता। यदि डिलीट के बाद फोन बहुत इस्तेमाल हुआ है, तो पुरानी फोटो के हिस्से नई फाइलों से बदल सकते हैं। इस कारण ऐप को खराब कह देना सही नहीं होगा, लेकिन उपयोगकर्ता को इसकी सीमा पहले से समझनी चाहिए। “डीप” शब्द स्कैन की कोशिश को बताता है, सफलता की गारंटी को नहीं।

दूसरी परेशानी परिणामों की गुणवत्ता हो सकती है। लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे फोन में बहुत-सी छोटी, अस्थायी या कैश फाइलें मौजूद रहती हैं। स्कैन के बाद उपयोगी फोटो को ऐसे अवशेषों से अलग करना पड़ सकता है। यदि आपको केवल एक तस्वीर चाहिए, तो परिणामों की लंबी सूची थकाऊ लग सकती है। तारीख, आकार या पूर्वावलोकन के आधार पर छंटाई का विकल्प उपलब्ध हो तो काम आसान होता है, लेकिन उपयोगकर्ता को फिर भी अंतिम फाइल खुद जांचनी चाहिए।

गोपनीयता के लिहाज से भी मैं इसे सोच-समझकर इस्तेमाल करूंगा। रिकवरी के लिए ऐप को फोन की स्टोरेज में मौजूद सामग्री देखनी पड़ती है, इसलिए निजी फोटो, दस्तावेज और संदेशों से जुड़ी फाइलें स्कैन परिणाम में आ सकती हैं। इंस्टॉल करने से पहले ऐप द्वारा मांगी गई पहुंच को ध्यान से पढ़ें और काम पूरा होने पर अनावश्यक पहुंच हटाने पर विचार करें। यह आदत किसी भी स्टोरेज स्कैनर के साथ जरूरी है, खासकर तब जब फोन में निजी सामग्री अधिक हो।

बैटरी और समय का पहलू भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गहरी स्टोरेज जांच सामान्य गैलरी खोज से अधिक मेहनत वाला काम हो सकता है। स्कैन शुरू करने से पहले फोन में पर्याप्त बैटरी रखें और यदि डिवाइस गर्म हो तो उसे कुछ देर आराम दें। बहुत जरूरी स्थिति में जल्दबाजी समझ में आती है, लेकिन बार-बार लगातार स्कैन चलाना हमेशा बेहतर परिणाम नहीं देता। पहले एक व्यवस्थित स्कैन, फिर परिणामों की जांच, उसके बाद ही अगला कदम बेहतर है।

तुलना करें तो फोन की अंतर्निहित गैलरी या क्लाउड बैकअप सामान्य उपयोग में अधिक भरोसेमंद विकल्प हैं। वे पहले से सुरक्षित कॉपी उपलब्ध कराते हैं और फाइल की गुणवत्ता भी मूल जैसी रहने की संभावना अधिक होती है। कंप्यूटर आधारित पेशेवर रिकवरी टूल कभी-कभी अधिक नियंत्रण दे सकते हैं, लेकिन उनके लिए अतिरिक्त उपकरण, तकनीकी समझ और अलग प्रक्रिया चाहिए। यह ऐप उस बीच की जगह में आता है: साधारण बैकअप से कम निश्चित, मगर जटिल पेशेवर समाधान से कहीं आसान।

किसके लिए यह सही चुनाव बनता है

मेरे हिसाब से यह उन Android उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे उपयोगी है जिन्होंने हाल में फोटो या वीडियो गलती से हटाया है, सामान्य हटाए गए फ़ोल्डर में उसे नहीं पाया और बिना जटिल कंप्यूटर प्रक्रिया के एक अतिरिक्त प्रयास करना चाहते हैं। कम तकनीकी अनुभव वाले व्यक्ति के लिए इसका स्पष्ट उद्देश्य मददगार है। इसका आयु वर्ग 3+ के लिए रेट किया गया है, इसलिए यह सामान्य परिवार-उपयोग वाली टूल श्रेणी में आता है, हालांकि बच्चों के बजाय वयस्क की निगरानी में स्टोरेज और भुगतान संबंधी निर्णय लेना बेहतर रहेगा।

यह उन लोगों के लिए भी काम आ सकता है जो फोन बदलने से पहले पुराने मीडिया की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी फाइलों के मूल फ़ोल्डर याद नहीं हैं। ऐसे मामले में डीप स्कैन एक व्यापक खोज शुरू कर सकता है। फिर भी, फोन बदलने से पहले मैं पहले मैन्युअल कॉपी, क्लाउड बैकअप और मैसेजिंग ऐप की मीडिया लाइब्रेरी जांचूंगा। रिकवरी ऐप को अंतिम तैयारी के रूप में रखना सुरक्षित है, प्राथमिक माइग्रेशन योजना के रूप में नहीं।

दूसरी ओर, यदि आपकी तस्वीरें पहले से किसी भरोसेमंद बैकअप में हैं, तो इस ऐप की जरूरत कम हो जाती है। इसी तरह, कई महीने पहले हटाई गई सामग्री के लिए उम्मीद सीमित रखनी चाहिए, खासकर सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए गए फोन पर। जिन उपयोगकर्ताओं को फोरेंसिक स्तर की रिकवरी, चयनित पार्टिशन या विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट चाहिए, उनके लिए अधिक विशेषज्ञ समाधान बेहतर हो सकता है। यह ऐप सरलता को प्राथमिकता देता है, गहरी तकनीकी नियंत्रण को नहीं।

