Desh Hindi Keyboard

4.6 प्रॉडक्टिविटी 6 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

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स्क्रीनशॉट्स

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खूबियाँ

  • हिंदी
  • हिंग्लिश और अंग्रेज़ी के बीच आसानी से टाइपिंग बदलें।
  • वॉइस टाइपिंग से तेज़ी से संदेश लिखने की सुविधा मिलती है।
  • इमोजी
  • स्टिकर और GIF चैट को अधिक अभिव्यंजक बनाते हैं।
  • कई रंगीन थीम और कीबोर्ड लेआउट उपलब्ध हैं।
  • कमज़ोर इंटरनेट कनेक्शन में भी बुनियादी टाइपिंग काम करती है।

कमियाँ

  • कुछ उन्नत सुविधाओं के लिए इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक हो सकता है।
  • ऑटो-करेक्शन कभी-कभी हिंदी शब्दों को गलत बदल देता है।
  • विज्ञापन मुफ्त अनुभव के दौरान परेशान कर सकते हैं।
  • अधिक थीम और सामग्री डाउनलोड करने पर स्टोरेज बढ़ सकता है।
  • नए उपयोगकर्ताओं को सेटअप और अनुमति विकल्प समझने में समय लगता है।
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Mobexer विश्लेषणकर्ता Mobexer

अगर आप रोज़ हिंदी और अंग्रेज़ी के बीच बदलते रहते हैं, तो कीबोर्ड का चुनाव सिर्फ सुंदर इमोजी या स्टिकर तक सीमित नहीं रहता। सही कीबोर्ड वह होता है जो बातचीत के बीच रुकावट न बने, देवनागरी लिखने में भरोसा दे और अंग्रेज़ी टाइपिंग को भी असहज न करे। मैंने Desh Hindi Keyboard को इसी रोज़मर्रा के दृष्टिकोण से देखा: यह Desh Keyboard का निःशुल्क प्रॉडक्टिविटी ऐप है, जिसे हिंदी और अंग्रेज़ी में लिखने के लिए बनाया गया है। इसमें स्टिकर, इमोजी और GIF जैसी अभिव्यक्ति वाली चीज़ें भी शामिल हैं, इसलिए इसका उद्देश्य केवल अक्षर दर्ज करना नहीं, बल्कि चैटिंग के पूरे अनुभव को एक जगह रखना है।

पहली नज़र में इसका सबसे बड़ा आकर्षण उन लोगों के लिए है जो रोमन अक्षरों में हिंदी लिखते-लिखते थक चुके हैं या बातचीत के अनुसार लिपि बदलना चाहते हैं। मेरे लिए इसका मूल्य इस बात में है कि यह हिंदी को किसी अलग, भारी प्रक्रिया की तरह पेश नहीं करता। फिर भी, हर उपयोगकर्ता के लिए यह अपने-आप सही चुनाव नहीं बन जाता। अगर आपकी प्राथमिकता केवल अत्यंत सादा अंग्रेज़ी कीबोर्ड, न्यूनतम दृश्य विकल्प या किसी खास पेशेवर टाइपिंग व्यवस्था की है, तो आपको कुछ समझौते करने पड़ सकते हैं।

रोज़मर्रा की टाइपिंग में गति का अनुभव

कीबोर्ड की गति का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि अक्षर कितनी जल्दी स्क्रीन पर आते हैं। असली फर्क उस समय दिखता है जब मुझे हिंदी वाक्य लिखते हुए शब्दों को बार-बार सुधारना न पड़े। Desh Hindi Keyboard का मूल विचार इसी सुविधा पर टिका है कि हिंदी और अंग्रेज़ी के बीच काम करने के लिए मुझे हर बार अलग ऐप या अस्थायी उपाय न खोजना पड़े। छोटी बातचीत, सोशल पोस्ट, खोज बॉक्स और सामान्य संदेशों में यह कार्यप्रवाह स्वाभाविक महसूस होता है।

हिंदी लिखने वाले नए उपयोगकर्ता के लिए शुरुआत में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि देवनागरी अक्षर कैसे चुने जाएँ। यदि कोई व्यक्ति हिंदी ध्वनियों को अंग्रेज़ी अक्षरों में लिखने का आदी है, तो उसे सीधे हिंदी लिपि में जाने में थोड़ा समय लग सकता है। मेरी सलाह है कि पहले छोटे वाक्यों से अभ्यास करें और लगातार लिपि बदलने के बजाय एक ही संदेश में एक भाषा का प्रवाह बनाए रखें। इससे सुधार कम करना पड़ता है और उंगलियों को लेआउट की आदत जल्दी होती है।

अंग्रेज़ी और हिंदी को एक ही बातचीत में मिलाने वालों के लिए इसका लाभ अधिक स्पष्ट है। परिवार के समूह में मैं हिंदी में जवाब दे सकता हूँ, फिर किसी काम से जुड़ा शब्द अंग्रेज़ी में लिख सकता हूँ, और उसके बाद इमोजी या GIF जोड़ सकता हूँ। इस तरह बार-बार कॉपी-पेस्ट करने या अलग इनपुट साधन खोलने की जरूरत घटती है। तेज़ टाइपिंग का असली लाभ कम टैप नहीं, बल्कि कम रुकावट है।

हालाँकि, गति हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होगी। जो उपयोगकर्ता पहले से किसी दूसरे हिंदी कीबोर्ड के लेआउट और सुझाव प्रणाली में बहुत सहज हैं, उन्हें बदलाव के बाद शुरुआती दिनों में धीमापन महसूस हो सकता है। कीबोर्ड बदलने का मतलब केवल नया रंग या नया बटन सीखना नहीं है; उंगलियों की आदत, शब्द चुनने का तरीका और सुधार करने की लय भी बदलती है। इसलिए इसे स्थापित करते ही पुराने कीबोर्ड से तत्काल तेज़ होने की उम्मीद रखना उचित नहीं होगा।

लंबे संदेशों और व्यस्त चैट में व्यवहार

छोटे संदेशों में लगभग हर अच्छा कीबोर्ड ठीक लग सकता है। असली परीक्षा तब होती है जब मुझे किसी सहकर्मी को लंबा हिंदी अपडेट भेजना हो, किसी पोस्ट का कैप्शन तैयार करना हो या परिवार के समूह में कई संदेश लगातार लिखने हों। ऐसे समय में स्क्रीन पर उपलब्ध जगह, शब्दों को जल्दी सुधारने की सुविधा और भाषा बदलने का सहज तरीका बहुत मायने रखता है। Desh Hindi Keyboard का हिंदी-केंद्रित उद्देश्य ऐसे उपयोग में इसे सामान्य अंग्रेज़ी कीबोर्ड से अधिक प्रासंगिक बनाता है।

मैं लंबे पाठ के लिए एक व्यावहारिक तरीका अपनाने की सलाह दूँगा: पहले पूरा वाक्य लिखें, फिर भेजने से पहले एक बार पढ़ें। हर शब्द पर तुरंत सुधार करने से प्रवाह टूटता है, खासकर तब जब हिंदी और अंग्रेज़ी साथ चल रही हों। इमोजी और GIF को भी संदेश लिखने के बाद चुनना बेहतर रहता है। पहले अभिव्यक्ति वाली सामग्री खोजने लगने पर मूल वाक्य का क्रम टूट सकता है और टाइपिंग धीमी लग सकती है।

यह ऐप उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जो हिंदी में ऑनलाइन खरीदारी की खोज, स्थानीय सेवाओं के संदेश, स्कूल या परिवार से जुड़े संवाद और सोशल मीडिया लेखन करते हैं। एक ही कीबोर्ड में भाषा और दृश्य अभिव्यक्ति के विकल्प मिलने से रोज़ के छोटे कामों में मानसिक बदलाव कम होता है। इसके विपरीत, अगर आपका उपयोग लगभग पूरा समय अंग्रेज़ी कोड, तकनीकी कमांड या बहुत सटीक विशेष वर्ण लिखने में जाता है, तो हिंदी-केंद्रित अनुभव आपके लिए अतिरिक्त हो सकता है।