नया उपयोगकर्ता संस्करण 1.3.5 के साथ शुरुआत कर सकता है और Android 7.0 या उसके बाद के सिस्टम पर इसे चला सकता है। ऐप 20 नव॰ 2025 को जारी किया गया था, इसलिए इसे इस्तेमाल करते समय अपने फोन के सिस्टम और ऐप संस्करण की संगतता देखना उचित है। इंस्टॉल करने से पहले पर्याप्त खाली जगह रखना भी उपयोगी है, क्योंकि रिकवरी के बाद मिलने वाली फाइलों को सुरक्षित रूप से कॉपी करने के लिए अतिरिक्त स्थान चाहिए हो सकता है।

मेरी अंतिम सलाह

फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी को मैं “गलती से हटाई गई मीडिया के लिए तुरंत आजमाने योग्य दूसरा मौका” कहूंगा। इसका डीप स्कैन साधारण गैलरी खोज से आगे जाने की कोशिश करता है और यही इसकी पहचान है। मुझे इसका सीधा उद्देश्य और मुफ्त शुरुआत पसंद आती है, लेकिन परिणामों को लेकर यथार्थवादी रहना जरूरी है। यह ओवरराइट हो चुके डेटा को चमत्कारिक रूप से नहीं लौटा सकता, न ही भविष्य के नुकसान से बचाने वाला बैकअप बन जाता है।

अगर मेरी अपनी जरूरी तस्वीर अभी-अभी गायब हुई हो, तो मैं पहले फोन का उपयोग रोकूंगा, सामान्य हटाए गए फ़ोल्डर और बैकअप देखूंगा, फिर इस ऐप से डीप स्कैन चलाऊंगा। मिलने वाली फाइल को खोलकर जांचूंगा और उसे अलग सुरक्षित स्थान पर कॉपी करूंगा। इस क्रम में ऐप का मूल्य सबसे अधिक दिखाई देता है। मेरी सिफारिश है: इसे रिकवरी की व्यावहारिक कोशिश के रूप में इस्तेमाल करें, लेकिन नियमित बैकअप की जगह कभी न रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी ऐप क्या है और यह कैसे काम करता है?

फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी एक ऐसा टूल है जो फोन की इंटरनल स्टोरेज या उपलब्ध मीडिया फ़ोल्डरों में मौजूद हटाई गई तस्वीरों और कभी-कभी वीडियो को खोजने का प्रयास करता है। ऐप आमतौर पर स्टोरेज स्कैन करके कैश, थंबनेल या बचे हुए फ़ाइल डेटा की पहचान करता है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि फ़ाइल कब हटाई गई और उसके बाद फोन में कितना नया डेटा सेव हुआ।

क्या यह ऐप बिना रूट किए डिलीट हुई तस्वीरें रिकवर कर सकता है?

कई Android डिवाइस पर ऐप बिना रूट एक्सेस के सामान्य स्कैन उपलब्ध कराता है, इसलिए शुरुआती जांच के लिए फोन को रूट करना आवश्यक नहीं हो सकता। हालांकि, बिना रूट के ऐप को सिस्टम के सुरक्षित हिस्सों और कुछ निजी फ़ोल्डरों तक सीमित पहुंच मिलती है। गहरी रिकवरी के लिए रूट की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें सुरक्षा, वारंटी और डेटा खोने का जोखिम शामिल है।

क्या फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी हर डिलीट हुई फोटो को वापस ला सकता है?

नहीं, कोई भी रिकवरी ऐप हर हटाई गई फोटो को वापस लाने की गारंटी नहीं दे सकता। यदि डिलीट होने के बाद उसी स्टोरेज में नई तस्वीरें, वीडियो या ऐप डेटा सेव हो गया है, तो पुराना डेटा ओवरराइट हो सकता है। स्कैन में दिखाई देने वाली कुछ तस्वीरें केवल कम गुणवत्ता वाले थंबनेल या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त फाइलें भी हो सकती हैं।

इस ऐप का उपयोग करते समय किन अनुमतियों और गोपनीयता बातों का ध्यान रखना चाहिए?

फोटो रिकवरी, ऑल रिकवरी को तस्वीरों, मीडिया और फाइलों तक पहुंच की अनुमति चाहिए, क्योंकि इन्हीं स्थानों को स्कैन करके ऐप संभावित रूप से रिकवर होने वाली सामग्री ढूंढता है। अनुमति देने से पहले ऐप की प्राइवेसी नीति और डेवलपर की जानकारी पढ़ें। संवेदनशील तस्वीरों वाले फोन पर अनावश्यक अनुमतियां न दें और रिकवर की गई फाइलों को सुरक्षित स्थान पर ही सेव करें।

रिकवर की गई तस्वीरें कहां सेव होती हैं और बेहतर परिणाम के लिए क्या करना चाहिए?

रिकवर की गई तस्वीरें आमतौर पर ऐप द्वारा चुने गए फोल्डर, Pictures, DCIM या किसी नए रिकवरी फ़ोल्डर में सेव की जाती हैं। परिणाम बेहतर करने के लिए फोटो डिलीट होने के तुरंत बाद फोन का उपयोग कम करें, नई फाइलें डाउनलोड न करें और रिकवरी आउटपुट को उसी स्टोरेज पर सेव करने के बजाय SD कार्ड या क्लाउड जैसे अलग स्थान पर रखें।

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