इमोजी, स्टिकर और GIF का व्यावहारिक संतुलन

स्टिकर, इमोजी और GIF केवल सजावट नहीं हैं; चैट में वे भाव, सहमति या मज़ाक को जल्दी व्यक्त कर सकते हैं। Desh Hindi Keyboard इन्हें टाइपिंग अनुभव के साथ रखता है, इसलिए मुझे बातचीत के दौरान अलग ऐप में जाकर सामग्री खोजने की जरूरत कम महसूस होती है। दोस्तों या परिवार के साथ हल्की बातचीत में यह सुविधा उपयोगी है, विशेषकर तब जब एक छोटा दृश्य उत्तर लंबे वाक्य से बेहतर काम करता है।

लेकिन यही हिस्सा कुछ उपयोगकर्ताओं को भारी भी लग सकता है। जो लोग सादा इंटरफ़ेस पसंद करते हैं, उनके लिए अतिरिक्त सामग्री के विकल्प ध्यान भटका सकते हैं। कामकाजी संदेश लिखते समय मैं पहले पाठ पूरा करने और फिर जरूरत हो तो इमोजी जोड़ने को बेहतर मानता हूँ। अगर आपका लक्ष्य तेज़, साफ़ और औपचारिक लेखन है, तो सजावटी विकल्पों को कम इस्तेमाल करना अनुभव को अधिक नियंत्रित रखेगा।

एक और उपयोगी आदत यह है कि GIF या स्टिकर चुनने से पहले संदेश का संदर्भ देखें। निजी चैट में मज़ेदार प्रतिक्रिया ठीक हो सकती है, लेकिन ग्राहक, शिक्षक या कार्यालयी समूह में वही चुनाव असंगत लग सकता है। ऐप आपको विकल्प देता है; अच्छा परिणाम इस बात पर निर्भर करता है कि आप उन्हें कब इस्तेमाल करते हैं।

स्थिरता, भरोसा और अटकने के बाद वापसी

कीबोर्ड किसी भी फोन पर सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले इनपुट साधनों में से एक है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे किसी भी ऐसे ऐप में तीन बातें देखनी होती हैं: क्या भाषा बदलते समय प्रवाह बना रहता है, क्या लंबे उपयोग में अनुभव अस्थिर महसूस होता है, और अगर किसी क्षण कीबोर्ड उपलब्ध न हो तो क्या मैं जल्दी सामान्य स्थिति में लौट सकता हूँ। Desh Hindi Keyboard का मूल्यांकन करते समय यही बातें इसकी इमोजी या GIF सुविधाओं से अधिक महत्वपूर्ण लगती हैं।

स्थिरता के मामले में उपयोगकर्ता का फोन, चल रहे ऐप और उपलब्ध सिस्टम संसाधन अनुभव को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए किसी एक उपकरण पर महसूस हुई गति को हर फोन पर समान मानना ठीक नहीं होगा। नए या सामान्य उपयोग वाले फोन पर रोज़मर्रा की चैट के लिए यह एक व्यावहारिक विकल्प लगता है, लेकिन बहुत पुराने उपकरण पर अतिरिक्त दृश्य सामग्री और भाषा संबंधी काम के कारण प्रतिक्रिया अलग महसूस हो सकती है।

अगर कीबोर्ड अचानक बदल जाए, दिखाई न दे या किसी ऐप में सही तरह सक्रिय न हो, तो घबराने के बजाय सिस्टम की इनपुट सेटिंग में जाकर उपलब्ध कीबोर्ड की जाँच करना सबसे सीधा उपाय है। अपने पुराने कीबोर्ड को तुरंत हटाने के बजाय कुछ समय वैकल्पिक रूप में रखना समझदारी है। इससे किसी जरूरी संदेश, पासवर्ड या खोज के समय वापसी का रास्ता बना रहता है। यह सलाह खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो पहली बार नया हिंदी कीबोर्ड आज़मा रहे हैं।

पासवर्ड और संवेदनशील जानकारी के लिए मैं किसी भी तृतीय-पक्ष कीबोर्ड के साथ सावधानी बरतता हूँ। बैंकिंग, पहचान संबंधी जानकारी या निजी कोड लिखते समय यदि फोन या ऐप अलग इनपुट विकल्प देता है, तो उस संदर्भ में अधिक नियंत्रित तरीका चुनना बेहतर है। यह Desh Hindi Keyboard पर आरोप नहीं है; यह कीबोर्ड ऐप्स के सामान्य उपयोग से जुड़ी व्यावहारिक सावधानी है। सुविधा और गोपनीयता के बीच संतुलन हर उपयोगकर्ता को अपनी जरूरत के अनुसार तय करना चाहिए।

पुराने फोन और सीमित संसाधनों वाले उपकरण

यह ऐप एंड्रॉयड के 6.0 या उसके बाद के संस्करण पर चलता है, इसलिए इसका लक्षित आधार केवल बहुत नए फोन तक सीमित नहीं है। फिर भी ऑपरेटिंग सिस्टम का समर्थन होना और हर पुराने फोन पर समान सहजता मिलना अलग बातें हैं। यदि आपके फोन में पहले से स्टोरेज कम है, कई ऐप पृष्ठभूमि में चलते रहते हैं या स्क्रीन पर प्रतिक्रिया धीमी है, तो GIF और स्टिकर जैसे अतिरिक्त हिस्सों का उपयोग संयम से करना बेहतर रहेगा।

कम क्षमता वाले फोन पर मेरा व्यावहारिक सुझाव है कि पहले इसे केवल हिंदी-अंग्रेज़ी टाइपिंग के लिए इस्तेमाल करें। कुछ दिनों बाद अपनी जरूरत के अनुसार इमोजी, स्टिकर और GIF जोड़ें। इससे आपको पता चलेगा कि वास्तविक धीमापन कीबोर्ड से जुड़ा है या फोन के पूरे प्रदर्शन से। हर समस्या का समाधान ऐप बदलना नहीं होता; कभी-कभी पृष्ठभूमि में चल रहे दूसरे ऐप, भरी हुई स्टोरेज या पुराने सिस्टम का प्रभाव अधिक बड़ा होता है।

जो उपयोगकर्ता बहुत लंबे दस्तावेज़ लिखते हैं, उन्हें मोबाइल कीबोर्ड की सीमाएँ ध्यान में रखनी चाहिए। Desh Hindi Keyboard चैट, छोटे नोट, खोज और सामाजिक लेखन के लिए अधिक स्वाभाविक है। कई पन्नों के लेख, जटिल संपादन या लगातार पेशेवर लेखन के लिए भौतिक कीबोर्ड या बड़े स्क्रीन वाला लेखन साधन अधिक आरामदायक रहेगा। यह ऐप उस अनुभव का विकल्प नहीं, बल्कि चलते-फिरते हिंदी-अंग्रेज़ी इनपुट का सुविधाजनक माध्यम है।

किसके लिए यह सही चुनाव है

मेरे विचार से यह ऐप उन उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे अच्छा बैठता है जो हिंदी में नियमित चैट करते हैं, अंग्रेज़ी और देवनागरी के बीच आते-जाते हैं और बातचीत में इमोजी या GIF का इस्तेमाल भी करते हैं। हिंदी सीख रहे व्यक्ति को भी इसमें अभ्यास का अवसर मिल सकता है, क्योंकि वह रोमन हिंदी से धीरे-धीरे देवनागरी लेखन की ओर बढ़ सकता है। परिवार, स्थानीय व्यवसाय, छात्र जीवन और सोशल मीडिया जैसे संदर्भों में इसका उपयोग स्पष्ट और व्यावहारिक है।

इसकी लोकप्रियता भी छोटी नहीं है: इसे 10 मिलियन से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है, और इसे मिलने वाली औसत रेटिंग 4.6 है। ये संकेत बताते हैं कि बहुत से लोग इसे उपयोगी पाते हैं, लेकिन इन्हें व्यक्तिगत अनुभव का विकल्प नहीं मानना चाहिए। आपकी भाषा की आदत, फोन की क्षमता और सादगी या अभिव्यक्ति में आपकी प्राथमिकता अंतिम निर्णय को अधिक प्रभावित करेगी।

जो लोग केवल अंग्रेज़ी में लिखते हैं, किसी खास तकनीकी लेआउट पर निर्भर हैं या कीबोर्ड में कोई अतिरिक्त सामग्री नहीं चाहते, वे किसी हल्के विकल्प से अधिक संतुष्ट हो सकते हैं। इसी तरह, यदि आपको अत्यंत विशिष्ट संपादन नियंत्रण, पेशेवर लेखन सुविधाएँ या किसी अन्य भाषा का गहरा समर्थन चाहिए, तो हिंदी-केंद्रित यह ऐप आपकी पहली पसंद नहीं होना चाहिए। किसी ऐप का अच्छा होना और आपके लिए सही होना एक ही बात नहीं है।

कीमत, संस्करण और शुरुआत से पहले ध्यान देने योग्य बातें

Desh Hindi Keyboard मुफ्त में उपलब्ध है, इसलिए इसे आज़माने की शुरुआती बाधा कम है। ऐप में खरीदारी की सुविधा भी है, जिसमें अलग-अलग वस्तुओं की कीमत ₹20 से ₹1,440 तक हो सकती है। मेरे लिए इसका मतलब यह है कि मूल उपयोग शुरू करने से पहले भुगतान की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अतिरिक्त सामग्री या विकल्प चुनते समय खरीद स्क्रीन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। मुफ्त डाउनलोड को हमेशा पूरी तरह बिना खर्च वाला अनुभव मान लेना सही नहीं होगा।

यह ऐप 29 अगस्त 2017 को जारी हुआ था और इसका वर्तमान संस्करण 17.5.1 है। लंबे समय से उपलब्ध होना उन उपयोगकर्ताओं को भरोसा दे सकता है जो बिल्कुल नए प्रयोग से बचना चाहते हैं। फिर भी अपडेट के बाद लेआउट या व्यवहार में बदलाव आ सकता है, इसलिए यदि आपकी टाइपिंग किसी काम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, तो बड़े बदलाव के बाद कुछ सामान्य संदेश लिखकर जाँच कर लेना अच्छा अभ्यास है।

इसे 3 वर्ष और उससे अधिक आयु के उपयोगकर्ताओं के लिए रेट किया गया है। इसका अर्थ यह है कि यह सामान्य पारिवारिक और रोज़मर्रा के उपयोग के संदर्भ में रखा गया है, लेकिन बच्चों के लिए फोन इस्तेमाल की निगरानी अलग विषय है। GIF, स्टिकर और ऑनलाइन बातचीत के कारण अभिभावकों को ऐप से अधिक पूरे डिवाइस और चैट संदर्भ पर ध्यान देना चाहिए।

स्थापना के बाद मैं पहले हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में छोटे वाक्य लिखने, फिर भाषा बदलने और अंत में इमोजी या GIF आज़माने की सलाह दूँगा। इससे आपको तुरंत पता चल जाएगा कि लेआउट आपकी उंगलियों के अनुकूल है या नहीं। यदि आप रोज़ हिंदी लिखते हैं, तो शुरुआत में गति से अधिक शुद्धता पर ध्यान दें; कुछ दिनों की नियमित आदत के बाद ही निष्पक्ष तुलना करें।

मेरी अंतिम राय: सुविधा मजबूत, चुनाव उपयोग पर निर्भर

मेरे अनुभव के आधार पर Desh Hindi Keyboard हिंदी-अंग्रेज़ी टाइपिंग को रोज़मर्रा की चैट के करीब लाने वाला उपयोगी ऐप है। इसकी ताकत किसी एक चमकदार फीचर में नहीं, बल्कि भाषा बदलने, हिंदी लिखने और बातचीत में दृश्य अभिव्यक्ति जोड़ने वाले संयुक्त कार्यप्रवाह में है। अगर आप परिवार, दोस्तों, पढ़ाई या सोशल मीडिया में हिंदी का नियमित उपयोग करते हैं, तो इसे आज़माने का ठोस कारण है।

मैं इसे हर फोन और हर लेखक के लिए पूर्ण समाधान नहीं कहूँगा। पुराने या सीमित संसाधनों वाले उपकरण पर आपको अतिरिक्त सामग्री का इस्तेमाल नियंत्रित रखना पड़ सकता है। बहुत सादा अंग्रेज़ी इनपुट चाहने वाले या पेशेवर लंबे लेख लिखने वाले उपयोगकर्ता किसी दूसरे प्रकार के साधन से बेहतर परिणाम पा सकते हैं। इसी तरह, संवेदनशील जानकारी लिखते समय सामान्य कीबोर्ड-सावधानियाँ बनाए रखना जरूरी है।

फिर भी, हिंदी में सहजता और चैटिंग की अभिव्यक्ति दोनों चाहिए हों, तो यह एक मजबूत मुफ्त शुरुआती विकल्प है। मेरी सिफारिश है कि इसे कुछ दिनों तक वास्तविक बातचीत में आज़माएँ, न कि केवल सेटिंग स्क्रीन देखकर निर्णय लें। यदि आपके संदेशों में हिंदी और अंग्रेज़ी स्वाभाविक रूप से साथ आती हैं, तो Desh Keyboard का यह ऐप आपके फोन पर रोज़ इस्तेमाल होने वाले साधनों में जगह बना सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Desh Hindi Keyboard क्या है और यह किसके लिए उपयोगी है?

Desh Hindi Keyboard एक हिंदी टाइपिंग ऐप है, जिसकी मदद से आप मोबाइल पर हिंदी में संदेश, सोशल मीडिया पोस्ट, ईमेल और अन्य टेक्स्ट लिख सकते हैं। यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी है जो अंग्रेज़ी कीबोर्ड से हिंदी लिखना चाहते हैं, लेकिन हिंदी अक्षरों का लेआउट याद नहीं रखना चाहते। ऐप आमतौर पर रोमन हिंदी को देवनागरी में बदलने और हिंदी-अंग्रेज़ी के बीच जल्दी स्विच करने की सुविधा देता है।

क्या Desh Hindi Keyboard में हिंदी टाइप करना आसान है?

ऐप का मुख्य आकर्षण इसका सरल टाइपिंग अनुभव है। आप अंग्रेज़ी अक्षरों में शब्द लिखकर हिंदी सुझाव प्राप्त कर सकते हैं, जिससे शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए देवनागरी टाइप करना आसान हो जाता है। फिर भी, सुझावों की सटीकता आपके शब्दों, उच्चारण और वाक्य के संदर्भ पर निर्भर कर सकती है। नियमित उपयोग के बाद व्यक्तिगत शब्द-सुझाव और टाइपिंग गति बेहतर महसूस हो सकती है।

क्या Desh Hindi Keyboard सुरक्षित है और यह कौन-सी अनुमतियाँ मांगता है?

किसी भी थर्ड-पार्टी कीबोर्ड को सक्रिय करने से पहले उसकी अनुमतियों और गोपनीयता नीति को ध्यान से पढ़ना आवश्यक है। कीबोर्ड ऐप तकनीकी रूप से आपके द्वारा टाइप किए गए टेक्स्ट को प्रोसेस कर सकता है, इसलिए संवेदनशील पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या निजी संदेश लिखते समय सावधानी रखें। डाउनलोड करने से पहले केवल आधिकारिक स्टोर से ऐप इंस्टॉल करें और अनावश्यक अनुमतियों को स्वीकार न करें।

क्या Desh Hindi Keyboard ऑफलाइन काम करता है?

Desh Hindi Keyboard की कई बुनियादी टाइपिंग सुविधाएँ डिवाइस पर उपलब्ध भाषा संसाधनों के आधार पर ऑफलाइन चल सकती हैं, लेकिन सभी फीचर हर स्थिति में बिना इंटरनेट के काम करें, यह जरूरी नहीं है। ऑनलाइन सुझाव, अपडेट, विज्ञापन, क्लाउड-आधारित अनुवाद या अतिरिक्त भाषा पैक के लिए इंटरनेट की आवश्यकता हो सकती है। यात्रा या सीमित डेटा वाले उपयोगकर्ता ऐप की सेटिंग में ऑफलाइन व्यवहार पहले जांच लें।

क्या Desh Hindi Keyboard Android और iPhone दोनों पर उपलब्ध है?

Desh Hindi Keyboard की उपलब्धता आपके क्षेत्र, डिवाइस और संबंधित ऐप स्टोर पर निर्भर कर सकती है। Android उपयोगकर्ताओं को Google Play Store और iPhone उपयोगकर्ताओं को Apple App Store पर ऐप का आधिकारिक नाम, डेवलपर और हाल के अपडेट देखकर डाउनलोड करना चाहिए। इंस्टॉल करने से पहले सिस्टम आवश्यकताएँ, उपयोगकर्ता समीक्षाएँ, विज्ञापन, इन-ऐप खरीदारी और कीबोर्ड सक्रिय करने की प्रक्रिया अवश्य जांचें।

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